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    Earthquake: भारत में बारिश के साथ-साथ भूकंप के जोरदार झटके, सहमे लोग

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    जम्मू (एजेंसी)। Earthquake: जम्मू एवं कश्मीर के डोडा जिले में सोमवार सुबह पांच मिनट के अंतराल पर दो बार हल्के भूकंप के झटके महसूस किये गये। अधिकारियों ने आज यहां बताया कि सुबह 0538 मिनट पर आये भूंपक की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.9 मापी गई। have rain today

    Earthquake  का केंद्र 33.15 डिग्री अक्षांश और 75.68 डिग्री देशांतर पर गहराई 10 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। इस बीच, सुबह 0543 बजे आये दूसरे भूकंप की रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 3.6 मापी गई। भूकंप का केंद्र 33.15 डिग्री अक्षांश और 75.7 डिग्री देशांतर पर आठ किलोमीटर की गहराई में स्थित था। उन्होंने बताया कि उधमपुर, जम्मू और श्रीनगर शहरों में भी हल्के झटके महसूस किये गये है। डोडा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भूकंप के कारण अब तक किसी के घायल होने या किसी नुकसान की सूचना नहीं है।

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    भूकंप के दौरान ऐसा करने से बचें | Earthquake

    • – भूकंप के दौरान लिफ्ट का इस्तेमाल न करें।
    • – बाहर जाने के लिए लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करें।
    • – कहीं फंस गए हों तो दौड़ें नहीं।
    • – अगर गाड़ी या कोई भी वाहन चला रहे हो तो उसे फौरन रोक दें।
    • – वाहन चला रहे हैं तो पुल से दूर सड़क के किनारे गाड़ी रोक लें।
    • – भूकंप आने पर तुरंत सुरक्षित और खुले मैदान में जाएं।
    • – भूकंप आने पर खिड़की, अलमारी, पंखे आदि ऊपर रखे भारी सामान से दूर हट जाएं।

    क्या होता है रिक्टर स्केल | Earthquake

    भूकंप के समय भूमि में हुई कंपन को रिक्टर स्केल या मैग्नीट्यूड कहा जाता है। रिक्टर स्केल का पूरा नाम रिक्टर परिणाम परीक्षण ( रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल ) है। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर जितनी ज्यादा होती है, भूमि में उतना ही अधिक कंपन होता है। जैसे-जैसे भूकंप की तीव्रता बढ़ती है नुकसान भी ज्यादा होता है। जैसे रिक्टर स्केल पर 8 की तीव्रता वाला भूकंप ज्यादा नुकसान करेगा। वहीं 3 या 4 की तीव्रता वाला भूकंप हल्का होगा।

    •  0 से 1.9 की तीव्रता वाले भूकंप का पता सिर्फ सीज्मोग्राफ से ही चलता है।
    •  2 से 2.9 की तीव्रता वाले भूकंप से सिर्फ हल्की कंपन होती है।
    •  3 से 3.9 की तीव्रता वाले भूकंप के दैरान ऐसा लगता की कोई ट्रक आपके बगल से गुजरा हो।
    •  4 से 4.9 की तीव्रता वाला भूकंप खिड़कियां तोड़ सकता हैं।
    •  5 से 5.9 की तीव्रता पर घर का सामान हिल सकता है।
    •  6 से 6.9 की तीव्रता वाले भूकंप से इमारतों की नींव में दरार आ सकती है।
    •  7 से 7.9 की तीव्रता वाला भूकंप इमारतों को गिरा सकता है।
    •  8 से 8.9 की तीव्रता वाला भूकंप आने पर बड़े पुल भी गिर सकते हैं।
    •  9 से ज्यादा की तीव्रता वाले भूकंप पूरी तरह से तबाही मचा सकते हैं।
    • अगर समंदर नजदीक हो तो सुनामी भी आ सकती है।

    तीस घंटों से इंद्रदेव का प्रकोप जारी, नदी-नालों, खड्डो ने धारण किया रौद्र रूप | have rain today

    हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में पिछले 30 घंटे से हो रही बारिश के चलते हालात बद से बदतर होते जा रहे है। खड्डे और नाले उफान पर है। वहीं 75 सहायक खड्डो और नालों से मिलकर बहने वाली स्वां नदी ने भी रौद्र रूप धारण कर लिया है। सभी क्षेत्रों में हालत यह है कि घर, दुकान, व्यापारिक प्रतिष्ठान, खेत, सड़कें, मैदान हर तरफ जलमग्न है। घरों तथा दुकानों में जलभराव के चलते कईयों की नींद उड़ गई और लोग रात-रात भर पानी को निकालने में डटे रहे।

    हालत ऐसी है कि बाढ़ के खतरे को देखकर कई जगह पर लोगों ने रात भर पहरा देकर काटी है। वहीं, सड़कों पर भी जलभराव ने यातायात को बाधित किया। कई क्षेत्रों में सड़कों पर पानी के तेज बहाव के चलते यातायात व्यवस्था बाधित हुई और दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी लाइनें लग गई।

    शहर हो या गांव हर जगह बरसाती पानी ने जमकर तबाही मचाई है। एक ओर अग्निशमन विभाग की टीमें दिनभर गाड़ियां लेकर लोगों के घरों और दुकानों से बरसाती पानी निकालने में जुटे रही तो दूसरी तरफ स्थानीय लोग भी अपने अपने स्तर पर राहत के कार्यों में लगे हुए है। स्थानीय लोगों की माने तो शनिवार से लगातार हो रही इस बार बारिश ने बहुत कहर बरपाया है। हर जगह तबाही ही तबाही नजर आ रही है। वहीं डी राघव शर्मा ने भारी मुसीबत को देखते हुए अधिकारियों के साथ आपात बैठक बुलाकर नुकसान की समीक्षा की।

    बचाव कार्यो को लेकर भी निर्देश जारी किए गए। उपायुक्त ने बताया कि जिला आपदा प्रबंधन का हेल्पलाइन नंबर 1077 आॅपरेशनल है और कोई भी व्यक्ति आपात स्थिति में इस नंबर पर फोन करके मदद मांग सकता है। अभी तक जिला प्रशासन के पास 57 कॉल मदद के लिए आ चुके हैं, जबकि जिला मुख्यालय के समीप रामपुर और नंगड़ा में कुछ लोगों को रेस्क्यू भी किया गया है। डीसी ने कहा कि बारिश के ऐसे हालातों के बीच कोई भी व्यक्ति नदी नालों के समीप बिल्कुल भी न जाए।

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