हमसे जुड़े

Follow us

17.9 C
Chandigarh
Sunday, February 22, 2026
More
    Home राज्य पंजाब शिक्षा मंत्री...

    शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को विभाग की कार्यप्रणाली संबंधी जारी किए आदेश

    Education Minister, Orders, Officer, Functioning, Department, Punjab

    शिक्षा से जुड़ा है देश का भविष्य, कोताही बर्दास्त नहीं होगी

    • सीईओ, डीईओ को बैठक में बेहतर परिणाम देने की चुनौती कबूल करने के लिए कहा
    • विभाग से संबंधित डाटा समय के साथ-साथ अपडेट रखने के लिए कहा

    मोहाली (सच कहूँ न्यूज)। शिक्षा मंत्री अरूणा चौधरी ने विभाग के समस्त अधिकारियों को सख्ती बरतते हुए निर्देश जारी किए कि शिक्षा विभाग राष्ट्र के भविष्य बच्चों से जुड़ा हुआ है और इसीलिए इससे जुड़े अधिकारियों को अपनी जिम्मेवारी एवं जवाबदेही तय करनी होगी और ढीली एवं सुस्त कारगुजारी सहन नहीं की जाएगी।

    बैठक में दिए आदेश

    इस दौरान उन्होंने विभाग की कार्यप्रणाली में तेजी लाकर कामकाज में देरी समाप्त करने, भ्रष्टाचार मुक्त पारदर्शी सेवाएं देने एवं परिणामजनक कार्य करते हुए बेहतर कारगुजारी दिखाने के आदेश दिए। उन्होंने यह निर्देश पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड मोहाली परिसर में विभाग के मुख्यालय स्थित समस्त अधिकारियों व क्षेत्र में तैनात समस्त मंडल एवं जिला शिक्षा अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यालय के अधिकारी तथा जिला शिक्षा अधिकारी शिक्षा विभाग का मुख्य केंद्र हैं और उनको बेहतर कार्य दिखाने की चुनौती कबूल करते हुये प्रशासनिक कारगुजारी दिखाने के साथ स्कूलों में बेहतर शिक्षा देने के लिये पहलकदमियां करनी पड़ेंगी।

    उच्च अधिकारियों की भी मानें

    शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि नीतिगत फैसलों संबंधी विभाग का कोई भी अधिकारी चाहे वह मुख्यालय या क्षेत्र में तैनात हो, कोई भी पत्र जारी करने से पूर्व उच्च अधिकारियों की स्वीकृति अवश्य लें। उन्होंने कहा कि बच्चों से जुड़े होने के कारण शिक्षा विभाग का हर कामकाज बहुत संवेदनशील है और इसको करते हुए कोई भी लापरवाही ना की जाये। उन्होंने कहा कि विभाग से संबंधित फील्ड में से किसी भी प्रकार का डाटा एकत्र करने के लिये कभी भी स्कूलों को एकदम निर्देश जारी कर अनावश्यक दबाव ना डाला जाये।

    परिणामों पर जताई चिंता

    शिक्षा मंत्री ने पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा हाल ही में घोषित परिणामों में ग्रेस अंक ना देने के फैसले को बड़ा मानते हुएकहा कि गुणात्मक शिक्षा के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये यह बढिया रूझान हैं जिसके साथ विद्यार्थी को अपनी वास्तविक काबलियत का पता लगेगा। इसके साथ ही कोई भी विद्यार्थी अपनी काबलियत अनुसार अपने भविष्य का सही फैसला ले सक ने में सक्षम हो सकेगा।

    अदालती आदेशों की उल्लंघना नहीं

    अतिरिक्त मुख्य सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. जी वजरालिंगम ने बोलते हुए कहा कि किसी भी अध्यापक, कर्मचारी या सेवा निवृत कर्मचारी से संबंधित कोई भी कार्य हो, वह अपने स्तर पर पूरा कर लिया जाए और उनको किसी भी कार्य के लिए मुख्यालय ना आना पड़े। उन्होंने अदालती मामलों को गंभीरतापूर्वक लेते हुये कहा कि यदि किसी भी अधिकारी की लापरवाही के कारण अदालती आदेशों की उल्लंघना होती है तो संबंधित अधिकारी विरूद्ध कठोर कार्रवाई होगी।

    Hindi News से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।