
बहादुरगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)। Haryana Government: शहर की अवैध कॉलोनियों में रहने वाले हजारों परिवारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। नगर परिषद द्वारा 11 ऐसी कॉलोनियों की सूची और ड्राफ्ट प्लान तैयार किया गया है, जो सरकार की निर्धारित नीति और नियमों पर खरा उतर रही हैं। जिला स्तर पर प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अब फाइल शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय के महानिदेशक के पास अंतिम स्वीकृति के लिए भेजी जा रही है। जानकारी के अनुसार करीब 78 एकड़ क्षेत्रफल में फैली इन कॉलोनियों को वैध किया जाएगा। स्वीकृति मिलते ही यहां बुनियादी विकास कार्यों की शुरूआत कर दी जाएगी।
इन कॉलोनियों को किया गया प्रस्ताव में शामिल | Haryana Government
नगर परिषद की ओर से तैयार प्रस्ताव में जिन कॉलोनियों को शामिल किया गया है, उनमें शामिल हैं:
मामन विहार
छिकारा कॉलोनी
बीएसएम स्कूल के पीछे व ओमेक्स के पास की कॉलोनी
जीडी एंड डिफेंस कॉलोनी (कसार रोड के निकट)
बीएसएम स्कूल कॉलोनी पार्ट-2
बादली रोड के पास की कॉलोनी
लाइनपार क्षेत्र की शीतला माता कॉलोनी
न्यू सुभाष नगर कॉलोनी
सुभाष नगर एक्सटेंशन
सुभाष नगर पार्ट-2
विकास नगर एक्सटेंशन
छोटूराम नगर एक्सटेंशन पार्ट-3
इन कॉलोनियों को सरकार की नीति के तहत आवश्यक मापदंडों को पूरा करने के आधार पर शामिल किया गया है।
जिला स्तर से मिल चुकी है मंजूरी
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अरूण नांदल ने बताया कि निदेशालय के दिशा-निदेर्शों के अनुरूप प्रस्ताव तैयार किया गया है। वैध कॉलोनियों में छूटे हुए पैच और वे अवैध कॉलोनियां जो नियमों पर खरी उतरती हैं, उन्हें इस सूची में शामिल किया गया है।
उन्होंने बताया कि जिला नगर योजनाकार और डीएमसी स्तर पर प्रस्ताव को स्वीकृति मिल चुकी है और अब इसे अंतिम मंजूरी के लिए निदेशालय भेजा गया है। Haryana Government
स्वीकृति के बाद शुरू होंगे विकास कार्य
नगर परिषद का कहना है कि जैसे ही अंतिम अप्रूवल मिलेगा, संबंधित कॉलोनियों में सड़क, सीवर, पेयजल और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं के विकास कार्य शुरू कर दिए जाएंगे। इससे पहले वैध घोषित की जा चुकी कॉलोनियों में भी विकास कार्य प्रगति पर हैं।
हजारों परिवारों को मिलेगा सीधा लाभ
इन कॉलोनियों के वैध होने से वहां रहने वाले हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। संपत्ति का कानूनी दर्जा मिलने से लोगों को न केवल बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि बैंक लोन, रजिस्ट्री और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी आसानी से मिल सकेगा।
शहर के विकास की दिशा में यह कदम अहम माना जा रहा है, जिससे अव्यवस्थित बस्तियों को योजनाबद्ध ढंग से विकसित किया जा सकेगा और नागरिकों का जीवन स्तर बेहतर होगा।














