हमसे जुड़े

Follow us

16.6 C
Chandigarh
Monday, February 16, 2026
More
    Home राज्य राजस्थान कर्मचारियों न...

    कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर जताया विरोध

    Hanumangarh News
    कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर जताया विरोध

    पशुपालन विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई करने का आरोप

    Animal Husbandry Department Employees Protests: हनुमानगढ़। पशुपालन विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ की जा रही दमनात्मक कार्रवाई के विरोध में अखिल राजस्थान संयुक्त कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर मंगलवार को दूसरे चरण में जिले के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर अपने-अपने कार्यालय में विरोध जताया। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के जिलाध्यक्ष चन्द्रभान ज्याणी के अनुसार विगत कुछ माह से पशुपालन विभाग के कर्मचारियों पर लगातार दमनात्मक कार्रवाई करते हुए 30 से ज्यादा कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। Hanumangarh News

    पशुपालन कर्मचारी संघ की ओर से सक्षम स्तर पर विरोध दर्ज करवाने के बावजूद आज तक निलंबित कर्मचारियों को बहाल नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि पशुपालन विभाग के शासन सचिव की ओर से मनमाने तरीके से निर्दोष कर्मचारियों के खिलाफ की जा रही दमनात्मक कार्रवाई के विरोध में महासंघ के बैनर तले चरणबद्ध तरीके से विरोध जताया जा रहा है। प्रथम चरण में सोमवार को जिला कलक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री एवं शासन सचिव को ज्ञापन प्रेषित किए गए।

    पहली बार निलंबन जैसी दमनात्मक कार्रवाई की गई

    मंगलवार से सभी कर्मचारी अपने-अपने कार्यालयों में निलंबित कर्मचारियों की बहाली तक काली पट्टी बांध कर विरोध जताएंगे। इसके बाद भी यदि 30 से ज्यादा निलंबित निर्दोष कर्मचारियों को बहाल करते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो 26 मार्च से फार्मर रजिस्ट्री शिविरों में ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार किया जाएगा। महासंघ के जिला मंत्री राम निवास ने बताया कि प्रदेश के कर्मचारियों के इतिहास में पहली बार किसी विभाग में इतनी बड़ी संख्या में बिना किसी कारण निर्दोष कर्मचारियों के विरुद्ध इस प्रकार निलंबन जैसी दमनात्मक कार्रवाई की गई है। प्रदेश के लाखों कर्मचारी खुद के मोबाइल फोन एवं खुद के पैसे से नेट रिचार्ज करवाते हुए शासन एवं सरकार का पूरी तल्लीनता से कार्य कर रहे हैं।

    यहां तक कि विगत एक वर्ष में अधिकांश कर्मचारी-अधिकारी राजकीय अवकाश के दिन भी कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद एक उच्च अधिकारी की ओर से कर्मचारियों/अधिकारियों को कामचोर बताते हुए विभाग की ओर से ऐसी कार्रवाई करने के कारण प्रदेश के कर्मचारियों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है एवं महासंघ आंदोलन को विवश हुआ है। ऐसे में अब यदि जनता के काम प्रभावित होंगे तो उसकी समस्त जिम्मेदारी शासन एवं सरकार की होगी। Hanumangarh News

    Missing: किशोर लापता, अपहरण के आरोप में मुकदमा दर्ज