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    लगभग 74 घंटे बीतने के बाद भी रमेश को निकालने में नहीं लगी सफलता हाथ

    Hisar News
    Uklana News: लगभग 74 घंटे बीतने के बाद भी रमेश को निकालने में नहीं लगी सफलता हाथ

    सोमवार आठ बजे तक गड्ढे को 70 फ़ीट तक खोदा गया लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी

    उकलाना (सच कहूँ/कुलदीप स्वतंत्र)। Uklana News: घटना स्थल पर उकलाना, बरवाला, टोहाना, नरवाना से शाह सतनाम ग्रीन एस वेलफ़ेयर संगठन के सेवादार जी जान से एस डी आर एफ और एन डी आर एफ व अन्य टीमों के साथ जुटे रहे। मामला है बिठमड़ा गांव के खेतों में 52 फ़ीट मिटटी के नीचे दबे मजदूर का जो शुक्रवार श्याम ट्यूबवैल की टूटी पाइप को जोड़ते वक्त अचानक ऊपर मिटटी की तोंद गिरने से दब गया था ।सूचना मिलते ही शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफ़ेयर संगठन के सेवादार घटना स्थल पर पहुंचे और कस्सी के माध्यम से ग्रामीणों के साथ मिटटी को हटाने में जुट गए। शुक्रवार की सुबह ढाई – तीन बजे तक ग्रामीणों के सहयोग से गढ़े को काफी गहराई तक खोदा गया। Hisar News

    शनिवार का दूसरा दिन

    अगले दिन एस डी आर एफ और एन डी आर एफ के साथ सेवादारों ने फिर शनिवार को जे सी बी व अन्य बड़ी मशीनों के साथ अभियान शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने ट्रैक्टरों के माध्यम से मिटटी को हटाना शुरू किया। आस – पास पेड़ों को हटाकर बड़ी मशीनों द्वारा गड्ढ़े को श्याम तक 48 फ़ीट की गहराई तक खोद दिया गया। शनिवार रात को लग रहा था की अब मंजिल दूर नहीं है। गहरे गड्ढे में दबे रमेश को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जायेगा लेकिन रेतीली मिटटी होने की वजह से मिटटी के बार-बार खिसकने से अभियान में काफी अड़चनों का सामना करना पड़ा। अभी तक लगभग करीब दस फ़ीट की गहराई बाकी थी। शनिवार को भी कोई सफलता नहीं मिली क्योंकि तेज आंधी आने की वजह से करीब पांच फ़ीट मिटटी गहरे गड्डे में चली गई।

    रविवार का तीसरा दिन | Hisar News

    रविवार को दिन भर काम चलने के बाद अभियान को रोक दिया गया । क्योंकि रेतीली मिटटी बार – बार गड्ढे में खिसक कर जा रही थी। मिटटी में दबे रमेश को निकालने के लिए सोमवार को फिर अभियान शुरू किया गया ।

    सोमवार का चौथा दिन

    लगभग 74 घंटे बीतने के बाद अभियान को काफी करीब तक पहुंचने में लग रहा था की सफलता मिलेगी लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। सोमवार को पुलिस के जवानों और सेना के जवानों को तैनात किया गया मोके पर एस डी एम वेदप्रकाश बरवाला पहुंचे। सोमवार आठ बजे तक गड्ढे को 70 फ़ीट तक खोदा गया लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी ।

    एन डी आर एफ की टीमें लगी हुई है अभी ऑपरेशन राहत कार्य जारी है। एक मशीन की जरुरत थी जो आज मंगवाई है उम्मीद है की आज श्याम तक हम दबी बॉडी तक पहुंच जाएंगे। इतनी ढील नहीं है ऍन डी आर ऍफ़ की टीम रीजनल टाइम आ गई थी क्योंकि व्यक्ति मिटटी के नीचे दबा है अनुमान नहीं लग पाता की कितनी गहराई पर है। प्रशासन इलेक्शन में बीजी था जैसे ही मुझे पता लगा मैं तुरंत मोके पर हाजिर हुआ। खर्चा जितना लगा है वो हम सरकार से मांग करेंगे नियम अनुसार सरकार से दिलवाएंगे। जितनी भी समाजिक संस्थाएं पहुंची है सभी का स्वागत है।

    एस डी एम वेदप्रकाश बरवाला | Hisar News

    • पीड़ित परिवार के लिए की आर्थिक मदद की अपील –

    क्षेत्र के तमाम सामाजिक राजनीतिक संगठन अपने-अपने स्तर पर पहुंच हैं समाजिक संगठनों ने सरकार की तरफ से पीड़ित परिवार के लिए किसानों के संगठन समाजिक संगठनों सहित कुलदीप सिंह सरपंच प्रतिनिधि बिठमड़ा, बानी सरपंच सुरेवाला, वीरेंद्र पूर्व सरपंच बिठमड़ा, बिट्टू पूर्व सरपंच गाजू वाला,संयुक्त किसान मोर्चा फतेहाबाद जिले के संयोजक कामरेड जगतार सिंह, किसान नेता हवासिंह गोरखपुर, अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन के राज्य सचिव मंडल के सदस्य रोहतास राजली, हिसार जिला प्रधान कामरेड मियां सिंह बिठमड़ा, बर्थडे पार्टी टोल कमेटी का प्रधान श्रद्धानंद राजली ने प्रशासन से पीड़ित परिवार के लिए व खेत मालिक के लिए आर्थिक मदद की अपील की है।

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