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    30 साल बाद गांव में दोबारा परीक्षा सेंटर आया तो पंचायत ने थामा नकल रहित परीक्षा करवाने का मोर्चा

    Jind News
    Jind News: ग्रामीण स्कूल के आगे पहरेदारी करते हुए, सरपंच प्रतिनिधि दीपक

    नकल के ज्यादा मामले आने के कारण हट गया था घोघड़िया गांव से परीक्षा केंद्र

    • ग्राम पंचायत कर रही खुद पहरेदारी | Jind News
    • गांव में होगी पूरी तरह से नकल रहित परीक्षाएं: सरपंच प्रतिनिधि

    जींद (सच कहूं न्यूज)। HBSE Board Examination Center: हरियाणा बोर्ड परीक्षाओं में नकल के मामले सामने आने के बाद अब नकल रोकने के लिए ग्राम पंचायत ने कमर कस ली है। उचाना क्षेत्र के घोघड़ियां की ग्राम पंचायत गांव के सरकारी स्कूल में बने परीक्षा सेंटर के बाहर तीन घंटे तक पहरेदारी करती है, ताकि कोई भी परीक्षा सेंटर में नकल नहीं कर सके। पंचायत के इस काम की हर तरफ सराहना की जा रही। Jind News

    परीक्षा सेंटर के बाहर पहरेदारी पर बैठे ग्रामीणों ने बताया कि वैसे तो प्रशासन की तरफ से परीक्षा सेंटर पर सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजामात किए गए हैं। लेकिन ग्रामीणों ने सुरक्षा की एक लेयर को और बढ़ा दिया है। मुख्य गेट तथा इसके चारों कोनों पर बैठकर सरपंच, पंच, मौजिज लोग पहरेदारी कर रहे हैं।इससे नकल की सभी संभावनाए खत्म हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि वह किसी भी तरह की चूक नहीं होने देंगे और जब तक परीक्षाएं चलेंगी, हर परीक्षा में ड्यूटी करेंगे।

    बता दे कि घोघड़िया गांव में 30 साल बाद परीक्षा सेंटर स्थापित किया गया है। इससे पहले 1995 में घोघड़ियां में परीक्षा सेंटर होता था। लेकिन उस समय यहां नकल के अत्यधिक मामले सामने आने के बाद यहां से परीक्षा सेंटर हट गया था। इस बार ग्रामीण पूरी तरह से अलर्ट है और फिर से इस नकल के दाग को अपने माथे पर लगवाना नहीं चाहते, इसलिए खुद पहरेदारी कर नकल रोकने में लगे हुए हैं।

    सरपंच और ग्राम पंचायत के प्रयासों से सेंटर गांव में आया | Jind News

    गौरतलब है कि अब तक घोघड़ियां के अलावा आसपास के गांवों बड़ौदा, रोजखेड़ा, कसूहन, कालता, बधाना, कुचराना कलां, कुचराना खुर्द, करसिंधू के सरकारी व प्राइवेट स्कूल के 10वीं और 12वीं के बच्चों का परीक्षा सेंटर छात्तर गांव में आता था। इन गांवों से 12 से 15 किलोमीटर की दूरी पर बने छात्तर गांव के परीक्षा केंद्र तक 10वीं, 12वीं के बच्चों को असुविधा होती थी। क्योंकि उन्हें वाहन का इंतजाम करना पड़ता और परीक्षा केंद्र तक पहुंचना पड़ता।

    एग्जाम में बैठने वाले बच्चों के दिमाग पर सफर का असर भी पड़ता था। घोघड़ियां के सरपंच मनदीप उर्फ दीपक ने पंचों और ग्रामीणों के साथ बैठक कर के गांव में बोर्ड की परीक्षा के लिए परीक्षा सेंटर लाने के प्रयास शुरू किए। आखिरकार सरपंच के प्रयास सफल हुए और गांव में इस बार परीक्षा का सेंटर आ गया।

    पंचायत का मिल रहा पूरा सहयोग: स्कूल स्टाफ

    परीक्षा सेंटर के चीफ सुपरिटेंडेंट और हिंदी प्रवक्ता रविंद्र ने बताया कि प्रशासन के साथ-साथ ग्राम पंचायत की तरफ से उन्हें पूरा सहयोग मिल रहा है। बिल्कुल शांतिपूर्वक तरीके से परीक्षाएं चल रही हैं। वह डीसी मोहम्मद इमरान रजा को आश्वासन देना चाहते हैं कि उनके सेंटर में सभी परीक्षा नकल रहित रहेंगी। Jind News

    नकल रहित परीक्षाएं होगी – सरपंच प्रतिनिधि

    घोघड़ियां गांव के सरपंच प्रतिनिधि दीपक बूरा ने कहा कि उनके गांव में बिल्कुल नकल रहित परीक्षाएं होगी। शिक्षा विभाग के जिला मुख्यालय से लेकर चंडीगढ़ तक दर्जनों चक्कर काट कर वह गांव में परीक्षा का सेंटर लेकर आए हैं। इससे विद्यार्थियों को काफी फायदा हुआ है। अब उन्हें परीक्षा के लिए दूर-दराज दूसरे गांवों में नहीं जाना पड़ रहा। उनके गांव के अलावा आसपास के एक दर्जन से ज्यादा स्कूल के बच्चों को भी परीक्षा सेंटर का फायदा मिला है।

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