Farmers News: सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। मौसम की मार झेलकर खेतों से गेहूं काटकर मंडी तक पहुंचे किसानों को सरकारी खरीद (Grain Procurement) का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। लस्टर लॉस (चमक में कमी) को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश न होने से खरीद प्रक्रिया धीमी पड़ गई है। वीरवार देर शाम सरसा अनाज मंडी में आंशिक खरीद शुरू हुई, लेकिन केवल 12 प्रतिशत से कम नमी वाली फसल की ही खरीद की गई। दिनभर मंडी में पहुंचे किसानों को खरीद शुरू होने का इंतजार करना पड़ा। Sirsa News
अधिकारियों की ओर से बताया गया कि केंद्रीय टीम द्वारा लिए गए सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही नियमित खरीद पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इस अनिश्चितता के चलते किसान अपनी गेहूं की ढेरियों को सुखाने में जुटे रहे और मंडी में इंतजार करते नजर आए। गांव बरूवाली प्रथम के किसान संजय कुमार ने बताया कि वह सुबह ही अपनी दो किला की गेहूं लेकर मंडी पहुंच गया था, लेकिन दोपहर तक कोई खरीद नहीं हुई।
आढ़ती से जानकारी लेने पर पता चला कि फिलहाल खरीद प्रक्रिया स्पष्ट नहीं है। निर्बाण गांव के किसान दिशांत ने बताया कि वह साढ़े तीन किला की फसल लेकर एक दिन पहले ही मंडी पहुंच गया था, लेकिन निरीक्षण के चलते खरीद नहीं हुई। अब दो दिन और इंतजार की बात कही जा रही है, जिससे किसान परेशान हैं। शेखूपुरिया के किसान गुरजीत ने बताया कि वह करीब 50 मन गेहूं लेकर मंडी आया है, लेकिन खरीद को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही। उन्होंने कहा कि यदि समय पर खरीद नहीं हुई तो नुकसान उठाना पड़ सकता है।
केंद्रीय टीम ने लिए सैंपल | Sirsa News
गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्रालय की पांच सदस्यीय टीम ने गेहूं में लस्टर लॉस की स्थिति का आकलन करने के लिए सरसा पहुंचकर सैंपल लिए हैं। दो दिन में रिपोर्ट आने की उम्मीद है। इसी रिपोर्ट के आधार पर खरीद एजेंसियां आगे की रणनीति तय करेंगी। टीम में तकनीकी अधिकारी अभिषेक पांडे, अंकिता मीना, एफसीआई के सुधाकर भारद्वाज, क्वालिटी कंट्रोलर शिव कुमार, पवन कुमार और रामफल शामिल रहे। इस दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
सीमित खरीद से बढ़ी चिंता
सरसा अनाज मंडी में वीरवार शाम तक करीब चार हजार क्विंटल गेहूं की खरीद हुई। वहीं रानियां और नाथूसरी चौपटा मंडियों में खरीद शुरू नहीं हो सकी। जिले की मंडियों में अब तक 7 लाख 21 हजार 398 क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है, जबकि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर केवल 9677 क्विंटल की ही खरीद हुई है। इसमें सरसा में 4798 क्विंटल, डबवाली में 300 क्विंटल, ऐलनाबाद में 4099 क्विंटल और रानियां में 480 क्विंटल शामिल हैं। आवक के मुकाबले खरीद की धीमी रफ्तार से किसान चिंतित हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द स्पष्ट निर्देश जारी कर नियमित खरीद शुरू नहीं की गई तो मंडियों में अव्यवस्था बढ़ सकती है। Sirsa News















