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Saturday, February 7, 2026
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    किसान रैली में कृषि की बातें गायब

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    प्रधानमंत्री  ने 2022 में किसानों की आमदन दुगुनी करने का वादा दोहराया

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बीते दिनों मलोट पंजाब में एक किसान रैली को संबोधित करते हुए 2022 में किसानों की आमदन दुगुनी करने का वादा दोहराया। उनके भाषण की बहती सुर सरकार की उपलब्धियां गिनवाने वाली थीं। अपने पुराने अंदाज में उन्होंने गांधी नेहरू परिवार को भी आड़े हाथों लिया। चाहे एक रैली अकाली भाजपा ने खरीफ की फसलों के दामों पर इजाफे के लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद करने के लिए रखी थी पर इस रैली में खेती की मौजूदा स्थिति का किसी भी नेता ने जिक्र नहीं किया।

    पूर्व मुख्यमंत्री ने किसानों के मुद्दों पर कोई बात ही नहीं की

    प्रधानमंत्री द्वारा 2015 में हुसैनी वाला में किसानों को हर महीने 5000 रु पये महीना पेन्शन देने का ऐलान किया था जिसको अभी अमली जामा पहनाया जाना शेष है इस संबंधी बात चलनी चाहिए थी। रैली के मुख्य मेजबान पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल पर पूर्व मुख्यमंत्री ने किसानों के मुद्दों पर कोई बात ही नहीं की। अभी स्थिति यह है कि पंजाब में रोजाना 2-3 किसान-खेत मजदूर आत्महत्या कर रहे हैं। जो सीधे तौर पर कृषि संकट का नतीजा है। चाहे यह सच है कि सिर्फ कर्जा माफी ही खेती में संकट का हल नहीं पर जिस गिनती में आत्महत्या हो रही हैं उसके अनुसार केन्द्र व राज्य को मिलकर कोई योजना बनानी जरूरी है। भाषणों के नजरिये से किसान रैली से अधिक ये चुनावी रैली ही साबित हुई।

    अकाली-भाजपा गठबंधन ने 2019 के लोकसभा चुनावों की तैयारी के लिए अपने पत्ते चल दिये हैं

    किसी किसान संगठन को यदि रैली में शामिल किया जाता तब इस वर्ग का पक्ष ज्यादा अच्छा रखा जा सकता था। पंजाब के उन कुछ किसानों को यदि प्रधानमंत्री से सम्मानित करवाया जाता जो सफल ढंग से खेती कर रहे हैं तो किसानों के लिए प्रेरणा बन सकता था। जहां तक पंजाब की राजनैतिक स्थिति का संबंध है यह रैली भाजपा से ज्यादा अकाली दल का शक्ति परीक्षण था। फिर भी किसान मुद्दों पर रैली करवाकर अकाली-भाजपा गठबंधन ने 2019 के लोकसभा चुनावों की तैयारी के लिए अपने पत्ते चल दिये हैं। रैली की भीड़ ने अकाली दल का उत्साह बढ़ाया है। राज्य में तीसरे नंबर की पार्टी होने के बावजूद अकाली दल ने किसानों की हितैषी पार्टी होने का प्रभाव देने की कोशिश की है। इस रैली से कांग्रेस राज्य में लोक सभा चुनाव के लिए सरगर्म होगी। आने वाले दिनों में राजनीति और भी गर्मायगी।

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