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    जिले की 37 पॉइंट्स पर होगा लगभग 42 करोड़ की लागत से बाढ़ राहत कार्य, 15 अप्रैल से होंगे शुरू

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    Pratap Nagar News: जिले की 37 पॉइंट्स पर होगा लगभग 42 करोड़ की लागत से बाढ़ राहत कार्य 15 अप्रैल से होंगे शुरू

    बाढ़ राहत कार्यों में प्रयोग होने वाले पत्थर का ई रवाना लेना होगा ठेकेदारों के लिए चुनौती।

    • ठेकेदार एसोसिएशन द्वारा विभाग द्वारा लगाए गए टेंडर फर्म के वेरिफिकेशन की मांग की।

    प्रताप नगर (सच कहूँ/राजेंद्र कुमार)। Pratap Nagar News: यमुनानगर जिले के प्रताप नगर और छछरौली में सिंचाई विभाग द्वारा वर्तमान में किए जा रहे बाढ़ राहत कार्यों का बजट 57 वीं बैठक फरवरी 2026 की बैठक के अनुसार ₹42.70 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है। इसमें विशेष रूप से छछरौली और प्रताप नगर के कई गांवों को शामिल किया गया है।

    इनमें जिले की कुल 37 साइटों पर काम होना है, जिनमें से अधिकतर छछरौली और प्रताप नगर में स्थित हैं।
    लक्कर मय प्रतापपुर में 300 एकड़ भूमि को कटाव से बचाने के लिए लगभग ₹72 लाख की लागत से कार्य प्रस्तावित हैं।
    कनालसी क्षेत्र में बाढ़ बचाव के लिए ₹1.98 करोड़ का बड़ा प्रोजेक्ट मंजूर किया गया है।
    तिहानो में ₹37.29 लाख के कार्य किए जा रहे हैं। प्रताप नगर और छछरौली ब्लॉक में स्टोन स्टड और स्टेनिंग का कार्य होना है। इनमें यमुना और सोम नदी के किनारे बसे गांवों जैसे कोटरा काहन सिंह में ₹86.13 लाख, माली माजरा-नवापुर ₹72 लाख और बेलगढ़ ₹1.02 करोड़ में पत्थर के स्टड लगाए जाएंगे ताकि नदी का रुख आबादी से दूर रहे।

    वही छछरौली क्षेत्र के बरसाती नालों और ड्रेनों जैसे सोम नदी और सहायक नाले की खुदाई और सफाई का काम 30 जून की डेडलाइन के साथ शुरू किया गया है।
    आरएलडीएसई बंध तटबंधों की मरम्मत के लिए ₹4.50 करोड़ का प्रावधान है, जो प्रताप नगर के आसपास के गांवों को सुरक्षा प्रदान करेगा। मार्च 2026 के अनुसार टेंडर प्रक्रिया वर्तमान में कई कार्यों के लिए ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया चल रही है। विभाग का लक्ष्य मानसून आने से पहले इन पत्थरों को लगाने और तटबंध मजबूत करने का है।

    पिछले सीजन में इन जगहों पर सेना ने संभाला था मोर्चा | Pratap Nagar News

    जून 2025 में जिला प्रशासन ने सेना की टीम के साथ छछरौली के कोट मुश्तरका, लेदी, लोप्यों, बलौली, अर्जन माजरा, और डमौली जैसे गांवों का दौरा किया था, ताकि आपातकालीन स्थिति के लिए ‘मैपिंग’ की जा सके। कुछ क्षेत्रों में बोल्डर की कमी और ठेकेदारों की लंबित पेमेंट की वजह से कार्यों की गति पर असर पड़ा है, लेकिन विभाग ने दावा किया है कि संवेदनशील पॉइंट्स पर अस्थायी व्यवस्था पूरी कर ली गई है।

    इन पॉइंट्स पर होगा काम

    छछरौली क्षेत्र के ओधरी, लापरा, तिहानो, मेहर माजरा और प्रताप नगर क्षेत्र के कनालसी, लक्कर मय प्रतापपुर, बेलगढ़, नवापुर में सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इन कार्यों से लगभग 2500+ एकड़ कृषि भूमि और दर्जनों गांवों की आबादी को यमुना के कटाव से राहत मिलेगी। Pratap Nagar News

    पत्थर का ई रवाना मुश्किल

    सिंचाई विभाग द्वारा जारी किए सभी कार्यों में अधिकतर पत्थर का प्रयोग होना है और सिंचाई विभाग द्वारा साफ तौर पर निर्देश दिए गए है कि बिना ई रवाना के साइट पर पत्थर नहीं पहुंचना चाहिए़। ऐसे में ठेकेदारों द्वारा पत्थर का ई रवाना लेना किसी चुनौती से कम नहीं है क्योंकि जिले में कोई भी पत्थर की साइट नहीं है जहां से ई रवाना या रॉयल्टी कटवाई जा सके। वही विभाग के निर्देश अनुसार
    पत्थर का ई रवाना बिना जीएसटी के बिल मान्य नहीं होंगे और इसके साथ रॉयल्टी भी साथ चाहिए।

    ठेकेदारों के संगठन ने वर्तमान में टेंडर लेने वाली एजेंसी के सत्यापन पर उठाए सवाल

    यमुनानगर एरिगेशन कॉन्ट्रैक्टर वेलफेयर एसोसिएशन ने वर्तमान में टेंडर लेने वाली एजेंसियों के वेरिफाई करने की मांग को लेकर विभाग को एक शिकायत पत्र भी सौंपा गया है जिसमें मांग की गई है कि श्री राम, महावीर, स्वामी अधिकतर टेंडर इन्हीं के पास। शिकायत में बताया गया है कि महावीर फर्म को अम्बाला में मार्च 9 मार्च को फर्जी दस्तावेज के मामले में ब्लैक लिस्ट किया गया है और अब जिले में भी अधिकतर कार्य इसके पास है इसलिए संगठन मांग कर रहा है कि पहले टेंडर लेने वाली सभी फर्मों के कागजों को वेरिफाई करे।

    कई साइट को लेने में ठेकेदारों ने नहीं दिखाई रुचि

    जिले के रंगडान में स्टोन स्टेनिंग का कार्य 1 करोड़ 24 लाख का होना है इसके लिए सिंचाई विभाग द्वारा टेंडर लगाया गया लेकिन किसी ठेकदार ने टेंडर ही नहीं लिया। यह टेंडर पहले भी दो बार लगा चुके है लेकिन इस टेंडर को कोई ले नहीं रहा है। इसी तरह मलिकपुर बांगर में 93 लाख का काम होना है जहां पर जमीनों में भरा पानी बाहर निकलना है और इसको भी लेने में किसी ठेकेदार ने रुचि नहीं दिखाई। Pratap Nagar News

    सिंचाई विभाग ने पिछले साल से नहीं किया सबक

    सिंचाई विभाग द्वारा पिछले साल भी बाढ़ राहत कार्यों के लिए टेंडर लगाए गए थे जिसमें
    अधिकतर काम अब की बार की तरह एक ही फर्म के पास चले गए थे और उनमें से से अधिकतर कार्य पूरे ही नहीं किए गए जिसमें सिंचाई विभाग को करोड़ों का नुकसान हुआ। सिंचाई विभाग द्वारा चिंतपुर में ठेकेदार की कमी के कारण खुद ही काम करना पड़ा और सारा काम टेम्प्रेरी करना पड़ा।

    यमुना, सोम व पथराला नदी पर स्टोन स्टड, स्टोन स्टेनिंग, बंध व डी-वाटरिंग के लिए पंप हाउस सहित 37 कार्य हुए मंजूर

    मानसून सीजन तक बाढ़ बचाव कार्य करवाना विभाग के लिए चुनौती, अभी तक टेंडर भी नहीं नदियों पर बाढ़ बचाव कार्यों को मानसून तीजन से पहले पूरा करवाना सिंचाई त्रिभाग के लए चुनौती है। पलड कंट्रोल बोर्ड की बैठक हुए तीन माह बीत जाने के बावजूद टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। इस बार अलग-अलग कार्यों में 47 करोड़ से अधिक खर्च होंगे। यमुना, सोम व पथराला नदी पर स्टोन स्टड, स्टोन स्टेनिंग, बंध व डी-वाटरिंग के लिए पंप हाउस सहित 37 कार्य होने हैं। दिस्बर माह में बैठक हो चुकी है। बीते वर्ष फ्लड कंट्रोल बोर्ड की बैठक में 42 कार्यों को स्वीकृति दे गई थी। जिन पर करीब 34 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। इस बार कायाँ की संख्या पिछले साल से कम है, लेकिन प्रस्तावित बजट अधिक है। विभान का कहना है कि बढ़ते कटाव पुराने तटबंधों की जर्जर हालत और कंक्रीट स्ट्रक्चर की जरूरत को देखते हुए लागत बढ़ी है। बता दें कि 30 जून त्क सभी कार्यों को पूरा करना जरूर होगा।

    किसान धर्मवीर,नरेश,जयकर्ण,रगबीर आदि का कहना है कि कि बाढ़ से बचाव के लिए अभी तक कार्य शुरू हो जाने चाहिए थे। क्योंकि बाढ के लिहाज से यमुनानगर जिला हरियाणा व उप्र के बीचो बीच वह रही यमुना नदी के किनारे पर बसा है और यहां हर साल यमुना नदी में बाढ़ आ जाने से किसानों के खेतों के किनारे क्षतिग्रस्त होते है।

    हर साल बढ़ रही है बाढ़ राहत कार्यों की ग्रांट | Pratap Nagar News

    • 2011-12 = साढ़े 13 करोड़
    • 2012-13 = आठ करोड
    • 2013-14 = साढ़े दस करोड़
    • 2014- 15 = 17 करोड़
    • 2015-16  = 11 करोड़
    • 2016-17  = नौ करोड़
    • 2017-18  = 14 करोड
    • 2018-19  = आठ करोड़
    • 2019- 20 = 22 करोड़
    • 2020-21 = 13 करोड़
    • 2022-23 = 30 करोड
    • 2023-24 = 56 करोड़
    • 2024- 25 = 34 करोड़
    • 2025-26 = 42 करोड़

    जिले में इन जगहों पर भी काम

    सिंचाई विभाग द्वारा जिले में इन जगहों पर भी बाढ़ राहत कार्य करवाए जाने है। इनमें गांव औधरी में स्टोन स्टड व स्टोन स्टेनिंग के लिए 2.85 करोड,गांव लापरा में 1100 फीट स्टोन स्टेनिंग का कार्य 1.69 करोड,मुजाफत बंगेही बंध निर्माण 60 लाख 46 हजार,बेलगढ़ में स्टोन स्टेनिंग 1.02 करोड, लाकडमय प्रतापपुर में 800 फीट स्टोन स्टेनिंग, 72 लाख गांव मेहरमाजरा में सोमनदी पर 400 फीट स्टोन स्टेनिंग 21 लाख 4 हजार, गांव तिहानो में सोमनदी पर स्टोन स्टेनिंग 37 लाख 29 हजार गांव कनालसी में कृषि भूमिव आबादी के बचाव के लिए स्टोन स्टेनिंग व स्टड करीब 2 करोड़,गांव मानकपुर व सुढेल में 60 लाख,गांव खदरी व किशनपुर माजरा में करीब 1 करोड, कोटड़ा कहानसिंह में पथराला नदी पर 86 लाख 13 हजार, गांव मालीमाजरा से नवाजपुर तक 72 लाख,गांव कमालपुर टापू दो स्टोन स्टड

    व 1500 फीट. स्टोन स्टेनिंग 3.50 करोड खर्च होंगे,गांव पौबारी में स्टोन स्टड व स्टोन स्टेनिंग 4.80 करोड गांव गुमथला राव में स्टोन स्टेनिंग 3.76 करोड,गांव खानूवाला में सोम नदी पर स्टोन स्टेनिंग 63 लाख,गांव रामपुर कांबोयान में 1800 फीट बंध 72 लाख,गांव रानीपुर में 900 फीट स्टोन स्टेनिंग 79 लाख,गांव बंभनौली में 50 लाख,गांव भगवानपुर से लौहगढ़ खौल तक 34 लाख 28 हजार,गांव चबूतरो पृथ्वी पुर में बचाव कायों पर 38 लाख,गांव गोराबनी रामपुर जाटायान में पथराला नदी पर 27 लाख,गांव नगला में 72 लाख, गांव लाहड़पुर में 80 लाख,गांव नगली में पथराला नदी पर 66 लाख,गांव जैतपुर में पथराला नदी पर 31 लाख,गांव लंडौरा और राजपुरा में पंप हाउस 1.27 करोड़,गांव खारवन में गंग हाउस 39 लाख,गांव मलिकपुर बांगर में पंप हाउस,1.20 करोड़, गांव घोड़ों पीपली में स्टोन स्टड व स्टोन स्टेनिंग 03 करोड़ के कार्य होने है जिनके लिए सिंचाई विभाग ने बजट जारी किया है।

    इस बारे में सिंचाई विभाग के एक्सईएन राहिल सैनी ने बताया कि सिंचाई विभाग द्वारा बाढ़ राहत कार्यों के लिए टेंडर लगाए गए थे जिनमें पूरे सर्कल में लगभग 42 करोड़ रुपए के 37 पॉइंट्स पर काम होना है। उन्होंने बताया कि 15 अप्रैल से काम शुरू होगा और 30 जून तक सभी कार्य समाप्त कर लिए जाएंगे।

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