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Tuesday, March 10, 2026
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    पूर्व ब्लॉक प्रेमी सेवक गुरमेल सिंह इन्सां बने दधीचि!

    Body Donation

    सांगरिया (सच कहूँ न्यूज/सुरेन्द्र जग्गा)। कहते हैं नर सेवा नारायण सेवा। इस बात को चरितार्थ करते हुए डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों ने इंसानियत की सेवा में एक और मील का पत्थर स्थापित किया। इसके तहत डेरा सच्चा सौदा की शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स विंग के बैनर तले संगरिया से रविवार को सोलहवां शरीर दान हुआ। 87 वर्षीय संगरिया ब्लॉक के गांव चक प्रताप नगर खोसा निवासी गुरमेल सिंह इन्सां का नश्वर शरीर त्यागने के बाद शरीर दान हुआ। Body Donation

    इस मौके पर वेलफेयर फोर्स के सदस्यों ने जागरूकता रैली भी निकाली और शरीर दानी गुरमेल सिंह इन्सां अमर रहे के नारे लगाते हुए मानवता का संदेश देते यात्रा निकाली। सचखंड वासी गुरमेल सिंह इन्सां ने अपना पूरा जीवन मानवता की सेवा करते हुए व्यतीत किया। ब्लॉक प्रेमी सेवक के रूप में भी अपनी सेवाएं दी।

    मेडिकल रिसर्च के लिए संगरिया से 16वीं देहदान

    उनकी अंतिम इच्छा के तहत उनके बेटे गुरदीप सिंह व अन्य परिवार के सदस्यों ने मरणोपरांत उनके शरीर को वेंकटेश्वर इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस अमरोहा उत्तर प्रदेश मेडिकल कॉलेज को दान दिया। गौरतलब है कि गुरमेल सिंह इन्सां ने रविवार प्रात काल को अपनी सांसारिक यात्रा पूरी की थी। उनकी अंतिम यात्रा के दौरान शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स के सेवादारों ने बेटा-बेटी एक सम्मान का संदेश देते हुए पोत्री गगनदीप रमनदीप कौर इन्सां और बेटी अमरजीत कौर से अर्थी को कंधा दिलवाया। Body Donation

    फूल मालाओं से सजी हुई एंबुलेंस में उनके शरीर को रवाना किया। मेडिकल कॉलेज को दान दिए गए गुरमेल सिंह इन्सां के शरीर के जरूरी अंग जैसे आंख, किडनी और चमड़ी भी किसी जरूरतमंद के काम आएगी। वहीं उनका शरीर पर मेडिकल की पढ़ाई करने वाले बच्चे रिसर्च करके सीखेंगे। ब्लॉक प्रेमी सेवक ओम प्रकाश बुडानिया इन्सां ने बताया कि पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की प्रेरणा से संगरिया ब्लॉक की तरफ से यह सोलहवां शरीर दान किया गया है।

    साध संगत के इस पुनीत कार्य की आमजन ने की भूरी-भूरी प्रशंसा

    गुरमेल इन्सां के बेटे 15 मैंबर कमेटी सेवादार गुरदीप इन्सां व पौत्र गुरप्रीत सिंह इन्सां ने बताया कि पूज्य गुरु जी की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए बापू जी ने हमें हमेशा अच्छे कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने पहले ही घर पर बोल रखा था कि अगर मेरी मिट्टी होती है तो मेरे शरीर को जलाकर राख ना किया जाए बल्कि मानवता भलाई के कार्य में समर्पित कर दिया जाए। उनके इस फैसले से हमें अपने आप पर गर्व है। साध संगत के इस पुनीत कार्य की आमजन ने भी भूरी-भूरी प्रशंसा की। इस अवसर पर डेरा सच्चा सौदा की विभिन्न समितियों के सेवादार, रिश्तेदार, साध-संगत, ग्रामवासी आदि भी मौजूद रहे। Body Donation

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