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    श्रीगंगानगर के चारों ओर किसानों की किलाबंदी

    Farmers Protest News
    File Photo

    राजस्थान के मंत्री पहुंचे पंजाब बढ़ने लगी पानी की आवक | Sri Ganganagar News

    श्रीगंगानगर (सच कहूँ न्यूज)। पंजाब द्वारा गंग कैनाल में पानी रोकने के दसवें दिन किसानों ने श्रीगंगानगर शहर के सभी मार्गों को ठप्प करते हुए पूर्ण रूप से घेराबंदी कर ली है। इससे पूरा जिला प्रशासन ठप होकर रह गया। किसानों के आंदोलन के चलते पंजाब से गंग कैनाल में आज सुबह से पानी की मात्रा बढ़ने लगी, लेकिन किसान संगठनों ने ऐलान किया है कि जब तक निर्धारित हिस्से के अनुसार पूरा पानी नहीं मिलता तब तक धरना-प्रदर्शन और घेराव जारी रखा जाएगा। Sri Ganganagar News

    स्थिति इतनी विकट है कि पानी नहीं बढ़ने की सूरत में किसान किसी भी समय पुलिस के बैरिकेट्स तोड़कर शहर में प्रवेश कर सकते हैं। किसानों ने सड़क पर पक्के मोर्चे स्थापित कर लिए हैं और पूरा पानी मिलने के बाद ही घर वापसी का आह्वान किया है। आज कॉमरेड हेतराम बेनीवाल भी किसानों में पानी की मांग को लेकर पनपी जिद को देख बहुत खुश नजर आए। उन्होंने कहा कि मेरे जाने के बाद भी किसान की मांग को पूरा करने वाले युवा आज कई गुना बढ़ चुके हैं।

    ग्रामीण मजदूर किसान समिति (जीकेएस) द्वारा आज जिला कलेक्ट्रेट पर किसानों से ट्रैक्टर ट्रॉली सहित पहुंचने का आह्वान किया गया, लेकिन जिला प्रशासन ने किसानों को बीच रास्ते में रोकना शुरू कर दिया। इस पर किसानों ने वही मार्गों को जाम कर दिया, जहां उन्हें रोका गया। श्रीगंगानगर के चार मुख्य मार्गों पर आज सुबह से किसान ट्रैक्टर ट्रॉलियों सहित धरना लगाए हुए हैं। इन मार्गों पर ट्रैफिक जाम हो गया है। शहर के एक तरफ के मार्ग खुले हुए हैं, जहां से ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया है। Rajasthan Farmers Protest

    श्रीगंगानगर-पदमपुर मार्ग पर चक 5- ए गुरुद्वारा के पास सुबह किसानों को ट्रैक्टर ट्रालियों लेकर आते हुए रोकेने पर वहीं धरना लगा दिया गया। किसान नेताओं से बातचीत करने के लिए पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा तथा अन्य अधिकारी पंहुचे। अधिकारियों के समझाइश करने पर किसान राजी नहीं हुए। उन्होंने ट्रैक्टर ट्रालियों से रास्ता रोक दिया। पास में ही गुरुद्वारा में किसानों के लिए लंगर पानी की व्यवस्था की गई है। पदमपुर मार्ग पर आक्रोशित किसानों ने एक बार तो बैरिकेडिंग को ध्वस्त कर दिया। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने बड़ी मुश्किल से मामले को संभाला। इसी दौरान किसान चार-पांच ट्रैक्टर ट्रालियों सहित जिला कलेक्ट्रेट पर पहुंचने में सफल भी हो गए।

    उन्होंने कलेक्ट्रेट के ट्रेजरी वाले गेट की मेन रोड पर ट्रैक्टर ट्रालियों को लगाकर रास्ता अवरुद्ध कर दिया। समिति के प्रतिनिधि ने बताया कि पदमपुर मार्ग के अलावा श्रीगंगानगर- सूरतगढ़ रोड नेशनल हाईवे 62 पर केएलएम होटल के पास बैरिकेडिंग लगा दिए जाने से सूरतगढ़ रोड की ओर से आ रहे किसान वहीं धरना देकर बैठे हुए हैं। श्रीगंगानगर- श्रीकरणपुर मार्ग पर चक 9 जैड पुलिया के पास, मिजावार्ला मार्ग पर चक 7- जैड तथा हिंदूमलकोट मार्ग पर खालसा कॉलेज के पास किसानों को ट्रैक्टर ट्रॉलियों सहित आने से रोक दिया गया। इन सभी जगह पर पुलिस ने सुबह सवेरे बैरिकेडिंग कर दी। इस पर किसानों ने वहीं धरने लगा दिए।

    अब श्रीगंगानगर शहर में आने-जाने के लिए हनुमानगढ़ रोड स्टेट हाईवे, कालूवाला बाईपास और श्रीगंगानगर-अबोहर (पंजाब) नेशनल हाईवे 62 मार्ग खुले हुए हैं। इस और से ट्रैफिक आ जा रहा है। प्रतिनिधि ने कहा कि किसान आंदोलन के लगातार दबाव के चलते राजस्थान सरकार अब पानी के लिए गंभीर हुई है। राजस्थान के जल संसाधन मंत्री महेंद्रजीतसिंह को पंजाब के सिंचाई मंत्री से वार्ता करने के लिए चंडीगढ़ भेजा गया है। प्रतिनिधि ने बताया कि उनकी जानकारी के मुताबिक चंडीगढ़ में दोनों राज्यों के सिंचाई मंत्रियों में वार्ता चल रही है। वार्ता में राजस्थान के जल संसाधन सचिव सुबोध अग्रवाल और मुख्य अभियंता (हनुमानगढ़) अमरजीत सिंह मेहरडा आदि भी शामिल हैं।

    आज ट्रैक्टर ट्रॉलियों सहित किसानों द्वारा कलेक्ट्रेट के घेराध को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा कल देर शाम को पूरा पानी लेने के प्रयास शुरू किए गए। कल देर रात को गंग कैनाल में पानी की मात्रा पंजाब में आरडी 45 हैड से बढ़ानी शुरू कर दी। आज सुबह इस यहां से 1200 क्यूसेक पानी रिलीज किया जाने लगा जो की देर शाम को लगभग 1500 क्यूसेक हो गया। अगस्त महीने के निर्धारित हिस्से के अनुसार इस हैड से 2800 क्यूसेक पानी दिया जाना तय है।

    पंजाब ने 10 दिन पहले बिल्कुल पानी देना बंद कर दिया, जिस पर किसान संगठनों द्वारा आंदोलन किया जा रहा है। इस आंदोलन के दबाव में अब पानी की मात्रा बढ़ रही है, लेकिन ग्रामीण मजदूर किसान समिति ने ऐलान किया है कि जब तक 2800 क्यूसेक पानी पूरा नहीं होता,तब तक मार्गों पर किसान धरना दिए रहेंगे हैं। सड़क मार्गों को खोल नहीं जाएगा। Sri Ganganagar News

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