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    एस.आई.ई.एस. (नेरुल) कॉलेज का फ्रेम्स फिल्म फेस्ट यादगार रूप से आयोजित

    Frames Film Fest

    (सच कहूँ न्यूज) हाल ही में बहुप्रतीक्षित फ्रेम्स फिल्म फेस्टिवल 6 से 8 फरवरी के बीच एस.आई.ई.एस. (नेरुल) आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स कॉलेज के कैंपस में आयोजित किया गया। यह अंडरग्रेजुएट फिल्म फेस्टिवल कोरोना के बाद पहली बार ऑफलाइन आयोजित किया गया।

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    पहला दिन :

    फेस्ट प्रतिनिधि ने सच कहूं संवाददाता को बताया कि फेस्ट के पहले दिन अंतर्राष्ट्रीय लघु फिल्मों और वृत्तचित्रों (डॉक्यूमेंटरिस) की स्क्रीनिंग की गई। जाने-माने निर्देशक प्रभुराज, अभिनेता दीपक डांबले और फ्रेम्स फिल्म फेस्टिवल के संस्थापक सदस्यों में से एक अविनाश मंत्री पहले दिन निर्णायक मंडल (जूरी) के सदस्य थे।

    कॉलेज के प्राचार्य डॉ कोयल रायचौधरी ने सभी फकैलिटी सदस्यों और छात्र वालंटियर्स की उपस्थिति में उत्सव का उद्घाटन किया। इससे पहले मयूराज और अनमोल ने मधुर संगीतमय प्रस्तुति दी। पहले दिन कुल 11 फिल्में दिखाई गईं। जो चयन के कई दौरों से गुजरने के पश्चात सभी प्रविष्टियों (एंट्रीज़) में से सर्वश्रेष्ठ चुनी गईं। विभिन्न भाषाओं में कुल 7 अंतर्राष्ट्रीय लघु फिल्में दिखाई गईं, जिसमे से प्रत्येक ने विभिन्न अवधारणाओं से रूबरू करवाया। निर्णायक मंडल (जूरी) के सदस्यों ने भी दर्शकों के साथ बातचीत कर फिल्म निर्माण और सिनेमा पर अपने विचार साझा किये।

    दूसरा दिन :

    फ्रेम्स फिल्म फेस्टिवल के दुसरे दिन राष्ट्रीय लघु फिल्मों और एनीमेशन श्रेणी में कुल 16 फिल्मों की स्क्रीनिंग की गयी।

    फिल्म अभिनेता करमवीर चौधरी, सिनेमैटोग्राफर एकेएन सेबेस्टियन और निर्देशक रमन बाला राष्ट्रीय लघु फिल्मों की श्रेणियों के लिए निर्णायक मंडल के सदस्य थे। फिल्म फेस्टिवल में इस श्रेणी में 500 से अधिक प्रविष्टियां (एंट्रीज़) मिलीं, पर केवल 9 ही अंतिम दौर में जगह बना पाई। इस दौरान सेबेस्टियन ने कहा कि एक सिनेमैटोग्राफर यह तय कर सकता है कि फिल्म कैसे शूट की जाए, लेकिन अंत में यह सब निर्देशक की दृष्टिकोण पर निर्भर करता है। इसलिए किसी भी फिल्म के सफल होने के लिए हमेशा निर्देशक ही आगे बढ़कर नेतृत्व करता है।”

    एनीमेशन श्रेणी के लिए, डॉक्यूमेंटरी फिल्म निर्माता प्रकाश मेनन और फिल्म निर्देशक अशोक कौल जूरी सदस्य थे। इस कैटेगरी में 7 फिल्में फाइनल राउंड में पहुंचीं व दिखाई गईं। अशोक कौल ने फ्रेम्स फिल्म फेस्टिवल की इस पहल की सराहना की।

    इसके बाद एक प्रसिद्ध रेडियो जॉकी रेड एफएम से जमान के साथ एक पैनल चर्चा तथा दर्शकों के साथ बातचीत का सेशन था। उन्होंने मेजबान (होस्ट) साक्षत बेलचड्ढा के साथ आज के सोशल मीडिया के समय में रेडियो जॉकी तथा उनके संगीत कैरियर व सामान्य जीवन जैसे विभिन्न पहलुओं पर बात की। दर्शकों ने इस चर्चा का पूरा आनंद लिया व इसमें सक्रिय रूप से भाग लिया। इसी के साथ दूसरे दिन के सभी कार्यक्रमों का समापन हुआ।

    तीसरा दिन :

    इस दिन म्यूजिक वीडियो कैटेगरी की स्क्रीनिंग हुई। फिल्म निर्माता अनिकेत नायर और प्रसिद्ध आरजे विशाल बिराजदार व S.I.E.S (नेरुल) कॉलेज के पूर्व छात्र, इस श्रेणी के लिए निर्णायक मंडल के सदस्य थे।

    ज्यूरी सदस्यों ने भी दर्शकों से बातचीत की और उन्हें फिल्म बनाते रहने और अपनी गलतियों से सीखने के लिए प्रोत्साहित किया। दिखाई जाने वाली फिल्मों का समूह आकस्मिक श्रेणी से था। ये फिल्में मुंबई के विभिन्न कॉलेजों के स्नातक छात्रों द्वारा बनाई गई थीं। इस श्रेणी का मुख्य जोर इन युवा और नये फिल्म निर्माताओं को पहचान और प्रोत्साहन देना है। अभिनेत्री, बीना बनर्जी इस श्रेणी के लिए निर्णायक मंडल में थीं।

    पुरस्कार समारोह से पहले, चंडीगढ़ से गायक-संगीतकार कबीर ने अपने प्रतिभाशाली कंपोजर के साथ दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

    इस प्रकार बुधवार, 8 फरवरी को तीन दिवसीय फ्रेम्स फिल्म महोत्सव का समापन हुआ। फिल्म महोत्सव का समापन सभी श्रेणियों के पुरस्कार समारोह के साथ हुआ। अभिनेत्री कीर्ति कुल्हारी ने पुरस्कार समारोह में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई तथा फिल्म समारोह में सभी श्रेणियों के विजेताओं को सम्मानित किया।

    इस तरह शानदार रूप से आयोजित फ्रेम्स फिल्म फेस्टिवल 2023 सभी के लिए अनुभव व यादें छोड़ गया।

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