गाजियाबाद (सच कहूँ /रविंद्र सिंह)। राजधानी दिल्ली से सटे पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद के थाना वेव सिटी क्षेत्र में चार मार्च को तमंचे के बल पर हुई लूट की घटना में वांछित एक और आरोपी को वेव सिटी पुलिस ने मुठभेड़ के बाद देर रात गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को पैर में गोली लगने के बाद दबोच लिया गया, जिसे उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।
एसीपी वेव सिटी प्रियाश्री पाल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे (डीएमई) पर चार मार्च को बदमाशों ने एक नेक्सोन कार और मोबाइल फोन लूट लिया था। घटना के तुरंत बाद थाना वेव सिटी में मुकदमा संख्या 62/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई और कई पुलिस टीमों का गठन किया गया।
पहले भी हो चुकी थी दो आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस ने सात मार्च को इस मामले का खुलासा करते हुए दो अभियुक्त राज और दर्शन को गिरफ्तार कर लिया था। जबकि इस घटना में शामिल अन्य दो आरोपी,लव और योगेंद्र फरार चल रहे थे। पुलिस लगातार उनकी तलाश में दबिश दे रही थी।
मुखबिर की सूचना पर बिछाया जाल
पुलिस को ‘यक्ष एप’ के माध्यम से वांछित आरोपी लव की पहचान और लोकेशन संबंधी जानकारी मिली। 18 मार्च को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी गिरधरपुर की ओर से अपने घर जाएगा। सूचना पर थाना प्रभारी सर्वेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने विभिन्न स्थानों पर चेकिंग अभियान शुरू किया।

भागने के दौरान फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में घायल
चेकिंग के दौरान नायफल से डासना की ओर जा रहे एक संदिग्ध बाइक सवार को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन उसने बाइक कच्चे रास्ते की ओर मोड़ दी। बारिश के कारण फिसलन से बाइक गिर गई। पुलिस को करीब आता देख आरोपी ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लग गई और उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया।
एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज
पूछताछ में आरोपी ने लूट की इस घटना के अलावा डासना क्षेत्र में चोरी की वारदात को भी अंजाम देने की बात कबूल की है। पुलिस के अनुसार आरोपी पर एक दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और वह शातिर अपराधी है।
आरोपी से बरामदगी और आगे की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार आरोपी के कब्जे से हापुड़ से चोरी की गई स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, अवैध तमंचा, जिंदा कारतूस और खोखा कारतूस बरामद किए गए हैं। घायल आरोपी को सीएचसी में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस द्वारा आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।















