हमसे जुड़े

Follow us

23.8 C
Chandigarh
Wednesday, March 25, 2026
More
    Home राज्य राजस्थान आधुनिक तकनीको...

    आधुनिक तकनीकों का मिला व्यावहारिक अनुभव, एआई कार्यशाला में एसकेडीयू के स्टूडेंट की भागीदारी

    Hanumangarh News

    हनुमानगढ़। श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग एवं कंप्यूटर साइंस विभाग के छात्र-छात्राओं ने जयपुर में आयोजित अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद की ओर से प्रायोजित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कार्यशाला में हिस्सा लिया। इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को एआई की नवीनतम तकनीकों से अवगत कराना तथा उन्हें व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना था, जिससे वे भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें। कार्यशाला में विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं का एक प्रतिनिधिमंडल फैकल्टी कोऑर्डिनेटर विक्रम मंगवाना एवं मनमीत कौर संकाय सदस्यों के साथ शामिल हुआ। Hanumangarh News

    कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों की ओर से विभिन्न विषयों पर व्याख्यान दिए गए तथा प्रायोगिक सत्रों एवं इंटरैक्टिव गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन सत्रों में विशेष रूप से मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, डीप लर्निंग तथा एआई आधारित नवाचारों पर प्रकाश डाला गया। छात्र-छात्राओं को न केवल सैद्धांतिक ज्ञान प्राप्त हुआ, बल्कि उन्हें वास्तविक जीवन की समस्याओं पर आधारित गतिविधियों के माध्यम से इन तकनीकों को समझने का अवसर भी मिला। श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि हमारा लक्ष्य छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना है। ऐसे कार्यक्रम उनके कौशल विकास एवं उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सहायक सिद्ध होते हैं।

    र्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षा और उद्योग दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण

    विश्वविद्यालय के चेयरपर्सन वरुण यादव ने कहा कि वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षा और उद्योग दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र बन चुका है। इस प्रकार की कार्यशालाएं छात्र-छात्राओं को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। विश्वविद्यालय के प्रबंध निदेशक दिनेश जुनेजा ने कहा कि डिजिटल और एआई तकनीकों का युग तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    ऐसे में आवश्यक है कि हमारे छात्र-छात्राएं नवीनतम कौशलों से लैस हों, ताकि वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी पहचान बना सकें। विभागाध्यक्ष डॉ. विनय भट्ट ने कहा कि एआई जैसे उन्नत विषयों में केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं होता, बल्कि व्यावहारिक समझ भी अत्यंत आवश्यक है। संकाय सदस्यों ने भी इस प्रकार के आयोजनों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम अकादमिक ज्ञान और उद्योग की आवश्यकताओं के बीच की दूरी को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। Hanumangarh News