UP Expressway News: मेरठ, अनु सैनी। उत्तर प्रदेश को जल्द ही तेज रफ्तार और बेहतर कनेक्टिविटी की बड़ी सौगात मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट गंगा एक्सप्रेसवे अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। एक्सप्रेसवे का करीब 95 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और इस पर FASTag टोल सिस्टम का सफल ट्रायल भी किया जा चुका है। ऐसे में इसके उद्घाटन की तारीख अब ज्यादा दूर नहीं मानी जा रही है।
पश्चिमी और पूर्वी यूपी को जोड़ेगा गंगा एक्सप्रेसवे | UP Expressway News:
गंगा एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वी उत्तर प्रदेश से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा। इसके चालू होने से न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि व्यापार, उद्योग और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। यह एक्सप्रेसवे प्रदेश की अर्थव्यवस्था और कनेक्टिविटी की तस्वीर बदलने वाला साबित होगा।
फरवरी 2026 तक पूरा करने के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य फरवरी 2026 के दूसरे सप्ताह तक हर हाल में पूरा किया जाए। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने इसका औपचारिक उद्घाटन कर सकते हैं।
594 किमी लंबा, 6 लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे
करीब 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे 6 लेन (आवश्यकता पड़ने पर 8 लेन तक विस्तार योग्य) ग्रीनफील्ड कॉरिडोर है। इस परियोजना के तहत बने 1498 स्ट्रक्चर—जिनमें पुल, पुलिया और फ्लाईओवर शामिल हैं—का निर्माण कार्य पूरी तरह सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है।
यात्रा समय होगा आधा
वर्तमान में मेरठ से प्रयागराज की दूरी तय करने में करीब 12 घंटे का समय लगता है, लेकिन गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद यही सफर सिर्फ 6 से 8 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इसे 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के लिए डिजाइन किया गया है।
12 जिलों को मिलेगा सीधा लाभ
गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के 12 जिलों—मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज—को आपस में जोड़ेगा, जिससे इन क्षेत्रों में विकास की रफ्तार और तेज होगी।















