Schools Closed: कोलंबो। पश्चिम एशिया में जारी संकट का प्रभाव अब अन्य देशों की ऊर्जा व्यवस्था पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। इसी परिप्रेक्ष्य में श्रीलंका सरकार ने ईंधन की बचत के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए कार्य सप्ताह को सीमित करने की घोषणा की है। नए प्रावधान के अनुसार, सप्ताह में केवल चार दिन ही नियमित कार्य होंगे, जबकि बुधवार को अधिकांश सरकारी कार्यालय एवं शैक्षणिक संस्थान बंद (School Holiday) रहेंगे। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य ईंधन की खपत को नियंत्रित करना तथा सार्वजनिक परिवहन पर दबाव को कम करना है। बुधवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित किए जाने के साथ ही उस दिन परिवहन सेवाएं भी सीमित रहेंगी, जिससे अनावश्यक आवागमन में कमी लाई जा सके। Sri Lanka News
‘घर से कार्य’ की व्यवस्था अपनाई जाए, ताकि यात्राओं की संख्या घटे और ईंधन की बचत हो सके
प्रशासन ने निजी क्षेत्र से भी सहयोग की अपील की है। औद्योगिक संगठनों के साथ चर्चा कर यह अनुरोध किया गया है कि जहां संभव हो, वहां ‘घर से कार्य’ की व्यवस्था अपनाई जाए, ताकि यात्राओं की संख्या घटे और ईंधन की बचत हो सके। अधिकारियों ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे परिवहन सेवाओं का उपयोग केवल अत्यंत आवश्यक कार्यों के लिए ही करें। विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवाओं जैसी आवश्यक गतिविधियों को प्राथमिकता देने पर बल दिया गया है।
इस निर्णय के अंतर्गत निजी शिक्षण संस्थानों, अंतरराष्ट्रीय विद्यालयों तथा व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्रों में भी बुधवार को अवकाश रहेगा। शिक्षा विभाग ने सभी संस्थानों को अपने कार्यक्रम में आवश्यक परिवर्तन करने तथा पढ़ाई को सुचारु रूप से जारी रखने के निर्देश दिए हैं। सरकार का मानना है कि यह अस्थायी व्यवस्था भविष्य में संभावित ऊर्जा संकट से निपटने के लिए एक पूर्व-तैयारी के रूप में कारगर सिद्ध होगी। साथ ही, यह कदम आवश्यक सेवाओं की निरंतरता बनाए रखने में सहायक होगा। उल्लेखनीय है कि श्रीलंका अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए देश में ईंधन की खपत को सीमित करने हेतु राशनिंग भी प्रारंभ कर दी गई है। पेट्रोल एवं डीजल की निर्धारित सीमा तय की गई है, जिससे संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। Sri Lanka News















