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    सीबीएसई 12वीं परीक्षा रद्द वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली, अब 31 मई को होगी सुनवाई

    Supreme Court
    समलैंगिक विवाह: सुप्रीम कोर्ट समीक्षा याचिका पर 28 नवंबर को करेगा सुनवाई

    नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। कोरोना संक्रमण के कारण सीबीएसई, आईसीएसई 12वीं के बोर्ड एग्जाम पर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है। अधिकांश राज्य जहां बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करने की तैयारियों में हैं, वहीं छात्र अभी भी परीक्षा रद्द करने की मांग उठा रहे हैं। एग्जाम रद्द करने की मांग को लेकर 297 छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट को पत्र लिखा है जिसके बाद अब न्यायालय ने इस केस पर फैसला लेने वाला है। सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई अब सोमवार को यानि 31 मई को होगी। कोर्ट ने याचिकाकर्ता से याचिका की कॉपी सीबीएसई को देने को कहा है। याचिका में कहा है कि केन्द्र सरकार, सीबीएसई और सीआईएससीई को निर्देश दिया जाए कि वह कोरोना के मद्देनजर 12वीं की बोर्ड की परीक्षाएं रद्द करें।

    क्या है पूरा मामला

    गौरतलब हैं कि पिछले सप्ताह हुई केन्द्रीय मंत्रियों की हाई लेवल मीटिंग में दिल्ली समेत कुल 4 राज्यों ने बगैर एग्जाम के छात्रों को पास करने का प्रस्ताव रखा था जबकि अधिकाशं राज्यों ने परीक्षा आयोजित करने का पक्ष लिया। इसी के चलते छात्रों ने उच्चतम न्यायालय का रूख किया और अब उम्मीद है कि इस मामले पर सोमवार को कोई फैसला किया जाए।

    32 राज्यों ने परीक्षा लेने पर सहमति

    आपको बता दें कि देश के 32 राज्य व केन्द्र शासित प्रदेशों ने 12वीं की परीक्षा लेने पर सहमति जताई है, केवल चार राज्यों दिल्ली, महाराष्टÑ, गोवा व अंडमान-निकोबार ने परीक्षाएं नहीं लेने की बात की है। परीक्षा पर सहमत राज्यों में से भी 3 राज्यों राजस्थान, तेलंगाना व त्रिपुरा ने परीक्षा केन्द्रों पर ही पारंपरिक तरीके से 3 घंटे की लिखित परीक्षा का पक्ष लिया है। उनका कहना है कि अचानक फॉर्मेट बदलना उचित नहीं होगा। 29 राज्यों ने दूसरे विकल्प का समर्थन करते हुए कहा कि परीक्षा केन्द्र के बजाय छात्रों के अपने ही स्कूल में ओएमआर शीट वाले फॉर्मेट में डेढ़ घंटेके चार पेपर लिए जाएं।

     

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