
तेज आंधी से चंडीगढ़ और मोहाली में कई स्थानों पर गिरे पेड़, कई जगह बिजली के खंभे हुए क्षतिग्रस्त
- मनीमाजरा में गिरी मकान की छत, तीन बच्चे घायल
- सेक्टर-32 के सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के नए ट्रॉमा सेंटर की फॉल सीलिंग गिरने से मरीजों में फैली दहशत
चंडीगढ़ (सच कहूँ/एम.के. शायना)। Punjab News: अचानक बदले मौसम से बारिश होने और तेज हवाएं चलने से केन्द्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ और मोहाली में जनजीवन पर असर पड़ा है। तेज हवा और झमाझम बारिश से कई इलाकों में नुकसान पहुंचा है। मनीमाजरा में एक मकान की छत गिरने से तीन बच्चे घायल हो गए, जबकि सेक्टर-32 स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के नये ट्रॉमा सेंटर की फॉल सीलिंग गिरने से मरीजों और तीमारदारों में दहशत फैल गई। राहतकी बात यह रही कि किसी को चोट नहीं पहुंची।
चंडीगढ़ के मनीमाजरा के गोविंदपुर इलाके में सुबह तेज हवाओं और बारिश के दौरान एक पुराने मकान की छत अचानक ढह गई। हादसे के समय घर के अंदर खेल रहे तीन बच्चे मलबे में दब गए। घायलों के नाम 12 वर्षीय चन्नी, 14 वर्षीय गौरव और राहुल हैं। गौरव और चन्नी सगे भाई हैं, जबकि राहुल उनका पड़ोसी है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गयी। स्थानीय लोगों की मदद से बच्चों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के अनुसार गौरव के हाथों में चोट आई है, जबकि अन्य दोनों बच्चे खतरे से बाहर हैं। इसी दौरान सेक्टर-32 स्थित जीएमसीएच में करीब छह महीने पहले बने ट्रॉमा सेंटर की फॉल सीलिंग गिर गई। सीलिंग से लोहे के एंगल और शीट नीचे आ गिरे, जिससे अस्पताल परिसर में भगदड़ जैसे हालात बन गए। Punjab News
गनीमत रही कि जिस वक्त यह घटना हुई, उस समय नीचे कोई मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद मरीजों और तीमारदारों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए और जांच की मांग की। तेज आंधी के कारण चंडीगढ़ और मोहाली में कई स्थानों पर पेड़ गिर गए, जबकि कई जगह बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। इससे अनेक इलाकों में घंटों बिजली आपूर्ति ठप रही। मौसम विभाग ने बताया कि दिनभर तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जिनकी रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और खुले स्थानों में न निकलने की अपील की है।
पटियाला में जोरदार बारिश, विभिन्न क्षेत्रों में घुटनों तक भरा पानी | Punjab News
पटियाला। पटियाला और आसपास के इलाकों में देर रात से शुरू हुई बारिश पूरे दिन लगातार होती रही। पटियाला में लगभग 41 एमएम बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि भी हुई। इस मूसलाधार बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं दूसरी ओर यह बारिश गेहूं की फसल के लिए लाभकारी जबकि सब्जियों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।
एकत्र की गई जानकारी के अनुसार शहर के पुराने बस स्टैंड, फैक्ट्री एरिया, धर्मपुरा बाजार, अदालत बाजार, छोटी बारादरी, लीला भवन, 22 नंबर फाटक, त्रिपड़ी एरिया, प्रताप नगर, नाभा गेट, सार्इं मार्केट, एसी मार्केट सहित शहर के कई अन्य इलाकों में भारी मात्रा में पानी जमा हो गया। इसके चलते आम लोगों और विशेषकर निचले घरों में रहने वाले परिवारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बारिश का पानी जमा होने के कारण शहरवासी नगर निगम को कोसते नजर आए। लोगों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से नगर निगम शहर की सीवरेज जाम की समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाल पाया है।
नगर निगम के लिए शहर में बनी डेयरियां भी एक बड़ी सिरदर्द बनी हुई हैं। इन डेयरियों के कारण शहर का सीवरेज सिस्टम जाम हो जाता है, जिससे विभिन्न इलाकों में घुटनों तक पानी भर जाता है और लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। नगर निगम लंबे समय से डेयरी मालिकों को शहर से बाहर स्थानांतरित करने के प्रयास कर रहा है, लेकिन अब तक इसमें सफलता नहीं मिल पाई है। इसी कारण शहरवासी लगातार जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। अब देखना यह होगा कि नगर निगम इस समस्या का समाधान कब तक कर पाता है और शहरवासियों को सीवरेज जाम की इस गंभीर समस्या से कब राहत मिलती है। Punjab News
गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद साबित होगी बारिश, देशी घी जैसा काम करेगी: कृषि विशेषज्ञ
वहीं दूसरी ओर कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह बारिश गेहूं की फसल के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो सकती है, जबकि सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बारिश गेहूं की फसल के लिए देशी घी जैसा काम करेगी। इसी कारण किसानों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही है।
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