‘बैंड बाजा’ बयान पर प्रताप बाजवा को जारी किया गया था नोटिस
चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)। Chandigarh News: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के अनुुसूचित जाति आयोग द्वारा जारी नोटिस पर रोक लगा दी है। इस आदेश के बाद कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप बावजा को बड़ी राहत मिली है। उन्हें ‘बैंड बाजा’ संबंधी बयान पर अनुसूचित जाति आयोग ने तलब किया था। इस मामले में बाजवा ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए एस.सी. आयोग के नोटिस को ही गलत ठहराया था। साथ ही आयोग के चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी पर राजनीतिक प्रेरित कार्रवाई करने का आरोप भी लगाया था। अदालत ने इस मामले में पंजाब सरकार को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जानकारी के अनुसार, विपक्ष के नेता प्रताप बाजवा ने एक राजनीतिक रैली के दौरान कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ पर टिप्पणी करते हुए उनका ‘बैंड बाजा बजाने’ की बात कही थी।
इस बयान के बाद आम आदमी पार्टी ने कड़ा एतराज जताया था। वहीं हरभजन सिंह ईटीओ ने इसे दलित विरोधी बयान करार दिया था। इसके बाद अनुसूचित जाति आयोग ने बाजवा को नोटिस जारी कर 11 फरवरी को आयोग कार्यालय में पेश होने के लिए कहा था। आयोग के सामने स्वयं पेश होने के बजाय बाजवा ने अपने वकील के माध्यम से जवाब भेजा, जिसमें कहा गया कि उन्होंने यह बात एक कहावत के रूप में कही थी और इसमें किसी भी गलत शब्द या दलित समुदाय का उल्लेख नहीं किया गया। इसलिए यह मामला अनुसूचित जाति आयोग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। वकील के जरिए जवाब भेजने के साथ ही बाजवा ने हाईकोर्ट का रुख किया था। अब अदालत ने आयोग के नोटिस और आगे की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। Chandigarh News
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