Hisar Railway Embezzlement Case: हिसार (सच कहूँ/मांगे लाल)। हिसार जंक्शन पर तैनात रेलवे के एक टिकट क्लर्क द्वारा यात्रियों से वसूली गई लाखों रुपये की राशि का गबन करने का मामला सामने आया है। आरोपी क्लर्क ने करीब 17 लाख रुपये से अधिक की सरकारी रकम रेलवे खातों में जमा कराने की बजाय अपने निजी खाते में ट्रांसफर कर ली। मामले का खुलासा रेलवे आॅडिट के दौरान हुआ, जिसके बाद विभाग में हड़कंप मच गया। Hisar Railway News
जानकारी के अनुसार, क्लर्क ने 1 जून 2025 से 31 जनवरी 2026 के बीच यात्रियों से टिकट किराया और जुमार्ने के रूप में कुल 17 लाख 610 रुपये की राशि वसूल की थी। यह रकम नियमानुसार रेलवे खातों में जमा होनी थी, लेकिन जांच में सामने आया कि न तो यह राशि सीटीआई कार्यालय हिसार में जमा करवाई गई और न ही यातायात लेखा कार्यालय जोधपुर को भेजी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए हिसार जंक्शन के स्टेशन अधीक्षक प्रेमचंद ने जीआरपी पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत के आधार पर जीआरपी ने मामला दर्ज कर जांच भिवानी जीआरपी चौकी प्रभारी सुरेंद्र को सौंप दी है।
पुलिस खंगाल रही आरोपी के खाता रिकॉर्ड | Hisar Railway News
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 316 (5) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दस्तावेजों और लेन-देन का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है तथा रकम की रिकवरी और आरोपी की भूमिका की विस्तृत जांच की जा रही है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, हिसार में वरिष्ठ रेलवे कर्मचारी द्वारा इस प्रकार के गबन का यह पहला मामला है, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन पड़ताल में जुटी हुई है और जल्द ही आगे की कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।















