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Thursday, February 26, 2026
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    मंगलवार को भी कोहरे की घनी चादर में लिपटा ‘हरियाणा’

    हिसार में न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया

    चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में उत्तरी बफीर्ली हवाओं के कारण संपूर्ण इलाके में रात्रि में पारा लगातार लुढ़कने लगा है। हरियाणा में मंगलवार को भी कोहरे की घनी चादर ने कई स्थानों पर दृश्यता कम कर दी। कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान भी सामान्य सीमा से नीचे रहा। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार हिसार में कड़ाके की ठंड रही, जहां न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि झज्जर का न्यूनतम तापमान 3.9 डिग्री सेल्सियस रहा। करनाल में न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस, नारनौल में 4.5 डिग्री, भिवानी में 6.1 डिग्री, सिरसा में 5.8, जबकि रोहतक में न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

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    25 दिसंबर को सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ

    उत्तरी राजस्थान पर बने कम दबाव के क्षेत्र से नमी की मात्रा बढ़ गई है। रात के समय हवा नहीं चलने से प्रदेश के ज्यादातर जिलों में कोहरा छाया रहा। मौसम विशेषज्ञ की मानें तो 25 दिसंबर को एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना है। इसके असर से ठंड में और बढ़ोतरी होगी। सोमवार को हिसार के बालसमंद क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 2.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।

    बारिश की बनी संभावना

    मौसम विशेषज्ञ के अनुसार देश के उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में 25 दिसंबर को एक नया ताजा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर जबरदस्त बर्फबारी और तराई क्षेत्र में बारिश की गतिविधियों की संभावना बन रही है। इसी के तहत हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली के उत्तरी हिस्से में हल्की बारिश की गतिविधियां होंगी। ऐसे में आने वाले नए साल की शुरूआत हाड़ कंपा देने वाली ठंड के साथ होगी।

    फसलों को अभी नुकसान नहीं

    एचएयू के कृषि वैज्ञानिक डॉ. रमेश कुमार ने बताया कि कोहरा छाने से दिन के तापमान में कुछ गिरावट आएगी, जो गेहूं की फसल के फायदेमंद साबित होगी। फिलहाल गेहूं में फुटाव हो रहा है। मगर, कोहरे की स्थिति ज्यादा दिन रहती है तो सरसों की फसल में रोग आ सकते हैं, जिनमें सफेद रतुआ व तना गलन आदि रोग शामिल हैं। चूंकि अभी दिन के समय धूप निकल रही है तो कोहरे से फसलों को कोई नुकसान नहीं होगा।

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