
संपर्क में आए सभी को लगाए एंटी-रेबीज इंजेक्शन
श्रीगंगानगर (सच कहूँ न्यूज़)। Sri Ganganagar: स्थानीय जिला अस्पताल में आज दोपहर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। जिला अस्पताल के इमरजेंसी विंग में लगभग 40 वर्षीय एक व्यक्ति को लाया गया, जिसमें कुछ ही देर बाद हाइड्रोफोबिया (पानी और हवा से डर) के स्पष्ट लक्षण दिखाई दिए। मरीज की मौत हो जाने के बाद पूरे अस्पताल में हड़कंप मच गया। चिकित्सा स्टाफ, मरीज को लाने वाले परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों के होश उड़ गए। तुरंत एहतियात बरतते हुए सभी को एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाए गए। Sri Ganganagar
प्राप्त जानकारी के अनुसार श्रीगंगानगर जिले के श्रीविजयनगर थाना क्षेत्र के एक गांव का निवासी यह व्यक्ति कल शाम से ही अजीब हरकतें कर रहा था। उसे हवा और पानी से अत्यधिक डर महसूस हो रहा था। आज दोपहर करीब 2:30 बजे परिवार के 6-7 सदस्य उसे इमरजेंसी विंग में लेकर पहुंचे। डॉक्टर और स्टाफ जब मरीज को चेक कर रहे थे, तभी परिवार वालों ने बताया कि यह लक्षण कुत्ते के काटने वाले रेबीज रोग के समान हैं। इस पर डॉक्टर और स्टाफ तुरंत पीछे हट गए। उसी दौरान मरीज के मुंह से झाग निकलने लगा। कुछ ही मिनटों में व्यक्ति की मौत हो गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी(पीएमओ)डॉ. सुखदेवसिंह बराड़ तुरंत इमरजेंसी विंग पहुंचे। उन्होंने अन्य डॉक्टरों के साथ मिलकर पूरी स्थिति का जायजा लिया और तत्काल एहतियाती कदम उठाए। मरीज के संपर्क में आने वाले सभी लोगों-अस्पताल स्टाफ, परिवारजन, रिश्तेदारों तथा वाहन चालक सहित को एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। जिस वाहन से मरीज को लाया गया था, उसकी पूरी वॉशिंग करवाई गई। इमरजेंसी विंग का स्ट्रेचर और बेड तुरंत हटाकर उसकी भी साफ-सफाई और वॉशिंग की जा रही है। Sri Ganganagar
डॉ. बराड़ ने बताया कि शुरुआती जांच में हाइड्रोफोबिया के लक्षण साफ दिखाई दिए, जो सामान्यतः कुत्ते या अन्य संक्रमित जानवर के काटने से होते हैं। परिवार वालों ने पूछताछ में बताया कि उनके घर में एक पालतू पिल्ला (पपी) था, जिसकी करीब 15 दिन पहले अचानक मौत हो गई थी। उस पिल्ले के मुंह से भी झाग निकल रहा था। मृतक व्यक्ति इस पिल्ले को अक्सर अपने साथ रखता था, उसे खिलाता-पिलाता और छूता था। हालांकि मृतक के शरीर पर कोई काटने का जख्म या घाव दिखाई नहीं दिया, लेकिन डॉक्टरों को आशंका है कि संक्रमण पिल्ले के संपर्क या लार के जरिए हुआ होगा।मृतक का शव जिला अस्पताल के मुर्दाघर में सुरक्षित रखा गया है। कल गुरुवार को उसका पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। पोस्टमार्टम के दौरान पेट के विसरा को एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) जांच के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट हो सकेगा।
प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. बराड़ ने परिवार वालों को सख्त सलाह दी है कि वे घर पर रहने वाले अन्य सदस्यों तथा पिछले कुछ दिनों में मृतक के संपर्क में आए किसी भी व्यक्ति को तुरंत एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाएं। उन्होंने कहा कि रेबीज एक घातक बीमारी है और समय पर एहतियात बरतने से इसे रोका जा सकता है।
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