लॉकडाउन का एक साल पूरा : दुनिया रूकी, हर कदम रूका पर नहीं रूकी ‘मानवता’

welfare Work

कोरोना से लड़ाई में डेरा सच्चा सौदा के सेवादार मसीहा बनकर बने मद्दगार

  • सेनेटाईजेशन, मास्क वितरण, भोजन व सूखा राशन घर-घर तक पहुंचाया
  • जब खाली हुए विभिन्न राज्यों में ब्लड बैंक तो रक्तदान को उमड़  पड़े ट्रयू ब्लड पंप

विजय शर्मा/लखजीत इन्सां। विश्व के लोग कोरोना महामारी से लगातार जूझ रहे हैं। महामारी के प्रसार को रोकने के लिए केन्द्र व राज्य सरकारों ने एकाएक लॉकडाउन लगाया। हालात ये बने कि जो यहां था वो वहीं रूक गया। लोगों के सामने भूखे पेट को भरने का सवाल था तो सरकार कोरोना को रोकने के लिए दिन-रात शहरों में सख्ती बढ़ाती जा रही थी। पैसों की तंगी में भूखा पेट लिए महानगरों में रहने वाले लोग अपने शहरों व गांवों की ओर चल पड़े। रेल, बस व हवाई मार्ग बंद थे पर सरकारी सिस्टम के आगे बेबस लोग पैदल ही अपना रास्ता पूरा करने के लिए निकल पड़े। इनकी हालत शायद सरकार तो देख रही थी पर बिना किसी सहयोग के वो भी लाचार नजर आ रही रही थी।

मिसाल-बेमिसाल: सतगुरू की दात का प्यार व सत्कार!

ऐसे में एक बार फिर कोविड-19 के बीच अपनी जिन्दगी की परवाह किए बिना डेरा सच्चा सौदा की शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेल्फेयर फोर्स विंग मद्द को आगे आई। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उतर प्रदेश, दिल्ली, चंडीगढ़ सहित अन्य राज्यों व विदेशों में जब प्रशासनिक अधिकारियों व सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सेवादारों ने जी तोड़ सेवा करते हुए सर्वधर्म सद्भाव का न केवल परिचय दिया बल्कि बिना किसी जात-पात को देखे हर उस घर तक राशन पहुंचाया जहां उसकी जरूरत थी। गौरतलब है कि कोविड-19 के बढ़ते प्रकोप के चलते देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में पहली बार 25 मार्च से लॉकडाउन की घोषणा की थी।

…जब आया पूज्य गुरु जी का ‘रूहानी पत्र’ | Welfare Work

डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने हमेशा देश व समाजहित की दिशा में अनेकों कदम उठाएं हैं। देश पर जब-जब प्राकृतिक आपदा आई पूज्य गुरु जी ने हर संभव मद्द पहुंचाने का सराहनीय कार्य किया। कोरोना महामारी के दौरान भी डॉ. एमएसजी ने ‘रूहानी पत्र’ भेजकर करोड़ों श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन किया। पूज्य गुरु जी के ‘रूहानी पत्रों’ में भेजे गए पावन संदेश के कुछ अंश। (Welfare Work)

 7-5-2020 | Welfare Work

आप सबको पता ही है कि कोरोना महा बिमारी चल रही है, इससे प्रभु सबको बचाएं इसके लिए मैं प्रभु से सुबह-शाम प्रार्थना करता रहता हूँ। सरकार जो भी निर्देश दे आप सबने उसे पूरा-2 मानना है और पूरा-2 सहयोग देना है। इस बिमारी से बचने के लिए, मैं आपको कुछ सुझाव दे रहा हूँ: (1) सुबह-शाम कम से कम 15-15 मिनट प्राणायाम के साथ मालिक का नाम जरूर जपा करें (2) साबुन से दोनों हाथों पर झाग बनाके, एक-दूसरी हथेली पर ‘खाज’ करें ताकि नाखुन पूरी तरह साफ हो जाए। (Welfare Work)

(3) घरेलू प्रोटीन जैसे चने, सोयाबीन, पनीर, दही, दूध, छाछ, दालें, पिस्ता इत्यादि व विटामीन सी जैसे नींबू, संतरा, किन्नू, मौसमी, आंवला इत्यादि जरूर लें (4) तुलसी, नीम, चार-चार पत्ते, गिलोय (टहनी व पत्ते) 10 ग्राम, लौंग-इलाईची 2-2, हल्दी, मुलेठी, अजवायन, सौंठ, सब एक-एक चुटकी, जीरा 5 ग्राम। 300 ग्राम पानी में डालकर तब तक उबालें जब तक 150 ग्राम ना रह जाए। अब इसे चाय की तरह धीरे-2 पीए। दिन में एक बार। 20 ग्राम गुड़ या शहद डाल सकते हैं। (Welfare Work)

25-7-2020 | Welfare Work

‘‘हमारे करोड़ों बच्चों, हम आप सब से (प्रार्थना करते हैं) कहते हैं कि ‘कोरोना’ महाबिमारी से संघर्ष में सरकार जो भी दिशा निर्देश दे, उसका आप सब पूरा-2 पालन करें। हम आप सबसे गुजारिश करते हैं कि चाहे ‘अनलॉक’ है पर आप सब ज्यादा समय अपने घर के अन्दर ही रहें। काम-धन्धे पर या सफर पर जाते समय ‘मास्क’ जरूर लगाएं व एक-दूसरे से 7 फुट की दूरी बनाएं रखें। बाहर से जब आप घर लौटें तो सबसे पहले नहाएं व पहने हुए कपड़े ‘सर्फ’ वाले पानी में डाल दें। नए कपड़े पहन कर अपने परिवार के पास जाएं। अपने हाथ चेहरे पर बार-2 न लगाएं।’’ (Welfare Work)

23-2-2021 | Welfare Work

‘‘जब भी घर से बाहर जाएं तो मास्क जरूर लगाया करो। हम सतगुरु राम से प्रार्थना करते हैं कि देश के अन्नदाता व देश के राजा में जो विवाद चल रहा है, प्रभु आप दोनों को रास्ता दिखाए ताकि देश, जो कि अभी भी कोरोना जैसी महाबिमारी से लड़ रहा है, वो तरक्की के रास्ते पर एक जुट होकर आगे बढ़े। देश व संसार में सुख शान्ति व खुशहाली के दरवाजे खुल जाएं। बाकि प्रभु उसी में खुश रखना जो तेरी रजा है। प्यारे बच्चो, आप सब भी देश की सुख शान्ति के लिए एक दिन (12 या 24 घंटे) का व्रत रखें। एक दिन का राशन भी जरूरतमंदों को दें।’’

शुरू हुआ सेनेटाईजेशन  व सफाई अभियान

लॉकडाउन के बाद सरकार के समक्ष जब कोविड-19 से निपटने के लिए शहरों को सेनेटाईज करने व गंदगी हटाने की समस्या सामने आई तो शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेल्फेयर फोर्स विंग के सेवादारों ने मोर्चा संभाला। इन सेवादारों ने कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए हर शहर व गांव के गली-मोहोल्ले व घरों को सेनेटाइज करना शुरू किया।

इतना ही इन सेवादारों ने कोरोना काल में विभिन्न राज्यों में प्रशासन की अपील पर 13 से अधिक सफाई अभियान भी चलाए। कोरोना महामारी के दौरान जहां लोगों को अपनी जिन्दगी व परिवार की फ्रिक हो रही थी, वहीं डेरा सच्चा सौदा के इन सेवादारों ने अपनी जान दांव पर लगाते हुए ये साबित कर दिया बात इंसानियत की हो या देश की रक्षा की हम हमेशा तैयार है और आगे भी रहेंगे। (Welfare Work)

सम्मानित हुए इंसानियत के मसीहा | Welfare Work

पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां द्वारा दी गई पावन शिक्षा पर चलते हुए करोड़ों श्रद्धालुओं ने कोरोना महाबिमारी के दौरान जो सराहनीय व अनुकरणीय कार्य किए उसे हर किसी ने सराहा। इन सेवादारों के जज्बे को सैल्यूट करते हुए हरियाणा के जिला फरीदाबाद प्रशासन द्वारा 15 अगस्त-2021 को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान कोरोना काल में 300 यूनिट रक्तदान करने पर डेरा श्रद्धालुओं को शिक्षा एवं पर्यटन मंत्री कंवरपाल पाल गुर्जर ने सम्मानित किया। इसके साथ ही राजस्थान के जिला सादुलशहर के सेवादारों को विधायक जगदीश जांगिड़ द्वारा प्रशस्ति पत्र सौंपा गया।

वहीं सेवा में सबसे आगे रहने वाले जिला सरसा व ब्लॉक कल्याण के शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेल्फेयर फोर्स विंग के सेवादारों को मास्क वितरण व सफाई अभियान चलाने पर जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित किया गया। 31 मई को मानसा के सेवादारों को विधायक नाजर सिंह मानशाहिया ने खूनदान के लिए सम्मानित किया। जबकि 2 जुलाई को पटियाला के सेवादारों द्वारा 1000 यूनिट खूनदान पर सम्मान मिला। एक अक्तूबर-2020 को नागपुर (महाराष्टÑ) की साध-संगत को राशन वितरण व खूनदान के लिए मेयर सुनील जोशी ने सम्मान पत्र सौंपा।

अरूण इन्सां पर हुआ वैक्सीन ट्रायल | Welfare Work

पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए डेरा अनुयायी अंबाला निवासी अरूण इन्सां अपनी जान की परवाह किए बिना कोरोना के उपचार हेतु दवा के स्वयं पर परीक्षण के लिए आगे आए। 17 अगस्त-2020 को रोहतक पीजीआई में अरूण इन्सां पर वैक्सीन का पहले चरण का ट्रायल सफल रहा है।

रक्त की हुई कमी तो आगे आए ट्रयू ब्लड पंप | Welfare Work

कोरोना काल में जब ब्लड बैंकों में खून की कमी होने लगी तो डेरा सच्चा सौदा के ट्रयू ब्लड पंप आगे आए। इन डेरा श्रद्धालुओं ने बिना किसी भय के पूरे जज्बे के साथ ब्लड बैंकों में जाकर खूनदान किया। जिससे जरूरतमंद लोगों को खून मिलने लगा। देशभर में धीरे-धीरे खाली हो चुके ब्लड बैंक रक्त से भरने लगे। रक्त की पूर्ति करने पर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्टÑ सहित अन्य राज्यों में इस सराहनीय कार्य के लिए प्रशासन द्वारा डेरा सच्चा सौदा को प्रशस्ति पत्र भी दिए गए। आपको यहां बता दें कि जनवरी-2020 से दिसंबर-2020 तक इन श्रद्धाओं द्वारा 37 हजार 117 यूनिट रक्त देश के विभिन्न हिस्सों में डोनेट किया। (Welfare Work)

लाखों में वितरित किए फेस मास्क व हैंड सेनेटाइजर | Welfare Work

‘दो गज की दूरी, मास्क जरूरी’…कोविड-19 से निपटने के लिए ये सबसे पड़ा हथियार साबित हुआ। लेकिन देखने में आया कि जब मास्क की डिमांड बढ़ने लगी तो कुछ लोगों ने इसे अपना धंधा बना लिया। महज 10 रुपए में मिलने वाला मास्क बाजारों में 200 से 500 रुपए के बीच बिकने लगा। एक गरीब आदमी के लिए इतना महंगा मास्क लेना शायद मुमकिन नहीं था। (Welfare Work)

ऐसे में मास्क की काला बाजारी को रोकने व सैंकड़ों लोगों को वायरस से बचाने के लिए डेरा श्रद्धालुओं ने घर पर ही कपड़े के मास्क बनाने शुरू किए। ये मास्क इस तरह से बनाए गए कि इन्हें धोने के बाद दोबारा इस्तेमाल किया जा सके। इन श्रद्धालुओं द्वारा बाजारों, दुकानों, स्लम बस्तियों, र्इंट-भट्ठों व घरों में जाकर लाखों की संख्या में मास्क दिए किए। इतना ही नहीं जरूरतमंद लोगों तक डेरा अनुयायियों द्वारा हैंड सेटाइजर का वितरण भी मुफ्त किया गया।

30 जनवरी 2020 को आया था भारत में कोरोना वायरस का पहला मामला

भारत में सबसे पहले कोरोना वायरस से संक्रमण का मामला 30 जनवरी 2020 को दक्षिण भारत के केरल में सामने आया था। वायरस से संक्रमण का पहला शिकार 20 साल की युवती थी। दरअसल, वह युवती 25 जनवरी 2020 को चीन के वुहान शहर से लौटी थी। (Welfare Work)

आपको बता दें कि वुहान ही वह शहर है जहां से इस खतरनाक वायरस की शुरूआत मानी जाती है। जानकारी के मुताबिक वह युवती तीन साल से वुहान में चिकित्सा की पढ़ाई कर रही थी। आपको बता दें कि वुहान में 31 दिसंबर 2019 को कोरोना वायरस से संक्रमण का पहला मामला सामने आया था। उस युवती ने बताया था कि वुहान से भारत आने पर पहले कोलकाता एयरपोर्ट और फिर कोच्चि एयरपोर्ट पर उसकी थर्मल स्क्रीनिंग हुई थी और उस समय वह पूरी तरह से स्वस्थ थी। (Welfare Work)