हमसे जुड़े

Follow us

10.2 C
Chandigarh
Wednesday, January 21, 2026
More
    Home रंगमंच हरियाणा के सा...

    हरियाणा के साथ-साथ पंजाब के कलाकारों ने खूब बांधा समां

    हरियाणवी गीतों व रागनियों की हुई शानदार प्रस्तुतियां

    • हरियाणवी शैली के मुरीद बन पारंपरिक गीतों पर झूमे बुजुर्ग पर्यटक

    कुरुक्षेत्र। (सच कहूँ, देवीलाल बारना) अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में बनाए गए हरियाणा मंडप के सांस्कृतिक मंच पर वीरवार को हरियाणवी शैली से ओतप्रोत गीतों व रागनियों की प्रस्तुतियां रही। पारंपरिक शैली के मुरीद बनकर दर्शक विशेषकर बुजुर्ग पर्यटक खूब झूमते नजर आए। इसके साथ-साथ पंजाब से आए कलाकारों ने भी अपनी लोक शैली की प्रस्तुति देकर सबको झूमने पर मजबूर कर दिया। हरियाणा कला परिषद व कला एवं सांस्कृतिक विभाग द्वारा करवाए गए सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ यूके की डिप्टी हाई कमीश्नर कैरलीन रोवेट, हरियाणा कला परिषद के निदेशक संजय भसीन, रघुविन्द्र मलिक, सौरभ चौधरी, कला एवं सांस्कृतिक अधिकारी दीपिका, हेमा, तान्या चौहान, रेणू हुड्डा आदि ने दीपशिखा प्रज्वलित किया। कार्यक्रम की शुरूआत में दिलावर एंड पार्टी ने गीता ज्ञान की प्रस्तुति दी और अपने गीत के बोल में श्री कृष्ण ने दिया अर्जुन को ज्ञान गीता का, राम नाम सबसे बड़ा, इसतै बड़ा न कोई आदि के माध्यम से सभी को परमेश्वर के चरणों में ध्यान लगवाया।

    यह भी पढ़ें:– कब तक धर्म विशेष के कानून से शोषण होता रहेगा

    सांस्कृतिक मंच पर इन्द्र लाम्बा एंड पार्टी ने मांगे राम की प्रसिद्ध रचनाएं सुनाई। उन्होंने आगे भाई कृष्ण भगवान, धरलो ध्यान, सुथरी शान, पीताम्बर बाणा सै हरियाणवी प्रस्तुतियों से पंडाल में बैठे विशेषकर बुजुर्गों को झूमने पर मजबूर किया। इसके बाद राजकुमार व उनके गु्रप ने हरियाणवी समूह नृत्य पेश करके सभी को अपने साथ नचाया। कार्यक्रम में बल्ले रोमिया के ग्रुप की लड़कियों ने लोक गीत हरि भरी धरती, प्रदेश म्हारा हरियाणा, गऊ धन भण्डार भरे, यहां दूध-दही का खाना गाकर हरियाणा की समृद्घ संस्कृति से सबको रूबरू करवाया। इसी प्रकार पंजाब के मोहाली से सुखदर्शन व उनके कलाकार साथियों ने पंजाब की संस्कृति को परिभाषित करती हुइ प्रस्तुतियां दी। उनकी प्रस्तुतियों में भंगड़े का स्वरूप समाहित था, जिस पर सभी दर्शकों ने झूमकर व तालियां बजाकर कलाकारों का हौंसला बढ़ाया।

    नजर आया ग्रामीण परिवेश का संजीव दृश्य

    हरियाणा मंडप में दर्शकों को ग्रामीण परिवेश के संजीव दृश्य देखने को मिल रहे हैं, जहां एक ओर दर्शक हरियाणा की पारंपरिक वेशभूषा व विरासत के दर्शन कर रहे हैं, वहीं हरियाणवी व्यंजनों का लुत्फ भी उठा रहे हैं। मंडप में पहुंचने वाले पर्यटक हरियाणवी शान के प्रतीक पगड़ी बंधवाकर बड़े चाव से अपने मोबाइल में फोटो खींच रहे हैं। पंडाल में बनाए गए सैल्फी प्वाइंट तथा ताऊ-ताई के कटआउट पर भी फोटो ले रहे हैं। इस मंडप में मचान, विरासत, सांझी, मणके, खाट-पीडडा, लोहार, बाडा आदि स्थापित किए गए है जिनको मंडप में पहुंचने वाले सभी दर्शक बड़ी उत्सुकता से देखकर उनके बारे में जानकारी ले रहे हैं। इस मंडप के माध्यम से युवा वर्ग को पौराणिक हरियाणवी संस्कृति को जानने का अवसर मिल रहा है।

    यूके की डिप्टी हाई कमीश्नर झूृमी हरियाणवी नृत्यों पर

    हरियाणा मंडप में पहुंची यूके की डिप्टी हाई कमीश्नर कैरलीन रोवेट ने मंडप का दौरा करते हुए हरियाणवी संस्कृति को जाना और अपने भ्रमण के दौरान जैसे ही डिप्टी हाई कमीश्नर मंडप में मौजूद हरियाणवी परिधान से सजी महिलाओं के पास पहुंची जो कि हरियाणवी नृत्य कर रही थी, तो उन्होंने ने भी गंठी, पगड़ी धारण करके खूब नृत्य किया और उन्हें ऐसा करते देखकर सभी आश्चर्यचकित हुए और सभी ने तालियां बजाकर उनका साथ दिया। इस मौके पर उनका पारंपरिक रूप से स्वागत किया, कुरूक्षेत्र विकास बोर्ड की ओर से उन्हें अंग्रेजी भाषा में अनुवादित गीता भी भेंट की। कार्यक्रम में केडीबी के सदस्य सौरभ चौधरी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।

    अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और TwitterInstagramLinkedIn , YouTube  पर फॉलो करें।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here