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    73 वर्षों बाद भारत ने रचा इतिहास, पहली बार जीता ‘थॉमस कप’

    Thomas Cup Sachkahoon

    14 बार के चैम्पियन इंडोनेशिया को 3-0 से दी करारी शिकस्त

    • पीएम मोदी ने ट्वीट कर दी बधाई

    बैंकाक (एजेंसी)। भारत ने खिताबी मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए इंडोनेशिया को रविवार को 3-0 से हराकर प्रतिष्ठित पुरुष बैडमिंटन टीम प्रतियोगिता थॉमस कप (Thomas Cup) को पहली बार जीत लिया। भारत ने पहले तीनों मैच जीतकर थॉमस कप पर कब्जा जमाया। लक्ष्य सेन और किदाम्बी श्रीकांत ने एकल मैच तथा सात्विकसैराज रन्किरेड्डी और चिराग शेट्टी ने युगल मैच जीता। भारत ने शुक्रवार को इतिहास रचते हुए डेनमार्क को 3-2 से हराकर थॉमस कप के फाइनल में पहली बार जगह बनाई थी। भारतीय टीम इससे पहले 1952, 1955 और 1979 में सेमीफाइनल में पहुंची थी। बता दें कि भारतीय टीम ने 73 साल में पहली बार थॉमस कप जीता, वो भी उस इंडोनेशिया को हराकर, जिसने 14 बार इस खिताब को हासिल किया है।

    युवा शटलर लक्ष्य सेन ने पहले मुकाबले में दुनिया के पांचवें नंबर के खिलाड़ी एंथनी गिंटिंग को हराया। लक्ष्य ने गिनटिंग के खिलाफ 8-21, 21-17, 21-16 से जीत दर्ज की। यह दुनिया के 5वें नंबर के शटलर पर उनकी लगातार दूसरी जीत थी। 20 वर्षीय भारतीय ने इस साल की शुरुआत में जर्मन ओपन राउंड-16 मैच में गिनटिंग को सीधे गेम में 21-9, 21-9 से हराया था। भारत की बैडमिंटन पुरुष युगल जोड़ी सात्विकसैराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने युगल मैच में मोहम्मद अहसान और केविन संजय सुकमलुजो की जोड़ी के खिलाफ जीत दर्ज कर भारत की बढ़त 2-0 कर दी।

    सात्विक और चिराग ने यहां इम्पैक्ट एरिना में एक घंटे 13 मिनट तक चले रोमांचक मुकाबले में अहसान और सुकमलुजो पर 18-21, 23-21, 21-19 से जीत दर्ज की। मुकाबले में 2-0 की बढ़त बनाने के बाद तीसरे मैच में श्रीकांत हावी होकर खेले और उन्होंने जोनाथन क्रिस्टी को 48 मिनट में 21-15, 23-21 से पराजित कर खिताब भारत की झोली में डाल दिया। भारत के 3-0 की अपराजेय बढ़त बनाने के बाद शेष दो मैचों की जरुरत नहीं पड़ी। श्रीकांत ने इस जीत से क्रिस्टी के खिलाफ करियर रिकॉर्ड 5-5 कर लिया है। श्रीकांत के मैच जीतते ही भारतीय खेमे में ख़ुशी की लहर दौड़ गई और टीम को बधाइयों का तांता लग गया।

    थॉमस कप 1948-49 में हुआ शुरू

    थॉमस कप को आयोजित करने का विचार अंग्रेज बैडमिंटन खिलाड़ी सर जॉर्ज एलन थॉमस का था। वह 1900 के दशक की शुरुआत में एक बेहद सफल बैडमिंटन खिलाड़ी थे। वह फुटबॉल वर्ल्ड कप और टेनिस के डेविस कप की तर्ज पर बैडमिंटन में भी पुरुषों के लिए इस तरह टूर्नामेंट का आयोजन करना चाहते थे। पहली बार 1948-49 में इंग्लिश जमीं पर यह टूर्नामेंट हुआ। थॉमस कप पहले तीन साल में होता था, 1982 के बाद से 2 साल में होता है।

    इंडोनेशिया ने सबसे ज्यादा बार खिताब जीता

    अब तक 32 बार थॉमस कप हुआ है और केवल पांच देश ही विजेता बन सके हैं। इंडोनेशिया थॉमस कप की सबसे सफल टीम है। अब तक 14 बार खिताब पर कब्जा जमाया है। 1982 से इस टूर्नामेंट में भाग ले रही चीनी टीम ने 10 और मलेशिया ने 5 खिताब जीते हैं। जापान और डेनमार्क दोनों के पास एक-एक खिताब है। थॉमस कप हमेशा एशियाई देशों ने जीता। 2016 में डेनमार्क यह खिताब जीतने वाली पहली गैर एशियाई टीम थी।

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