Indian Embassy, Tehran Advisory: नई दिल्ली। भारत सरकार ने ईरान में उपस्थित अपने नागरिकों के लिए नवीन परामर्श जारी करते हुए उन्हें सुरक्षा कारणों से यथाशीघ्र देश छोड़ने की सलाह दी है। यह परामर्श ऐसे समय जारी किया गया है जब क्षेत्र में तनाव कम करने हेतु संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी संघर्ष-विराम की स्थिति बनी है, किंतु परिस्थितियों को अभी भी संवेदनशील माना जा रहा है। Indian Embassy News
तेहरान में भारत का दूतावास द्वारा जारी सलाह में कहा गया है कि ईरान में रह रहे भारतीय नागरिक दूतावास से निरंतर संपर्क बनाए रखें तथा उसी के निर्देशानुसार निर्धारित सुरक्षित मार्गों का उपयोग करते हुए शीघ्र वापसी की प्रक्रिया अपनाएं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि बिना पूर्व समन्वय के किसी अंतरराष्ट्रीय स्थलीय सीमा तक पहुंचने का प्रयास न किया जाए। दूतावास ने आपातकालीन परिस्थितियों के लिए विशेष संपर्क क्रमांक भी साझा किए हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर भारतीय नागरिकों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
भारत ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए संघर्ष-विराम का स्वागत
इसी बीच विदेश मंत्रालय, भारत ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए संघर्ष-विराम का स्वागत करते हुए आशा व्यक्त की है कि इससे West Asia में स्थिरता और शांति की दिशा में सकारात्मक वातावरण बनेगा। मंत्रालय ने अपने वक्तव्य में कहा कि वर्तमान संकट से प्रभावित आम नागरिकों की सुरक्षा तथा वैश्विक आर्थिक गतिविधियों की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए संवाद और कूटनीतिक प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं। विदेश मंत्रालय ने यह भी रेखांकित किया कि क्षेत्रीय तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति और व्यापारिक मार्ग प्रभावित हुए हैं। विशेष रूप से Strait of Hormuz जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर निर्बाध आवागमन वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत आवश्यक है। Indian Embassy News
उल्लेखनीय है कि यह घटनाक्रम उस समय सामने आया जब Donald Trump ने ईरान के विरुद्ध प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को दो सप्ताह के लिए सशर्त रूप से स्थगित करने की घोषणा की। इस निर्णय को रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों को पुनः सामान्य बनाने के प्रयासों से जोड़ा जा रहा है। ईरान की ओर से भी सकारात्मक संकेत प्राप्त हुए हैं।
देश के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने संकेत दिया है कि यदि ईरान के विरुद्ध सैन्य कार्रवाई पूरी तरह रोक दी जाती है, तो तेहरान भी अपनी ओर से आक्रामक कदमों को विराम देने के लिए तैयार रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यद्यपि संघर्ष-विराम से तत्काल राहत की संभावना बनी है, फिर भी क्षेत्रीय परिस्थितियां अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई हैं। ऐसे में भारत द्वारा अपने नागरिकों को सतर्क रहने और सुरक्षित वापसी की सलाह देना एक एहतियाती और जिम्मेदार कदम माना जा रहा है। Indian Embassy News















