नए ऐप ‘रेलवन’ से यात्रा होगी आसान
नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने डिजिटल सेवाओं के एकीकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अनारक्षित टिकटिंग प्रणाली (यूटीएस) ऐप को चरणबद्ध रूप से बंद करने का निर्णय लिया है। एक मार्च से यात्रियों के लिए यूटीएस ऐप पर अनारक्षित टिकट, प्लेटफॉर्म पास और सीजन टिकट की सुविधा उपलब्ध नहीं रहेगी। इसकी जगह रेलवे का नया एकीकृत मंच ‘रेलवन’ कार्य करेगा। Indian Railways
रेलवे के अनुसार, ‘रेलवन’ को एक समेकित डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है, जहां आरक्षित और अनारक्षित—दोनों प्रकार की टिकट बुकिंग एक ही इंटरफेस पर संभव होगी। अभी तक यूटीएस ऐप का उपयोग मुख्यतः अनारक्षित टिकट, मासिक/त्रैमासिक सीजन टिकट तथा प्लेटफॉर्म पास के लिए किया जाता था। नई व्यवस्था के अंतर्गत यात्रियों को अलग से नया खाता बनाने की आवश्यकता नहीं होगी। वे अपने मौजूदा यूटीएस या आईआरसीटीसी लॉगइन के माध्यम से ही ‘रेलवन’ पर प्रवेश कर सकेंगे। यह ऐप एंड्रॉइड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर निःशुल्क उपलब्ध है।
दैनिक रूप से अनारक्षित टिकट लेते हैं, उन्हें एकीकृत प्लेटफॉर्म से सुविधा मिलेगी
रेलवे का कहना है कि ‘रेलवन’ का उद्देश्य टिकटिंग प्रक्रिया को सरल और अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाना है। विशेषकर वे यात्री जो कभी-कभार यात्रा करते हैं या दैनिक रूप से अनारक्षित टिकट लेते हैं, उन्हें एकीकृत प्लेटफॉर्म से सुविधा मिलेगी। सरल इंटरफेस, तेज बुकिंग प्रक्रिया और बहु-सेवा एकीकरण के कारण यात्रियों को अलग-अलग ऐप का उपयोग नहीं करना पड़ेगा।
नकदरहित लेन-देन को प्रोत्साहित करने के लिए रेलवे ने ‘रेलवन’ के माध्यम से अनारक्षित टिकट की डिजिटल भुगतान द्वारा बुकिंग पर 3 प्रतिशत की छूट देने की घोषणा की है। यह रियायत सीमित अवधि—14 जनवरी से 14 जुलाई—तक लागू रहेगी। छूट का लाभ लेने के लिए यात्री यूपीआई, डेबिट/क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग या डिजिटल वॉलेट जैसे माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं। यह सुविधा केवल ‘रेलवन’ ऐप पर सीधे बुक किए गए टिकटों पर ही मान्य होगी। रेलवे का मानना है कि यह पहल देशभर के करोड़ों यात्रियों के लिए यात्रा अनुभव को अधिक सहज, त्वरित और आधुनिक बनाएगी। Indian Railways















