India Forex Reserves Gain: नई दिल्ली। देश के विदेशी मुद्रा भंडार में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। 16 जनवरी को समाप्त सप्ताह में यह भंडार 14.167 अरब डॉलर बढ़कर 701.360 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। इससे पूर्व 9 जनवरी को समाप्त सप्ताह में इसमें 392 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई थी। India Forex Reserves
विदेशी मुद्रा भंडार का प्रमुख घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां (एफसीए) हैं, जिनमें संबंधित सप्ताह के दौरान 9.652 अरब डॉलर का इजाफा हुआ और इनका कुल मूल्य 560.518 अरब डॉलर हो गया। एफसीए में अमेरिकी डॉलर के अतिरिक्त प्रमुख वैश्विक मुद्राएं—जैसे यूरो, येन और पाउंड—भी सम्मिलित होती हैं, जिनका मूल्यांकन डॉलर में किया जाता है।
इसी अवधि में स्वर्ण भंडार के मूल्य में भी वृद्धि दर्ज की गई। सोने का भंडार 4.623 अरब डॉलर बढ़कर 117.454 अरब डॉलर पर पहुंच गया। दूसरी ओर, विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) का मूल्य 35 मिलियन डॉलर घटकर 18.704 अरब डॉलर रह गया। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में आरक्षित स्थिति का मूल्य भी 73 मिलियन डॉलर घटकर 4.684 अरब डॉलर पर आ गया। उल्लेखनीय है कि अक्टूबर 2025 में विदेशी मुद्रा भंडार 702.25 अरब डॉलर तक पहुंचा था, जबकि इसका अब तक का सर्वोच्च स्तर सितंबर 2024 में 704.89 अरब डॉलर दर्ज किया गया था। India Forex Reserves
किसी भी राष्ट्र के लिए विदेशी मुद्रा भंडार उसकी आर्थिक स्थिरता का महत्वपूर्ण संकेतक होता है। यह न केवल बाह्य ऋण दायित्वों को पूरा करने में सहायक होता है, बल्कि विनिमय दर को संतुलित रखने में भी केंद्रीय भूमिका निभाता है। यदि डॉलर के मुकाबले रुपये पर दबाव बढ़ता है, तो केंद्रीय बैंक भंडार का उपयोग कर बाजार में हस्तक्षेप कर सकता है, जिससे मुद्रा की अत्यधिक गिरावट को रोका जा सके। सुदृढ़ और बढ़ता हुआ विदेशी मुद्रा भंडार यह दर्शाता है कि देश में विदेशी पूंजी और डॉलर का प्रवाह बना हुआ है। इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार को प्रोत्साहन मिलता है तथा वैश्विक आर्थिक मंच पर देश की वित्तीय विश्वसनीयता सुदृढ़ होती है। India Forex Reserves















