हरियाणा के गैर मान्यता प्राप्त व अस्थाई मान्यता प्राप्त स्कूलों पर लटकी तलवार

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Haryana News: हरियाणा के गैर मान्यता प्राप्त व अस्थाई मान्यता प्राप्त स्कूलों पर लटकी तलवार

इसी शैक्षणिक सत्र से स्कूल बंद करने का मिला नोटिस, सीएम मुख्यमंत्री से मिला प्राइवेट स्कूल संघ | Haryana News

  • प्रदेश में अभी तक लागू है शिक्षा नियमावली 2003

हिसार (सच कहूँ/संदीप सिंहमार)। Haryana News: हरियाणा के गैर मान्यता प्राप्त व स्थाई मान्यता प्राप्त स्कूलों पर एक बार फिर तलवार लटक गई है। इस बार हरियाणा के शिक्षा निदेशालय ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के निर्णय का हवाला देकर नए शैक्षणिक छात्र यानी 1 अप्रैल से इन स्कूलों को बंद करने का निर्देश जारी कर दिया है। ऐसे स्कूलों की संख्या करीब 4300 है। हरियाणा के प्राइवेट स्कूलों पर ऐसा ही संकट वर्ष 2003 में तत्कालीन ओमप्रकाश चौटाला सरकार में बना था। तब प्रदेश में शिक्षा नियमावली 2003 बनाई गई थी। उस वक्त भी प्राइवेट स्कूल संचालकों ने अपने स्टाफ को लेकर पूरे प्रदेश भर में विधायकों के घरों के सामने प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंप थे। लेकिन उसके बावजूद भी कोई राहत नहीं मिली थी।

2007 से मिलती आ रही है राहत | Haryana News

आखिर 2005 में जब हरियाणा में सत्ता परिवर्तन हुआ तब तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्राइवेट स्कूल संचालकों की बात को सुनते हुए नियमों में सरलीकरण करते हुए 2007 में एक्जिस्टिंग रूल बनाया था। इस रूल के तहत 31 मार्च 2007 से पहले हरियाणा प्रदेश में चलने वाले परमिशन प्राप्त सभी स्कूलों को अस्थाई मान्यता प्रदान कर दी गई थी। तब जाकर निजी स्कूलों को राहत मिली थी।

तब शिक्षा निदेशालय पंचकूला के पत्र जारी होने के बाद हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने भी 1 वर्ष के लिए हरियाणा के सभी परमिशन प्राप्त स्कूलों को अस्थाई मान्यता प्रदान कर दी थी। तब से लेकर अब तक एक-एक वर्ष की अस्थाई मान्यता बढ़ाई जा रही है। लेकिन अब अस्थाई व गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों से संबंधित एक मामला पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट में सुनवाई के लिए चला। इस सुनवाई के दौरान गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को बंद करने का निर्णय दिया गया।

हरियाणा सरकार लागू करना चाहती है हाई कोर्ट का निर्णय

हाईकोर्ट के निर्णय का निर्णय का हवाला देकर हरियाणा के शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों व जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेशित करते हुए अपने-अपने जिले में चलने वाले सभी गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को बंद करने के निर्णय जारी किए। Haryana News

मिल चुके हैं स्कूल बंद करने के नोटिस

गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को स्कूल बंद करने के नोटिस 31 मार्च से पहले मिल चुके हैं। जैसे ही स्कूल संचालकों को यह नोटिस मिले स्कूल संचालक अपने स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के प्रति चिंतित हुए स्कूल संचालकों ने हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के नेतृत्व में हांसी के विधायक विनोद भयाना को साथ लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सैनी से मुलाकात कर इस संबंध में ज्ञापन भी सौंपा है। विधायक विनोद भयाना व मुख्यमंत्री ने प्राइवेट स्कूल संचालकों को भरोसा दिलाया है कि उनके प्रति इंसाफ किया जाएगा। किसी भी स्कूल को बंद नहीं होने दिया जाएगा। लेकिन शिक्षा निदेशालय इन सभी गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को बंद करने के नोटिस जारी कर चुका है।

दाखिले होंगे या नहीं, संशय बरकरार | Haryana News

अब यह संशय से बना हुआ है कि गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों में वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिए दाखिले होंगे या नहीं। इसको लेकर जहां स्कूल संचालक खुद चिंतित है। वहीं इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों के मन में भी चिंता है। यदि प्रदेश में गैर मान्यता प्राप्त स्कूल बंद होते हैं तो इन स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करने वाले बच्चों को या तो नजदीकी सरकारी स्कूलों में या फिर मान्यता प्राप्त स्कूलों में शिफ्ट किया जा सकता है।

60 हजार शिक्षक होंगे बेरोजगार-कुंडू

यहां यह भी बात सोचनी होगी कि गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों की संख्या हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के प्रदेश अध्यक्ष सत्यवान कुंड के अनुसार 4300 है। उनका कहना है कि यदि यह स्कूल बंद होते हैं तो इनमें काम करने वाले करीब 60 हजार अध्यापक भी बेरोजगार हो जाएंगे। इसलिए सरकार को सकारात्मक रूप से अपने निर्णय पर विचार करते हुए स्थाई मान्यता के लिए नियमों में सरलीकरण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके अलावा पहले से चले आ रहे स्थाई मान्यता प्राप्त स्कूलों को 10 वर्ष के बाद रिव्यू करवाने की शर्त को भी हटाना चाहिए, ताकि बार-बार स्कूलों को शिक्षा निदेशालय के चक्कर न काटने पड़े। Haryana News

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