
मुंबई (सच कहूँ न्यूज़)। किशिनचंद चेलाराम (KC) कॉलेज के मास मीडिया विभाग द्वारा आयोजित बारहवाँ अंतरराष्ट्रीय मीडिया समिट 13 और 14 फरवरी को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। दो दिवसीय इस समिट में तेजी से ध्रुवीकृत हो रहे मीडिया परिदृश्य में विश्वसनीयता, तकनीक, नैतिकता और नैरेटिव पावर जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन मंथन हुआ।
फेस्ट प्रतिनिधि ने सच कहूँ संवाददाता को बताया कि समिट का उद्देश्य छात्रों, शिक्षाविदों और उद्योग विशेषज्ञों के बीच सार्थक संवाद स्थापित करना था।
AI और रचनात्मकता पर जोर
रेडियो मिर्ची 98.3 FM के RJ जीतूराज ने “AI – The Future Dinosaur” सत्र में छात्रों को रचनात्मक सीमाओं से बाहर सोचने की प्रेरणा दी। उन्होंने AI को खतरे के बजाय विवेकपूर्ण उपयोग से रचनात्मकता बढ़ाने वाला उपकरण बताया।
वरिष्ठ पत्रकार डॉ. संजय सिंह ने मीडिया में नैरेटिव ड्राफ्टिंग के प्रभाव पर चेतावनी देते हुए कहा कि कभी-कभी खबरों को कमजोर करने के लिए जानबूझकर अराजकता फैलाई जाती है। उन्होंने कहा कि सत्य धीमे चलता है, जबकि धारणा और झूठ तेजी से फैलते हैं।
रणनीतिक संचार और ब्रांड प्रतिष्ठा पर चर्चा
नीदरलैंड्स कॉन्सुलेट जनरल के आर्थिक मामलों के सलाहकार राहुल महेश्वरी ने मीडिया कंटेंट की प्रासंगिकता के आर्थिक पहलुओं पर प्रकाश डाला।
रणनीतिक संचार सलाहकार डॉ. रुता व्यास ने ‘विन-विन कम्युनिकेशन’ को दीर्घकालिक सफलता की कुंजी बताया।
क्राइसिस कम्युनिकेशन विशेषज्ञ हीता पारिख ने कहा कि किसी भी ब्रांड की सबसे संवेदनशील संपत्ति उसकी प्रतिष्ठा होती है और प्रभावी संचार संकट में सुरक्षा कवच का काम करता है।
अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण और तकनीकी अंतर्दृष्टि
अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ डॉ. नैन्सी स्नो ने पत्रकारिता में पक्षपात और नैतिक चुनौतियों पर चर्चा की, जबकि डॉ. एलिज़ाबेथ लुबिंगा ने हाशिए के समुदायों के सशक्तिकरण में संचार की भूमिका रेखांकित की।
सिनेमैटोग्राफर स्वप्ना पाटसकर ने कैमरा तकनीक, वर्टिकल वीडियो ट्रेंड और अपने प्रोजेक्ट्स पर प्रकाश डाला तथा भारत की पहली AI-निर्मित फिल्म के अंश भी प्रदर्शित किए।
इसके अतिरिक्त अमिता बालचंद्र, अमेय कर्वे और अदिति कामत ने भी उद्योग अनुभव साझा किए।

13 शोध पत्र प्रस्तुत
समिट के अकादमिक सत्रों में मीडिया एथिक्स, डिजिटल कम्युनिकेशन और पब्लिक पॉलिसी पर 13 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए।
फेस्ट प्रतिनिधि ने सच कहूँ को बताया कि इससे शैक्षणिक कठोरता और उद्योग प्रासंगिकता के बीच मजबूत तालमेल देखने को मिला।
संस्थानिक मार्गदर्शन से मिली सफलता
इस आयोजन को कर्नल डॉ. प्रो. हेमलता बागला, कुलपति, HSNC University का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम को प्रो. तेजश्री शानभाग (प्राचार्य) और प्रो. शालिनी आर. सिन्हा (उपप्राचार्य एवं विभागाध्यक्ष) का सशक्त समर्थन मिला।
समिट के संयोजक डॉ. विधि अग्रवाल और सुश्री स्नेहा सुभेदार तथा जनसंचार विभाग की टीम के कुशल समन्वय से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
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