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Saturday, February 7, 2026
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    डेरा सच्चा सौदा ने दिया स्वस्थ जीवन का संदेश

    International yoga day

    शाह सतनाम जी धाम में मनाया 5वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

    • -राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सहित 3 हजार से ज्यादा लोगों ने की योग क्रियाएं

    सरसा (सुनील वर्मा/सच कहूँ)। डेरा सच्चा सौदा के शाह सतनाम जी धाम में पाँचवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (International yoga day) के अवसर पर योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शाह सतनाम जी रिसर्च एंड डिवेल्पमेंट फाउंडेशन के तत्वाधान तथा पूजनीय माता आस कौर जी आयुर्वेदिक अस्पताल, सिरसा के सहयोग से आयोजित योग शिविर में शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेल्फेयर फोर्स विंग के सदस्यों व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों सहित 3 हजार से ज्यादा लोगों ने योग क्रियाएं करते हुए स्वस्थ जीवन जीने का संदेश दिया।

    इस अवसर पर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की रिकॉर्डिड वीडियो के माध्यम से योग और मेडिटेशन पर प्रकाश डालने वाले वचन चलाए गए।  शाह सतनाम जी धाम में स्थित पंडाल में योगाभ्यास कार्यक्रम का शुभारंभ डेरा सच्चा सौदा की प्रबंधन समिति के सदस्यों, अस्पताल के चिकित्सकों व शाह सतनाम जी शिक्षण संस्थानों के अध्यापकों ने सुबह 7 बजे पवित्र नारे ‘धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा’ व योगा प्रार्थना के साथ किया गया।

    इस दौरान पूजनीय माता आस कौर जी आयुर्वेदिक अस्पताल के डॉक्टर अजय गोपलानी, डॉ. मीना गोपलानी, डॉ. शशिकांत व डॉ. बिजोय ने विभिन्न योग क्रियाएं करवाईं। योग क्रियाओं में पेट के बल लेटकर किए जाने वाले आसनों में मकरासन, भुजंगासन और शलभासन, पीठ के बल लेटकर किए जाने वाले आसनों में सेतूबंध आसन, उत्तानपाद आसन, अर्ध हलासन, पवनमुक्तासन और श्वासन करवाए गए। इसके साथ-साथ कपाल भाति और प्राणायाम में नाड़ी सोधन, अनुलोम-विलोम प्राणायाम करवाए गए। एक घंटे तक चले शिविर में योग क्रियाओं के दौरान योगासन व प्राणायाम से होने वाले स्वास्थ्य लाभ के बारे में विस्तार से बताया गया।

    सैकड़ों राष्ट्रीय और राष्ट्रीय खिलाड़ी हुए शामिल

    शिविर में अंतरराष्ट्रीय योगा खिलाड़ी नीलम इन्सां, स्वप्निल इन्सां, कीर्ति इन्सां, कर्मदीप इन्सां और ईलम चंद इन्सां सहित शाह सतनाम जी शिक्षण संस्थानों से 62 अंतरराष्ट्रीय और 1465 राष्ट्रीय खिलाड़ियों ने भाग लिया। बता दें कि इन खिलाड़ियों को पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने स्वयं ट्रेनिंग दी है तथा खेलों की बारिकियों से रूबरू करवाकर पारंगत बनाया है।

    पूज्य गुरु जी से मिली योगा के प्रति प्रेरणा

    मैंने 1994 में नौंवी कक्षा में शाह सतनाम जी गर्ल्ज स्कूल में दाखिला लिया। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने हमें बताया कोरिया और जर्मनी देशों में छोटे-छोटे बच्चे भी योगा और जिम्नास्टिक में बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं तो अपने स्कूल के बच्चे भी ऐसा क्यों नहीं कर सकते। वहीं से हमें योगा के प्रति प्रेरणा मिली और पूज्य गुरु जी ने हमें खेल ऐसी तकनीकें बताई जो आसान न सिर्फ आसान थी, बल्कि हमारे प्रदर्शन में बहुत ज्यादा सुधार लाई। इसी के परिणाम स्वरूप विश्व योगा कप सहित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 10 स्वर्ण, 10 रजत और 10 कांस्य पदकों सहित राष्ट्रीय स्तर पर अनेक मैडल जीत कर देश को गौरवान्वित कर पाई।
    नीलम इन्सां, अंतरराष्ट्रीय योगा खिलाड़ी

    2001 में शाह सतनाम जी गर्ल्ज स्कूल से  शुरू किया योगाभ्यास

    मैंने 2001 में शाह सतनाम जी गर्ल्ज स्कूल से योगाभ्यास शुरू किया। जहां पूज्य गुरु जी ने हमें स्केटिंग व अन्य खेलों की महत्वपूर्ण टैक्निक सिखाई। जो बेहतर प्रदर्शन करने में मददगार साबित हुर्इं। ये पूज्य गुरु जी कोचिंग का ही प्रतिफल था कि मैं इंडिया गॉट टैलेंट में भाग ले सकी और वहां अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, जो पूरे देश में सराहा गया। अब तक मैं पाँच योगा विश्व कप में भाग लेने सहित राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर 15 स्वर्ण, 13 रजत और 9 कांस्य पदक जीत चुकी हूँ।
    कर्मदीप इन्सां, अंतरराष्ट्रीय योगा खिलाड़ी

    शारीरिक फिटनेस के साथ-साथ मानसिक संतुलन भी अति आवश्यक

    बचपन से लेकर आज तक जो मैं सीख पाई हूँ, वो मुझे गुरु पापा डॉ. एमएसजी ने ही सिखाया है। वे हर पल हमारा मार्गदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने हमें टैक्निक ही ऐसी सिखाई हैं, जिनसे हमारे खेल में निरंतर निखार आ रहा है और आज भी उन्हीं टैक्निक को फॉलो करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। इन तकनीकों की बदौलत ही मैं वर्ल्ड योगा चैंपियनशिप में 13 स्वर्ण, 7 रजत और 7 कांस्य पदक और योगा एशिया चैंपियनशिप में 9 रजत, 8 कांस्य सहित राष्ट्रीय स्तर पर ढेरों मैडल जीत पाई हूँ। पूज्य गुरु जी ने हमें सिखाया है कि खेल में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए शारीरिक फिटनेस के साथ-साथ मानसिक संतुलन भी अति आवश्यक है और मानसिक संतुलन के लिए खेल के अभ्यास के साथ-साथ मेडिटेशन बहुत जरूरी है, जिससे ध्यान एकाग्रचित होता है।
    स्वप्निल इन्सां, अंतरराष्ट्रीय योगा खिलाड़ी

    पूज्य गुरु जी द्वारा बताई गई तकनीकों को अपनाकर मैंने 2008 में योगाभ्यास शुरू किया। अब तक तीन एशिया कप और दो वर्ल्ड चैंपियनशिप में 12 रजत और 9 रजत जीत पाई हूँ। मेरे पापा कोच ने ही हम बेटियों को शिक्षा के साथ-साथ खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है।
    कीर्ति इन्सां, अंतरराष्ट्रीय योगा खिलाड़ी

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