Gold Price Today: “सही समय 20 साल पहले था, दूसरा आज है…” यह मशहूर चीनी कहावत एक बार फिर सच होती दिख रही है। 1980 के दशक के बड़े सिल्वर क्रैश के बाद अब एक बार फिर सोना-चांदी निवेशकों को भारी झटका लगा है। Gold-Silver Crash:
बजट के बाद कमोडिटी मार्केट में भूचाल | Gold-Silver Crash
केंद्रीय बजट के दिन रविवार को आई भारी गिरावट के बाद सोमवार को भी MCX पर गोल्ड और सिल्वर की कीमतें धड़ाम हो गईं। खासकर वे निवेशक जो चांदी के 4 लाख रुपये प्रति किलो के पार जाने से उत्साहित थे, उन्हें महज चार दिन में लगभग 50% तक का नुकसान झेलना पड़ा है।
चांदी ने मचाई तबाही
चांदी की कीमतों में गिरावट हर दिन और तेज होती जा रही है। MCX पर 5 मार्च एक्सपायरी वाली सिल्वर 12% से ज्यादा टूट चुकी है बजट वाले दिन (रविवार) 1 किलो चांदी 2,65,652 रुपये पर बंद हुई थी। सोमवार को इसमें 15% का लोअर सर्किट लगा कीमत गिरकर 2,25,805 रुपये प्रति किलो पर आ गई।
- 👉 यानी एक ही दिन में 39,847 रुपये प्रति किलो की गिरावट
- 4 दिन में करीब 2 लाख रुपये सस्ती हुई चांदी
- बजट से पहले गुरुवार को चांदी ने इतिहास रच दिया था—
- पहली बार MCX पर 4 लाख रुपये प्रति किलो का स्तर पार
- ट्रेडिंग के अंत में 4,20,048 रुपये प्रति किलो का लाइफटाइम हाई
- लेकिन इसके बाद जो गिरावट आई, उसने निवेशकों की कमर तोड़ दी।
सिर्फ 4 दिन में चांदी 1,94,243 रुपये सस्ती हो गई
यानि जिन निवेशकों ने हाई पर खरीदा, उनका पैसा लगभग आधा रह गया
सोना भी नहीं संभल पा रहा।
- चांदी के साथ-साथ सोने की चमक भी फीकी पड़ गई है।
- रविवार को MCX Gold (2 अप्रैल एक्सपायरी)
- 👉 बंद भाव: 1,47,753 रुपये प्रति 10 ग्राम
- सोमवार को गिरकर पहुंचा: 1,38,888 रुपये
- एक ही दिन में 8,865 रुपये की गिरावट
हाई लेवल से कितना टूटा सोना?
पिछले हफ्ते गुरुवार को गोल्ड ने 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम का ऑल-टाइम हाई छुआ था। अब तक इसमें 54,208 रुपये की गिरावट आ चुकी है ।
क्यों बिखर रहे हैं Gold-Silver?
सोना-चांदी में इस भारी गिरावट के पीछे कई बड़े कारण हैं—
1️⃣ मुनाफावसूली (Profit Booking): ऑल-टाइम हाई पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने जमकर मुनाफा निकाला, जिससे भारी सेलऑफ देखने को मिला।
2️⃣ चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड में गिरावट: चीन और यूरोप में इंडस्ट्रियल डिमांड कमजोर
इसका सीधा असर चांदी की कीमतों पर पड़ा
3️⃣ डॉलर की मजबूती:
डोनाल्ड ट्रंप का बयान:
👉 FED प्रमुख के तौर पर जेरोम पॉवेल की जगह केविन वॉर्श का नाम
इससे US डॉलर मजबूत हुआ
- मजबूत डॉलर = कमजोर सोना-चांदी
- सोना और चांदी दोनों ने रिकॉर्ड बनाने के बाद निवेशकों को बड़ा झटका दिया है।
- जो निवेशक हाई लेवल पर एंट्री कर बैठे थे, उन्हें बेहद कम समय में भारी नुकसान उठाना पड़ा।















