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Saturday, April 11, 2026
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    Middle East Crisis: ‘हमले में बिगड़ गया ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई का चेहरा’, फिर भी सक्रिय! रिपोर्ट में दावा

    Middle East Crisis
    Mojtaba Khamenei

    Mojtaba Khamenei: तेहरान। पश्चिम एशिया में जारी तनावपूर्ण परिस्थितियों के बीच ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य को लेकर विभिन्न अंतरराष्ट्रीय स्रोतों में चर्चाएँ तेज हो गई हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार संघर्ष की प्रारम्भिक अवस्था में हुए एक हवाई हमले में उन्हें चेहरे और पैरों में गंभीर चोटें आई थीं, जिनसे वे अभी भी उबरने की प्रक्रिया में बताए जा रहे हैं। Middle East Crisis

    बताया जाता है कि राजधानी तेहरान स्थित सर्वोच्च नेता के परिसर पर हुए हमले के दौरान उन्हें गहरी शारीरिक क्षति पहुँची थी। यद्यपि उनकी स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है, फिर भी चिकित्सकीय देखरेख जारी है। सूत्रों के अनुसार वे मानसिक रूप से पूर्णतः सक्रिय हैं और शासन से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों में अपनी भूमिका निभा रहे हैं।

    सूत्रों का यह भी कहना है कि वे वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित न होकर ऑडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठकें कर रहे हैं। इन बैठकों में युद्ध की रणनीति, आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था तथा अमेरिका के साथ संभावित वार्ताओं जैसे विषयों पर चर्चा की जा रही है।रिपोर्टों के अनुसार सर्वोच्च नेता का पद ग्रहण करने के बाद से मोजतबा खामेनेई सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिखाई नहीं दिए हैं। कुछ अंतरराष्ट्रीय अधिकारियों ने भी संकेत दिया है कि संघर्ष के दौरान उन्हें चोटें लगी थीं, जिसके कारण उनकी सार्वजनिक उपस्थिति सीमित रही। Middle East Crisis

    …तो ईरान के राजनीतिक ढाँचे में आंतरिक मतभेद उभर सकते हैं

    विश्लेषकों का मानना है कि वर्तमान परिस्थितियों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) तथा अन्य सैन्य इकाइयाँ अपेक्षाकृत स्वतंत्र ढंग से कार्य कर रही हैं। विशेषज्ञों ने यह आशंका भी व्यक्त की है कि यदि भविष्य में किसी प्रकार का संघर्ष-विराम समझौता कट्टरपंथी समूहों की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरता, तो ईरान के राजनीतिक ढाँचे में आंतरिक मतभेद उभर सकते हैं।

    मोजतबा खामेनेई का जन्म वर्ष 1969 में ईरान के धार्मिक महत्व वाले शहर मशहद में हुआ था। यह वह दौर था जब उनके पिता अली खामेनेई तत्कालीन शासन प्रमुख शाह मोहम्मद रज़ा पहलवी के विरोध में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। ऐतिहासिक उल्लेखों के अनुसार उस समय की गुप्त पुलिस SAVAK ने उनके परिवार के निवास पर छापा भी मारा था। इस घटना का प्रभाव उनके पारिवारिक जीवन पर पड़ा और उसी वातावरण में उनका प्रारम्भिक जीवन विकसित हुआ।

    विश्लेषकों का कहना है कि उनके सर्वोच्च नेतृत्व तक पहुँचने को लेकर ईरान की धार्मिक शासन प्रणाली में वंशानुगत प्रभाव की चर्चा भी हुई है। हालांकि समर्थकों का मानना है कि वर्तमान संघर्ष की परिस्थितियों में उनकी भूमिका और प्रभाव और अधिक मजबूत हुआ है। रिपोर्टों के अनुसार देश की सैन्य संरचना तथा संवर्धित यूरेनियम भंडार जैसे संवेदनशील रणनीतिक विषयों पर भी उनका प्रभाव बढ़ता हुआ माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मत है कि भविष्य की सुरक्षा नीति में इन कारकों की महत्वपूर्ण भूमिका रह सकती है। Middle East Crisis