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Thursday, March 26, 2026
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    जाट आरक्षण हिंसा की हाईकोर्ट द्वारा गठित एसआईटी से हो जांच: मलिक

    Jat Reservation, Can Be, Investigated, By SIT Formed, High Court Violence: Malik

    रोहतक में बोले यशपाल मलिक, रोजाना आता हूं हरियाणा, जब चाहे कर लो गिरफ्तार

    शिक्षा मंत्री में हिम्मत है तो पहले वितमंत्री, कृषिमंत्री व सहकारिता मंत्री की संलिप्ता की करवाएं जांच

    रोहतक(नवीन मलिक)।

    अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि जाट आरक्षण हिंसा की कोर्ट द्वारा गठित एसआईटी से जांच होनी चाहिए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। साथ ही उन्होंने प्रदेश के शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा द्वारा दिए बयान पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि वे हर रोज हरियाणा में आते है, जब चाहे उन्हें गिरफ्तार कर ले, हिंसा के दौरान सरकार द्वारा झूठे मुकदमे दर्ज करवाए गए है और वे गिरफ्तारी से नहीं डरते है। यशपाल मलिक ने कहा कि अगर शिक्षा मंत्री में हिम्मत है तो वर्ष 2016 में हुई हिंसा की साजिश रचने वाले हरियाणा सरकार के मंत्रियों व सांसदों की जांच करवा कर दिखाए। दरअसल शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ने कहा था कि जल्द ही यशपाल मलिक के खिलाफ भी कारवाई की जाएगी। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार के मंत्री, सांसद व विधायक दंगे करवाने में एक्सपर्ट है और सरकार दोबारा से हिंसा करवाने का षडयंत्र रच रही है, लेकिन जाट समाज सरकार के इस षडयंत्र को किसी कीमत पर कामयाब नहीं होने देगा। रविवार को अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक कलानौर पहुंचे और पदाधिकारियों की बैठक ली।

    12 को तैयार होगी 16 के आंदोलन की रूपरेखा

    जाट नेता ने बताया कि 12 अगस्त को जसिया में भाईचारा सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा और उसी दिन 16 अगस्त के आंदोलन को लेकर रूपरेखा तय की जाएगी। मलिक ने कहा कि सरकार ने जाट समाज के साथ वायदा खिलाफी की है। समझौते के तहत न तो युवाओं पर दर्ज मुकदमे वापिस हुए है और न ही जाट समाज को आरक्षण मिला है। उन्होंने कहा कि जाट समाज में सरकार के प्रति भारी रोष है। बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए यशपाल मलिक ने कहा कि भाजपा के मंत्री, सांसद व विधायक दंगे करवाने में एक्सपर्ट हंै। वर्ष 2016 में हुई हिंसा भाजपा के वितमंत्री, षिमंत्री, सहकारिता मंत्री व सांसद द्वारा करवाई गई है। सरकार बदलने के बाद मुख्यमंत्री सहित हिंसा के षडयंत्र कारियों के खिलाफ कारवाई की जाएगी।

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