
Hazaribagh Bulldozer Action: हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग जिले में गुरुवार को जिला प्रशासन और एनटीपीसी के संयुक्त अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई की गई। योगेंद्र साव से संबंधित एक आवासीय संरचना को बुलडोजर की सहायता से ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई बड़कागांव थाना क्षेत्र के खनन प्रभावित इलाके में की गई। Jharkhand News
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जिस भूखंड पर यह निर्माण किया गया था, वह खनन परियोजना हेतु अधिग्रहित भूमि का हिस्सा है। अधिकारियों का कहना है कि कोयला उत्पादन कार्य में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो, इसके लिए उक्त क्षेत्र को खाली कराना आवश्यक था। इस संबंध में संबंधित पक्ष को पूर्व में कई बार नोटिस जारी किए गए थे, किंतु निर्धारित समयावधि में अतिक्रमण नहीं हटाया गया।
कार्रवाई के दौरान दंडाधिकारियों की उपस्थिति में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति को रोका जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह कदम विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत उठाया गया है और इसका उद्देश्य परियोजना कार्य को सुचारू बनाए रखना है। घटना की जानकारी मिलते ही अंबा प्रसाद मौके पर पहुंचीं और प्रशासन की कार्रवाई का विरोध दर्ज कराया। Jharkhand News
”बिना उचित मुआवजा दिए आवास को गिराया गया”
उन्होंने आरोप लगाया कि बिना उचित मुआवजा दिए आवास को गिराया गया है। उनका कहना है कि मुआवजे से संबंधित प्रकरण न्यायालय में लंबित है, इसके बावजूद जल्दबाजी में कार्रवाई की गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि कार्रवाई के समय परिवार के सदस्य घर के भीतर मौजूद थे, जिसे अनदेखा किया गया। इस प्रकरण को उन्होंने भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के विरुद्ध बताते हुए न्यायिक चुनौती देने की बात कही है।
उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में इस क्षेत्र में संबंधित पक्ष और परियोजना प्रबंधन के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई थी। कुछ घटनाओं के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। इसी के तहत व्यापक सुरक्षा प्रबंधों के बीच यह कार्रवाई संपन्न की गई। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, किंतु इस घटनाक्रम ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। Jharkhand News














