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    लोक अदालत में समाधान कानूनी दृष्टिकोण से ही नहीं बल्कि आपसी समझ से होता है – न्यायूमर्ति जसप्रीत

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    Firozabad News: लोक अदालत में समाधान कानूनी दृष्टिकोण से ही नहीं बल्कि आपसी समझ से होता है - न्यायूमर्ति जसप्रीत

    राष्ट्रीय लोक अदालत में हुआ 1.54 लाख वादों का निस्तारण, 13.11 करोड़ से अधिक की राशि हुई प्राप्त

    फिरोजाबाद (सच कहूँ/विकास पालीवाल)। Firozabad News: शनिवार को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली व उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के दिशा-निर्देशन में जनपद न्यायालय में राष्ट्रीय लाेक अदालत का उद्घाटन उच्च न्यायालय, लखनऊ खंडपीठ इलाहाबाद के प्रशासनिक न्यायूमर्ति जसप्रीत सिंह द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित करते हुए किया गया। कार्यक्रम में जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डा० बब्बू सारंग, पीठासीन अधिकारी महेन्द्र सिंह, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय अरविन्द कुमार सिंह, जिलाधिकारी रमेश रंजन, एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारी, जज एवं बार के सदस्य उपस्थित रहे। Firozabad News

    इस अवसर पर प्रशासनिक न्यायूमर्ति जसप्रीत सिंह द्वारा मौजूद वादकारियों एवं अन्य लोगों को संबोधन करते हुए कहा कि लोक अदालत की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें समाधान केवल कानूनी दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि आपसी समझ और विश्वास के आधार पर होता है, जो लंबे समय तक टिकाऊ और व्यवहारिक रहता है। उन्होंने कहा कि न्यायालय का उद्देश्य केवल वादों का निस्तारण करना नहीं, बल्कि समाज में शांति और समरसता स्थापित करना भी है। लोक अदालत के माध्यम से पक्षकार न केवल समय और धन की बचत कर पाते हैं, बल्कि आपसी रिश्तों को भी संजोकर रखते हैं।

    इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश डा० बब्बू सारंग ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत न्याय तक पहुँच का एक सशक्त, सरल और प्रभावी माध्यम है। लोक अदालतों के माध्यम से विवादों का निस्तारण केवल त्वरित और सहज ढंग से ही नहीं होता, बल्कि यह पक्षकारों के बीच आपसी संवाद और सौहार्द को भी प्रोत्साहित करता है। प्राधिकरण के सचिव/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अतुल चौधरी ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य विवादों को आपसी सहमति और समझौते के आधार पर हल करना है ताकि पक्षकार लम्बी और जटिल न्यायिक प्रक्रिया से बच सकें। राष्ट्रीय लोक अदालत में 154146 वादों का निस्तारण किया जिसमें अर्थदण्ड व समझाैता राशि कुल 131105717 रुपए हासिल हुई । इनमें से मुख्यतः जनपद न्यायालय द्वारा 13192 वाद, परिवार न्यायालयों द्वारा 116 वाद, राजस्व न्यायालय द्वारा 51971 वाद, बैंक द्वारा वसूली योग्य 1573 वादों में तथा अन्य विभागों द्वारा 87410 वाद निस्तारित किये। Firozabad News

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