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    बाबू कांशी राम के लिए भारत रत्न की मांग वाला वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा पेश प्रस्ताव विधानसभा द्वारा सर्वसम्मति से पारित

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    Chandigarh News: बाबू कांशी राम के लिए भारत रत्न की मांग वाला वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा पेश प्रस्ताव विधानसभा द्वारा सर्वसम्मति से पारित

    बाबू कांशी राम ने बाबा साहेब डॉ. बी.आर. आंबेडकर की विचारधारा को आगे बढ़ाया और सामाजिक-आर्थिक समानता का संदेश घर-घर तक पहुंचाया: हरपाल सिंह चीमा

    • उन्होंने गजेटेड अधिकारी के रूप में अपना करियर त्याग कर अपना जीवन गरीब और मध्यम वर्गीय पृष्ठभूमि के युवाओं के सशक्तिकरण को समर्पित किया: हरपाल सिंह चीमा
    • ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 2016 में ही बाबू कांशी राम  के लिए भारत रत्न की मांग की थी: हरपाल सिंह चीमा

    चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)। Chandigarh News: देश द्वारा उनकी 92वीं जयंती मनाए जाने के ठीक एक दिन बाद, प्रख्यात समाज सुधारक और राजनीतिक नेता बाबू कांशी राम को भारत रत्न देने की मांग करता एक ऐतिहासिक प्रस्ताव आज पंजाब विधानसभा द्वारा सर्वसम्मति से पारित किया गया। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा पेश किए गए इस प्रस्ताव में केंद्र सरकार से अपील की गई है कि वह बाबू कांशी राम को मरणोपरांत भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रदान करे। इस प्रस्ताव को पूरे सदन में सर्वसम्मति से समर्थन मिला और पंजाब सरकार इस मजबूत सिफारिश को केंद्र सरकार को भेजेगी। Chandigarh News

    प्रस्ताव पेश करते हुए महान नेता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा,“बाबू कांशी राम ने बाबा साहेब डॉ. बी.आर. आंबेडकर की विचारधारा के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और सामाजिक-आर्थिक समानता का संदेश हर घर तक पहुंचाया। बाबू कांशीराम असाधारण ईमानदारी के प्रतीक थे। उन्होंने अपने नाम पर किसी भी प्रकार की संपत्ति, जमीन या बैंक खाता नहीं रखा और इसी तरह इस दुनिया को अलविदा कहा।”

    उन्होंने आगे कहा,“बाबू कांशी राम ने जातिगत भेदभाव के खिलाफ संघर्ष करने के लिए पुणे में एक गजेटेड अधिकारी के रूप में अपना करियर छोड़ दिया। पहले ऑल इंडिया बैकवर्ड एंड माइनॉरिटी कम्युनिटीज एम्प्लॉइज फेडरेशन (बामसेफ़) की स्थापना करके और बाद में सक्रिय राजनीति में प्रवेश कर उन्होंने गरीब और मध्यम वर्गीय पृष्ठभूमि से आने वाले हजारों युवाओं को राष्ट्रीय राजनीति के मैदान में उतरने के लिए सशक्त किया।”

    नेता के जीवन और राजनीतिक सफर पर प्रकाश डालते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “बाबू कांशी राम का जन्म 15 मार्च 1934 को रोपड़ के ख्वासपुरा गांव में हुआ था और उन्होंने सरकारी कॉलेज रोपड़ से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। बाद में उन्होंने 1991 में उत्तर प्रदेश के इटावा से और 1996 में पंजाब के होशियारपुर से सांसद के रूप में सेवा दी तथा इसके बाद राज्यसभा में भी अपनी सेवाएं दीं।” Chandigarh News

    नेता की विरासत को सम्मान देने के लिए हाल में उठाए गए कदमों के बारे में बताते हुए वित्त मंत्री ने कहा,“हाल ही में अपने कैबिनेट सहयोगी हरजोत सिंह बैंस के साथ मैंने बाबू कांशीराम से जुड़े रोपड़ जिले के गांव ख्वासपुरा और आनंदपुर साहिब के पृथीपुर बुंगा का दौरा किया। उनकी विरासत को स्थानीय स्तर पर सम्मान देने के लिए पंजाब सरकार ने एक स्थानीय स्कूल के पुनर्निर्माण और उन्नयन के लिए 2 करोड़ रुपये की अनुदान राशि स्वीकृत की है, जिसका नाम बाबू कांशी राम के नाम पर रखा जाएगा। इसके अलावा, सरकार ने उनके पैतृक गांव में एक उच्च स्तरीय पुस्तकालय और एक आधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण को भी मंजूरी दी है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए उनके ऐतिहासिक योगदान को सुरक्षित रखा जा सके।”

    वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आगे कहा,“आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 2016 में ही औपचारिक रूप से बाबू कांशी राम को भारत रत्न देने की मांग की थी।

    हालांकि इससे पहले 9 अक्टूबर 2006 को बाबू कांशीराम के निधन के बाद कांग्रेस के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार बहुजन समाज पार्टी और उनके समर्थकों की व्यापक मांग के बावजूद दिल्ली में उनके लिए एक स्मारक हेतु उपयुक्त भूमि आवंटित करने में विफल रही थी।”

    अंत में उन्होंने सदन से सर्वसम्मति से प्रस्ताव का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा, “इस सदन को यह प्रस्ताव पूर्ण एकता के साथ पारित करना चाहिए और बाबू कांशी राम को भारत रत्न प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार को एक मजबूत सिफारिश भेजनी चाहिए।”

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