राष्ट्रीय राइफल्स के पैरा कमांडो लांस नायक प्रदीप नैन का राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

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Narwana News : राष्ट्रीय राइफल्स के पैरा कमांडो लांस नायक प्रदीप नैन का राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

जब तक सूरज चांद रहेगा प्रदीप तेरा नाम रहेगा नारों से गूंजा गांव | Narwana News

नरवाना (सच कहूँ/राहुल)। Martyr Pardeep: जींद जिले की तहसील नरवाना के गांव जाजनवाल निवासी राष्ट्रीय राइफल्स के शहीद पैरा कमांडो लांस नायक प्रदीप नैन को अंतिम विदाई दी गई। शहीद का पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया गया। सोमवार सुबह के लगभग 9 बजकर 10 मिनट पर पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव में पहुंचा। शहीद का पार्थिव शरीर गांव में पहुंचते ही लोगों की आंखें नम हो गई। इससे पहले उनके पार्थिव शरीर को सेना के वाहन में पैतृक गांव लाया गया। लंबे काफिले के साथ शहीद प्रदीप नैन का पार्थिव शरीर गांव में पहुंचा। इस दौरान पूरा गांव शहीद प्रदीप नैन अमर रहे, जब तक सूरज-चांद रहेगा, प्रदीप तेरा नाम रहेगा, इंकलाब जिंदाबाद आदि गगनभेदी नारों से गूंज उठा।

शहीद प्रदीप नैन के पार्थिव शरीर पर फूल बरसाए गए। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए लोग घरों की छतों पर चढ़ गए थे। अंतिम संस्कार से पहले सेना के जवानों ने हवा में गोली दाग कर व मातमी धुन बजाकर शहीद को अंतिम सलामी दी। शहीद के चचेरे भाई कुलदीप सिंह ने चिता को मुखाग्नि दी। Narwana News

बता दें कि नरवाना के गांव जाजनवाला निवासी 28 वर्षीय प्रदीप नैन गत 6 जुलाई शनिवार को देश की रक्षा करते हुए जम्मू कश्मीर के कुलगाम के मोडरगाम में आंतकियों से लोहा लेते हुए के दौरान शहीद हो गए। सोमवार सुबह को सेना के वाहन में शहीद प्रदीप कुमार का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा हुआ पैतृक गांव में पहुंचा। शहीद के पार्थिव शरीर के गांव में पहुंचने की सूचना मिलते ही समूचे गांव व आस पास के क्षेत्र के लोग अपने लाडले के अंतिम दर्शन व नमन करने के लिए हजारों की संख्या में एकत्रित हुए। गांव के शमशान घाट में शहीद प्रदीप नैन का अंतिम संस्कार किया गया। प्रदीप के परिवार का हज़ारों लोगों ने इस दुःख की घड़ी में ढांढस बँधाया।

2015 में हुआ था सेना में भर्ती | Narwana News

राष्ट्रीय राइफल्स के पैरा कमांडो लांस नायक शहीद प्रदीप नैन के पिता खेतीबाड़ी का काम करते हैं तथा माता रामस्नेही गृहणी है। 18 मार्च 2021 में मनीषा के साथ प्रदीप की शादी हुई थी, प्रदीप की पत्नी फिलहाल गर्भवती है कुछ समय बाद प्रदीप पिता बनने वाले थे। प्रदीप और छोटी बहन मंजुबाला की शादी एक साथ हुई थी। प्रदीप अपनी बहन का इकलौता लाडला भाई था। पिता बलवान सिंह ने बताया कि 12वीं कक्षा के बाद ही बेटा प्रदीप भारतीय सेना में भर्ती हो गया था।

बेटे प्रदीप का बचपन से ही भारतीय सेना में शामिल होकर देश की सेवा करने का जुनुन था। 2015 की भर्ती से पहले भी दो बार सेना में जाने के लिए प्रयास किया लेकिन वह असफल रहा। परंतु 2015 में तीसरी बार में उसने भर्ती पास कर देश की सेना में शामिल हो गया। 2019 में अपनी काबिलियत पर उसने राष्ट्रीय राइफल्स के पैरा कमांडो में ज्वॉइन कर लिया था। प्रदीप बहुत ही दिलेर लड़का था।

पार्थिव शरीर घर में पहुंचते ही हर किसी की आंखे हुई नम

शहीद प्रदीप अमर रहे के नारों के साथ गांव की मुख्य सडक़ से सेना के विशेष वाहन में पार्थिव शरीर उनके घर तक लाया गया। घर पहुंचने के साथ ही पूरा माहौल गमगीन बन गया गया और हर किसी की आंखे नम हो गई। अपने बेटे शहीद प्रदीप कुमार को तिरंगा में लिपटा देख मां राम स्नेही की आंखों से बरबस आंशू छलक पड़े, लेकिन वहां बेटे की शहादत का गर्व भी उनकी आंखों से साफ दिखाई दिया। वहीं दूसरी ओर प्रदीप कुमार की धर्मपत्नी मनीषा ने हाथ जोड़ते हुए अपने पति को अंतिम विदाई दी और शहादत को सलाम किया। Narwana News

महिलाओं ने शहीद की पत्नी मनीषा और मां रामस्नेही को ढांढस बंधाया। मनीषा ने कहा कि उनको पति की शहादत पर गर्व है। मां ने कहा कि देश पर अपनी जान न्यौछावर कर उनका बेटा अमर हुआ है। बेटे के पार्थिव शरीर को देखते ही बलवान सिंह की आंखों से भी रह-रह कर आंसू निकले, लेकिन उनके चेहरे पर गर्व का भाव भी था। मां और पिता अपने बेटे के जाने के गम को चाहकर भी नहीं छुपा पाए। शहीद प्रदीप कुमार की बहन मंजू बाला ने कहा कि प्रदीप न केवल मेरे अकेली का बल्कि देश की सभी बहनों का भाई था, देश का भाई देश पर कुर्बान हुआ है। ऐसा भाई होना नसीब की बात है।

15-20 खतरनाक ऑपरेशन में शामिल रह चुके थे प्रदीप नैन

प्रदीप नैन के बैच मैट रहे सफीदों के गांव मलार वासी मोहित शर्मा ने बताया कि प्रदीप ने 15-20 आपरेशन में भाग लिया था। जिसमें वह चाइना बार्डर पर भी तैनात रहा था। उसको जहां भी आपरेशन में भेज दिया जाता, वो सबसे आगे जाने की बात कहता रहता था। उसको इस बात का डर ही नहीं था, कि उसको आपरेशन में गोली लग जाएगी। उसको दिल्ली में 63 कालवरी में सर्वश्रेष्ठ वारियर के खिताब से नवाजा था।

उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर में भी सर्च आपरेशन में प्रदीप नैन को भेजा गया था। जहां पैरा कमांडो के साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस व सीआरपीएफ के जवान भी थे। उन्होंने बताया कि आपरेशन के तहत पुलिस जहां आंतकवादी घर में घुसे होते हैं, उस घर को पहले चारों से लोकल पुलिस घेर लेती है। उसके बाद वो पीछे हट जाते हैं, तो पैरा कमांडो मोर्चा संभाल लेते हैं।

शहीद होने से पहले 5 आतंकी किए थे ढेर | Narwana News

आर्मी वेटर्न एसोसिएशन के जोनल प्रेजिडेंट राजबीर सिंह ने बताया कि शहादत से पहले प्रदीप नैन ने 5 आतंकियों को मारकर ढेर किया था। प्रदीप नैन ही जवानों की टुकड़ी को लीड कर रहा था।आर्मी के अधिकारी, पूर्व अधिकारी और जवान और पुलिस के जवान बड़ी संख्या में शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए पहुंचे है। आतंकियों की गोली लगने से प्रदीप की शहादत हुई।

प्रदीप को स्काई डाइविंग करने का था शौक

प्रदीप नैन के बैच मैट रहे सफीदों के गांव मलार वासी मोहित शर्मा ने बताया कि वो हिम्मत वाला व निडर युवक था। उसको टैंक का भी ज्ञान था। वह पीटी में हमेशा प्रथम रहता था। उसको स्काई डाइविंग करने का भी शौक था। वह प्री फोलर जंपर था और दूसरों को स्काई डाइविंग करने का डेमो देता था। वह 30 हजार फीट की ऊंचाई से स्काई डाइविंग करते हुए अपने मोबाइल फोन में वीडियो बनाता था।

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उसने 100 से ज्यादा बार स्काई डाइविंग की है। उन्होंने बताया कि पैरा कमांडो में जाने के लिए 350 को कोर्स के लिए भेजा था। जिसमें से केवल 25 ही फीट हुए थे। वहीं हरियाणा के जींद जिला से प्रदीप नैन, वह (मोहित) तथा जींद वासी संजीव पैरा कमांडों में चयनित हुए थे।

प्रशासनिक अधिकारी और राजनीतिक लोग अंतिम विदाई देने पहुंचे

शहीद पैराकमांडो प्रदीप नैन को अंतिम विदाई देने के लिए जींद के डीसी मोहम्मद इमरान रजा, एसपी सुमित कुमार, नरवाना के एसडीएम अनिल दून, डीएसपी नरवाना अमित भाटिया,स्वास्थ्य मंत्री डॉ कमल गुप्ता , राज्यसभा सांसद सुभाष बराला, जजपा विधायक रामनिवास सुरजाखेड़ा, आप पार्टी के जनरल बॉडी प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल रंगा, कांग्रेस नेत्री सुमन बेदी, कांग्रेस नेत्री विद्या रानी दनौदा, सतबीर दबलैन, बिनैन खाप के प्रधान रघुबीर नैन सहित अन्य गणमान्य लोग पहुंचे हैं।

सीएम के प्रतिनिधि बनकर पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री

सीएम के प्रतिनिधि बनकर पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री डा. कमल गुप्ता ने कहा कि वह प्रदीप नैन की मां को सलाम करते हैं, जिसकी कोख से ऐसे वीर सपूत ने जन्म लिया।दुख होना तो स्वाभाविक है, क्योंकि जवान बेटा चला गया लेकिन दुख के साथ गर्व की भी बात है। प्रदीप नैन ने छह आतंकियों को मौत के घाट उतारकर अपने प्राणों की आहूति दी। सीएम नायब सिंह सैनी ने उन्हें यहां अपने प्रतिनिधि के रूप में भेजा है। शहीद के परिवार को जो भी घोषित सहायता होगी वह दी जाएगी, उससे ज्यादा देने का प्रयास रहेगा। Narwana News

सदियों तक रखा जाएगा प्रदीप की कुर्बानी को याद

राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने कहा कि यह दुख के साथ गर्व की बात है। जाजनवाला के वीर सपूत ने आतंकियों से लड़ते अपने प्राण न्यौछावर किए। आतंकवादियों के खिलाफ आपरेशन में प्रदीप की अहम भूमिका होती थी। प्रदीप ने कभी अपनी जान की परवाह नहीं की। देश की सुरक्षा उसके लिए सर्वोपरि थी। सदियों तक प्रदीप नैन की कुर्बानी को याद रखा जाएगा। ऐसे जवान बहुत कम पैदा होते हैं। परिवार की सरकार की तरफ से घोषित आर्थिक सहायता की जाएगी।

शहीदों की बदौलत देश होता है चैन की नींद

आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष जनरल बॉडी अनिल रंगा ने कहा कि शहीदों की बदौलत आज पूरा देश चैन की नींद सोता है। उन्होंने कहा कि शहीद प्रदीप नैन आतंकवादियों से लोहा लेते हुए अपनी शहादत देकर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि जम्मू काश्मीर में जिस तरह से प्रदीप नैन ने अपनी वीरता का परिचय देते हुए देश की रक्षा करते हुए अंतकवादियों से लौहा लिया, उससे भारतीय सैनिक की वीरता एवं देश के प्रति प्रेम की भावना झलकती है।

नरवाना के विधायक रामनिवास सुरजाखेडा ने कहा कि शहीद प्रदीप कुमार की सहादत को कभी भुलाया नही जा सके गा। शहीद प्रदीप कुमार की सहादत से जाजनवाला गांव का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। मैं व्यक्तिगत तौर पर भी इस परिवार के साथ हमेशा खड़ा मिलुंगा। शहीद प्रदीप कुमार मानसिक व शारीरिक तौर पर बहुत ही श्रैष्ठ थे, उनकी बहादूरी की बातें काफी सुनने को मिली हैं। प्रदीप कुमार के देश के प्रति इस बलिदान को शत-शत नमन है। Narwana News

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