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Monday, March 30, 2026
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    खेल को खेल ही रहने दें

    Let the game be game
    आईपीएल क्रिकेट भले ही दुबई में संपन्न हो रहा है, लेकिन भारत में प्रशंसकों का खुमार सिर चढ़कर बोल रहा है। खेल का प्रफुल्लित होना आवश्यक है लेकिन जिस प्रकार खेल को व्यक्तिगत रंग दिया जा रहा है वह वास्तव में खेल भावना को ठेस पहुंचाने वाला है। वरिष्ठ खिलाड़ियों की लोकप्रियता स्वाभाविक है लेकिन खेल को खिलाड़ी तक सीमित रखना चाहिए। ताजा मामले में आईपीएल कमेंट्री के दौरान प्रसिद्ध पूर्व खिलाड़ी सुनील गावस्कर द्वारा खिलाड़ियों के परिवार का जिक्र करना अलोचना का कारण बन रहा है। मैच की कमेंट्री में विराट कोहली के बुरे प्रदर्शन को लेकर उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा का जिक्र किया गया। सुनील गावस्कर जैसे वरिष्ठ खिलाड़ी से ऐसी उम्मीद नहीं की जा सकती थी। प्रशंसकों ने भी इसे अनावश्यक व खेल भावना के विपरीत बताया। यहां तक कि खुद विराट कोहली की पत्नी अनुष्का ने भी आपत्ति व्यक्त की और कहा कि उसका नाम मैच की कमेंट्री के दौरान क्यों घसीटा जाता है।
    दरअसल विराट कोहली अच्छा प्रदर्शन करेगा या बुरा, यह केवल बात ग्राउंड और खिलाड़ियों तक ही सीमित होनी चाहिए। खिलाड़ियों के प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं और जीत-हार एक सिक्के के दो पहलू होते हैं, हार को स्वीकार करना भी अपने-आप में योग्यता होती है। हार के लिए खिलाड़ियों के निजी जीवन में दखल देना किसी भी तरह उचित नहीं, भले ही यह मजाक हो या अचानक कही गई बात हो। इससे खिलाड़ी के मनोबल को ठेस पहुंचती है। पूर्व खिलाड़ियों को खेल परंपराओं को बरकरार रखने के प्रयास करने चाहिए। पुराने खिलाड़ियों के बोले हुए शब्द और व्यवहार नए खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बन जाते हैं। मैच में हार मिलने पर खिलाड़ियों का मजाक नए खिलाड़ियों के लिए मुसीबत बन जाता है, यह बिल्कुल उसी प्रकार है जैसे कई बार मैच हारने के बाद खिलाड़ी देश लौटने की बजाय प्रशंसकों के गुस्से से बचने के लिए कुछ वक्त किसी भी देश में बिताने चले जाते हैं। खेल सम्मान की बात करता है, भले ही वह सम्मान जीत की स्थिति में हो या हार की स्थिति में मिले। हर क्षेत्र में सदैव सुधार के प्रयास करना एवं गलतियों को न दोहराना ही सफलता का मंत्र माना जाता है। खेल में अपमान के लिए कोई जगह नहीं। खेल में किसी भी खिलाड़ी पर निजी टिप्पणी करने से बचा जाना चाहिए। खिलाड़ी ही खेल में सब कुछ होता है, जो जीत व हार दोनों हासिल करता है। हार जाने पर भी खिलाड़ी जीत प्राप्त करने के लिए संघर्ष करता है।

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