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    शीतकालीन सत्र: लोकसभा में सरकार ने कहा-देश में हिंटरलैंड आतंकवाद शून्य हुआ

    Lok Sabha

    उग्रवादी हिंसा में करीब 25 प्रतिशत की कमी आई

    नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। सरकार ने मंगलवार को कहा कि वर्ष 2020 में देश में हिंटरलैंड आतंकवाद शून्य के स्तर पर आ गया है जबकि वामपंथी उग्रवाद 95 की जगह 23 जिलों में सिमट गया है और बीते एक साल में उग्रवादी हिंसा में करीब 25 प्रतिशत की कमी आयी है। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने यहां लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि हिंटरलैंड आतंकवाद निर्दोष लोगों को निशाना बनाता है। मोदी सरकार के ठोस कदमों की वजह से यह अब लगभग समाप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 में हिंटरलैंड आतंकवाद की चार घटनाएं हुईं थीं जिनमें 23 लोगों की जानें गई थीं। वर्ष 2020 में यह आंकड़ा शून्य रहा।

    मृत्यु के आंकड़ों में 80 प्रतिशत की कमी

    राय ने कहा कि वामपंथी उग्रवाद की घटनाओं में वर्ष 2019 के मुकाबले 2020 में 70 प्रतिशत और नागरिकों पर हमलों में होने वाली मृत्यु के आंकड़ों में 80 प्रतिशत की कमी आयी है। वर्ष 2010 में वामपंथी उग्रवाद 95 जिलों से सिमट कर 2़020 में यह 23 जिलों में रह गया है। इसी तरह से 2021 में वामपंथी उग्रवादी हिंसा में करीब 25 प्रतिशत की कमी आयी है।

    आतंकवादी भी साइबर माध्यमों में अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं

    साइबर अपराधों के बारे में पूछे गए एक पूरक प्रश्न के उत्तर में गृह राज्य मंत्री ने कहा कि आतंकवादी एवं संगठित अपराधी भी साइबर माध्यमों में अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। इसे देखते हुए सरकार ने वर्ष 2008 के राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अधिनियम में संशोधन किया गया है इसमें एजेंसी को सीमापार भी जांच करने एवं गिरफ्तारी के अधिकार दिए गए हैं।

    किसानों के डाटा को कारपोरेट को नहीं दिया जाएगा : तोमर

    सरकार ने कहा कि इस माह के अंत तक करीब आठ करोड़ किसानों के डिजीटल प्रोफाइलिंग का काम पूरा हो जाएगा और यह डाटा कारपोरेट जगत के साथ साझा नहीं किया जाएगा। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक प्रश्न का जवाब देते हुए यह आश्वासन दिया। श्री तोमर ने कहा कि केन्द्र सरकार ने देश में डिजीटल एग्रीकल्चर मिशन प्रारंभ किया है। प्रारंभ में इसमें भू स्वामित्व वाले किसानों को जोड़ा जा रहा है, बाद में अनुबंध पर काम करने वाले भूमिहीन बटाईदारों को शामिल किया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि पांच करोड़ से अधिक किसानों के डाटा का डिजीटलीकरण कर दिया गया है और दिसंबर के अंत तक आठ करोड़ किसानों के डिजीटल प्रोफाइलिंग का काम पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि देश के किसानों के डाटा को कहीं भी साझा नहीं दिया जाएगा। डाटा की पूरी सुरक्षा के साथ मिशन को लागू किया जाएगा।

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