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    Malegaon blast case: ”मालेगांव ब्लास्ट कांग्रेस की सोची-समझी साजिश थी”

    Saffron terrorism
    Ravi Shankar Prasad

    नई दिल्ली। मालेगांव विस्फोट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत द्वारा सभी आरोपियों को दोषमुक्त किए जाने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस निर्णय के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोला और इस मामले को कांग्रेस की एक सुनियोजित साजिश बताया। Saffron terrorism

    भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने गुरुवार को आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “कांग्रेस द्वारा देश पर ‘हिंदू आतंकवाद’ का लेबल थोपने का जो षड्यंत्र रचा गया था, वह न्यायालय के निर्णय से पूर्णतः असफल हो गया है। मालेगांव विस्फोट केस में अदालत ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी अभियुक्त के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया जा सका। अभियोजन पक्ष अपनी बात साबित करने में असफल रहा।”

    उन्होंने आगे कहा कि “इस मामले में कर्नल श्रीकांत पुरोहित जैसे वीर सैनिक, जिन्होंने कश्मीर में आतंक के विरुद्ध बड़ी भूमिका निभाई, उन्हें भी इस साजिश का शिकार बनाया गया। साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर पर आरोप लगाया गया कि उनकी मोटरसाइकिल का उपयोग विस्फोट में हुआ, और उन्हें गंभीर मानसिक और शारीरिक यातनाएं दी गईं। यह सब केवल वोट बैंक की राजनीति के लिए किया गया। हम न्यायालय के इस निर्णय का स्वागत करते हैं।”

    कांग्रेस की एक “पूर्व नियोजित रणनीति”

    रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया कि यह कांग्रेस की एक “पूर्व नियोजित रणनीति” थी। उन्होंने कहा कि तत्कालीन गृह मंत्री पी. चिदंबरम और सुशील कुमार शिंदे ने ‘भगवा आतंकवाद’ शब्द को प्रचारित कर एक विकृत नैरेटिव गढ़ने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने तो यहां तक कह दिया था कि “हिंदू आतंकवाद लश्कर-ए-तैयबा से भी अधिक खतरनाक है।” Saffron terrorism

    प्रसाद ने कहा, “चिदंबरम साहब ने केवल पाकिस्तान को क्लीन चिट नहीं दी, बल्कि ‘भगवा आतंकवाद’ की अवधारणा लाकर देश की छवि को धूमिल करने की कोशिश की। उन्होंने सरकारी संस्थाओं का दुरुपयोग कर निर्दोष लोगों को फंसाने का कार्य किया।”

    बिहार चुनाव 2005 का हवाला देते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि “तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने गोधरा ट्रेन कांड की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश यू.सी. बनर्जी की अध्यक्षता में एक समिति बनाई, जिसने रिपोर्ट दी कि आग स्वयं कारसेवकों द्वारा चूल्हे से लगी। यह रिपोर्ट एक पूर्व नियोजित नरसंहार को एक साधारण दुर्घटना साबित करने का प्रयास था। मैंने उस समय इसे पक्षपातपूर्ण और बेबुनियाद बताया था और मेरे खिलाफ कार्रवाई की चुनौती दी थी, लेकिन वे कुछ नहीं कर सके।” Saffron terrorism

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