गुड डे डिफेन्स सैनिक स्कूल में एनडीए कोचिंग का आगाज कैडेट्स में दिखा उत्साह
हनुमानगढ़। गुड डे डिफेन्स सैनिक स्कूल की ओर से एनडीए कोचिंग का शुभारंभ किया गया है। कार्यक्रम में, एमडी दिनेश जुनेजा, कर्नल विक्रम सिंह, कोचिंग डायरेक्टर मनोज कुमार, प्रिंसिपल एन्थोनियम्मा पी, निदेशक एलपी जैन, प्रशासक अनुराग छाबड़ा मौजूद रहे। सभी वक्ताओं ने विद्यार्थियों को राष्ट्रसेवा, अनुशासन और समर्पण की भावना के साथ तैयारी करने का संदेश दिया। एमडी दिनेश जुनेजा ने अपने संबोधन में कहा कि हनुमानगढ़ जैसे सीमावर्ती क्षेत्र में रक्षा सेवाओं के प्रति युवाओं में विशेष उत्साह देखा जाता है, लेकिन सही दिशा और मार्गदर्शन के अभाव में कई प्रतिभाएं पीछे रह जाती हैं।
उन्होंने कहा कि गुड डे डिफेन्स का उद्देश्य केवल कोचिंग देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में सैनिक जीवन की मूल भावना अनुशासन, नेतृत्व, टीमवर्क और राष्ट्रभक्ति का विकास करना है। जुनेजा ने कहा कि संस्थान में एनडीए की लिखित परीक्षा के प्रत्येक विषय गणित, सामान्य ज्ञान और अंग्रेजी की सुदृढ़ तैयारी करवाई जाएगी। साथ ही एसएसबी इंटरव्यू के लिए व्यक्तित्व विकास, ग्रुप डिस्कशन, साइकोलॉजिकल टेस्ट और इंटरव्यू तकनीक पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। हमारा लक्ष्य परिणाम देना है। हम चाहते हैं कि हनुमानगढ़ के युवा नेशनल डिफेन्स एकेडमी में चयनित होकर अपने परिवार, जिले और प्रदेश का नाम रोशन करें। संस्थान विद्यार्थियों को नियमित टेस्ट सीरीज, शारीरिक फिटनेस गाइडेंस और अनुभवी फैकल्टी का मार्गदर्शन उपलब्ध कराएगा।
”बच्चों को सेना में करियर बनाने के लिए प्रेरित करें”
उन्होंने अभिभावकों से भी आह्वान किया कि वे अपने बच्चों को सेना में करियर बनाने के लिए प्रेरित करें और उनका मनोबल बढ़ाएं। कोचिंग डायरेक्टर मनोज कुमार ने कहा कि एनडीए की परीक्षा देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक है और इसमें सफलता के लिए निरंतर मेहनत, समय प्रबंधन और आत्मविश्वास आवश्यक है। उन्होंने बताया कि संस्थान में विद्यार्थियों को बेसिक से एडवांस स्तर तक पढ़ाया जाएगा, ताकि उनकी अवधारणाएं पूरी तरह स्पष्ट हो सकें। उन्होंने कहा कि एनडीए केवल एक नौकरी का माध्यम नहीं, बल्कि देश की सेवा का अवसर है। यहां हम विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रखेंगे, बल्कि उनमें नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता और मानसिक दृढ़ता विकसित करने पर भी ध्यान देंगे।
नियमित मॉक टेस्ट, पिछली परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों का विश्लेषण और व्यक्तिगत मार्गदर्शन के माध्यम से विद्यार्थियों को परीक्षा के लिए पूरी तरह तैयार किया जाएगा। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे लक्ष्य निर्धारित करें, अनुशासन अपनाएं और प्रतिदिन समर्पण के साथ तैयारी करें सफलता निश्चित रूप से उनके कदम चूमेगी। कर्नल विक्रम सिंह ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सेना में करियर केवल नौकरी नहीं, बल्कि सम्मान और जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं को शारीरिक फिटनेस, मानसिक दृढ़ता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर विशेष जोर दिया तथा अपने अनुभव साझा कर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। Hanumangarh News















