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    1 जुलाई से 15 सितंबर तक यमुना में खनन पर रोक, फिर भी किनारों पर दिन रात चल रहा है अवैध खनन

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    Khizrabad 1 जुलाई से 15 सितंबर तक यमुना में खनन पर रोक, फिर भी किनारों पर दिन रात चल रहा है अवैध खनन

    खिजराबाद, सच कहूं न्यूज राजेन्द्र कुमार। 1 जुलाई से लेकर 15 सिंतबर तक यमुना नदी से खनन पर पूरी तरह से प्रतिबंध होने के बावजूद यमुना के सबसे संवेदनशील क्षेत्र ताजेवाला के समीप यमुना नदी अवैध खनन से न केवल हर रोज सैकड़ों ट्रालियां पत्थर निकल रहा है, बल्कि यमुना नदी के किनारे बनाई गई पटरी के साथ से ही रेत भी निकाला जा रहा है। अवैध रुप से निकाला गया यह खनिज पटरी के रास्ते से ही ताजेवाला गांव से होता हुआ निकलता है। जबकि जिस जगह पर यह अवैध खनन हो रहा है उससे कुछ दूरी पर ही सिंचाई विभाग का कार्यालय है। यहां पर अगर खनन विभाग भी रेड डालना चाहे तो चाहे जब मर्जी अवैध खनन कर रहे वाहनों को पकड़ सकता है, क्योंकि यमुना से वाहनों को भगाना इतना आसान नहीं है, मगर इतना सब कुछ बिना मिलीभगत के हो रहा है ऐसा संभव ही नहीं है।

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    ताजेवाला हथिनीकुंड बैराज के समीप यमुना का सबसे संवेदनशील क्षेत्र है, हथिनीकुंड बैराज से ही दिल्ली समेत अन्य राज्यों को पानी का ड्रिस्टीब्यूशन होता है। यह पूरा क्षेत्र इको सेंसटिव जोन होने की वजह से यहां पर एक बार खनन घाट की नीलामी भी नहीं हो पाई थी। मगर बिना नीलामी के लिए हर रोज कई लाख का पत्थर यहां से चोरी हो रहा है। इसके साथ ही रेत-बजरी भी खुलेआम दिन के समय निकाली जा रही है। ताजेवाला में यमुना की जो पटरी बनाई गई है, बिल्कुल उसके नीचे ट्रैक्टर-ट्रालियों की मदद से रेत-बजरी निकाला जा रहा है। यहां से कुछ दूरी पर ही सिंचाई विभाग का कार्यालय है जिसके सामने ही यह यमुना नदी का हिस्सा है जहां पर धड़ल्ले से अवैध रुप से खनिज सामग्री निकाली जा रही है। सच कहूं की टीम जब दोपहर के समय मौके पर पहुंची तो देखा कि मौके पर दर्जनों की संख्या में ट्रैक्टर-ट्रालियां बिना किसी डर के यमुना नदी से पत्थर व रेत आदि निकाल रही थी। यमुना के हरियाणा की ओर पटरी के किनारे के अलावा रिवर बेड से पानी के बीच से रेत झ्रबजरी व पत्थर निकाला जा रहा था।

    जबकि मिनिस्ट्री आफ एनवायरमेंट एंड फारेस्ट व एनजीटी के आदेशों के मुताबिक यमुना के बीच से माइनिंग 1 जुलाई से 15 सितंबर तक पूरी तरह से प्रतिबंधित है उसके बावजूद सिंचाई विभाग न ही खनन विभाग इसको रोक रहा है। यानी यमुनानगर में केंद्र या एनजीटी के आदेशों की पालना को लेकर किसी को चिंता नहीं है। सिंचाई विभाग कार्यकारी अभियंता विजय गर्ग से जब फोन पर संपर्क करने की कोशिश की तो उन्होंने फोन ही नहीं उठाया जब अधिकारियों का रवैया इस प्रकार का रहेगा तो यमुना में अवैध खनन होता रहेगा ।

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