भागीरथ चौधरी, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भारत सरकार
Farmer News: भारत की आत्मा गांवों में बसती है और गांवों की आत्मा किसान है। किसान केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था, संस्कृति और आत्मनिर्भरता का आधार स्तंभ है। एक किसान परिवार में जन्म लेने और खेत-खलिहान में स्वयं श्रम करने के कारण मैं भलीभांति समझता हूं कि खेती केवल पेशा नहीं, बल्कि जीवन का दर्शन है। हल चलाने से लेकर निराई-गुड़ाई तक खेत के हर कार्य को अपने हाथों से करने का अनुभव मुझे किसानों की वास्तविक जरूरतों और चुनौतियों को समझने की दृष्टि देता है।
आज जब मुझे नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार में कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर मिला है, तो यह मेरे लिए केवल एक पद नहीं, बल्कि किसानों के प्रति सेवा और उत्तरदायित्व का संकल्प है। पिछले लगभग 12 वर्षों में मोदी सरकार ने कृषि क्षेत्र को सशक्त, आधुनिक और लाभकारी बनाने के लिए अनेक ऐतिहासिक और दूरगामी निर्णय लिए हैं। Farmer News
सरकार की नीतियों का मूल उद्देश्य किसान को बीज से बाजार तक सशक्त बनाना है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से करोड़ों किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जो आज उनके सम्मान और सुरक्षा का प्रतीक बन चुकी है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ने प्राकृतिक आपदाओं के समय किसानों को सुरक्षा कवच दिया है। नीम कोटेड यूरिया ने उर्वरकों के उपयोग में पारदर्शिता और संतुलन लाया है। ई-नाम प्लेटफॉर्म के माध्यम से देशभर की मंडियों को डिजिटल रूप से जोड़ा गया है, वहीं एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) योजना ने किसानों की सामूहिक शक्ति और सौदेबाजी क्षमता को मजबूत किया है।
इन प्रयासों का ही परिणाम है कि आज भारत कृषि उत्पादन में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। हमारे अन्नदाताओं के अथक परिश्रम, वैज्ञानिक खेती पद्धतियों और किसान-हितैषी नीतियों के चलते देश चावल उत्पादन में विश्व के अग्रणी देशों में शामिल हो चुका है। वर्ष 2014 के बाद से देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में लगभग 40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। गेहूं, चावल, मक्का, सोयाबीन और मूंगफली जैसे प्रमुख फसलों में रिकॉर्ड उत्पादन इस बात का प्रमाण है कि भारतीय कृषि अब आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही है।
वर्तमान समय में सरकार का विशेष फोकस फसल विविधीकरण (Crop Diversification) पर है। किसानों की आय बढ़ाने, जल संरक्षण सुनिश्चित करने और कृषि को टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से तंबाकू तथा अधिक पानी की खपत वाली पारंपरिक फसलों के विकल्प विकसित किए जा रहे हैं। तंबाकू के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को ध्यान में रखते हुए किसानों को मिलेट्स, दलहन, तिलहन, बागवानी और पशुपालन जैसी गतिविधियों की ओर प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह परिवर्तन पूरी तरह स्वैच्छिक और चरणबद्ध है, ताकि किसानों पर किसी प्रकार का आर्थिक दबाव न पड़े और उनकी आय के स्रोत भी विविध हों। Farmer News
इसी प्रकार हरित क्रांति से प्रभावित उन राज्यों में, जहां गेहूं और धान जैसी जल-गहन फसलें बड़े पैमाने पर उगाई जाती हैं, वहां प्रधानमंत्री कृषि विकास योजना के अंतर्गत लगभग 10 प्रमुख राज्यों में वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में परिस्थितियां अनुकूल हैं, वहां कपास, दलहन, तिलहन और मोटे अनाज (मिलेट्स) की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे जल का संतुलित उपयोग हो और किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त हो सके।
कुछ विपक्षी नेताओं, जिनमें राहुल गांधी भी शामिल हैं, द्वारा भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। यह कहा जा रहा है कि इससे भारतीय किसानों को नुकसान होगा। यह आरोप पूरी तरह भ्रामक और निराधार हैं। भारत सरकार किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते में किसानों के हितों को सर्वोपरि रखती है। हर समझौते में यह सुनिश्चित किया जाता है कि भारतीय किसानों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता सुरक्षित रहे और घरेलू बाजार प्रभावित न हो। वास्तविकता यह है कि सरकार कृषि निर्यात को बढ़ाकर भारतीय किसानों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
राजस्थान में भी आज किसानों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हो रहा है। भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार और केंद्र सरकार मिलकर किसानों के हित में योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर रही हैं। डबल इंजन सरकार का लाभ किसानों को सिंचाई, कृषि अवसंरचना, प्राकृतिक खेती और बाजार सुविधाओं के रूप में मिल रहा है। इससे राज्य के किसान नई तकनीकों और बेहतर अवसरों से जुड़ रहे हैं।
मेरे लिए राजनीति कभी भी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा का माध्यम नहीं रही। मैं हमेशा इसे सेवा का साधन मानता हूं। किसान, मजदूर, गरीब और वंचित वर्ग की समस्याओं का समाधान करना मेरी प्राथमिकता रही है और आगे भी रहेगा। आज भी जब अवसर मिलता है, मैं अपने गांव और खेतों में अवश्य जाता हूं। मेरा पहनावा और जीवनशैली उस मिट्टी से मेरे जुड़ाव का प्रतीक है, जिसने मुझे जीवन के मूल्यों से परिचित कराया।
आज भारत आत्मनिर्भर कृषि की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है—किसानों की आय बढ़ाना, कृषि को आधुनिक बनाना और भारत को वैश्विक कृषि शक्ति के रूप में स्थापित करना। आधुनिक तकनीक, मूल्य संवर्धन, बेहतर बाजार और नीति समर्थन के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाया जा रहा है।
मुझे पूर्ण विश्वास है कि देश का किसान अपने परिश्रम, नवाचार और सरकार के सहयोग से आने वाले वर्षों में और अधिक समृद्ध होगा। जब हमारा अन्नदाता सशक्त होगा, तभी भारत सशक्त और समृद्ध बनेगा—यही हमारा संकल्प है, यही हमारी दिशा है। Farmer News
(लेखक – भारत सरकार में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री है।)
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