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    Haryana Monsoon: हरियाणा में इस दिन आएगा मॉनसून! किसानों के लिए राहत की खबर, झमाझम बारिश…

    Haryana Monsoon
    Haryana Monsoon: हरियाणा में इस दिन आएगा मॉनसून! किसानों के लिए राहत की खबर, झमाझम बारिश...

    हिसार (सच कहूँ/संदीप सिंहमार)। Haryana Monsoon: दक्षिण-पश्चिम मानसून की गति सुस्त होने व पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कम होने से उत्तरभारत के मैदानी इलाकों को एक बार फिर गर्मी की तपिश बढ़ गई है। आईएमडी की वैधशाला में दर्ज आंकड़ो के अनुसार राजस्थान का श्रीगंगानगर देशभर में सर्वाधिक गर्म रहा। यहाँ का अधिकतम तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुँच गया। भारत मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए हरियाणा, पंजाब व राजस्थान में भीषण गर्मी का अलर्ट जारी किया है। Haryana Monsoon

    इस दौरान अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने के साथ-साथ घुलभरी गर्म हवाएं भी चल सकती हैं।मौसम विभाग की माने तो अभी गर्मी से निजात पाने के लिए एक सप्ताह का इंतजार करना पड़ सकता है। वैसे भी उत्तर भारत के इलाकों में मानसून जून के अंतिम दिनों में प्रवेश करता है लेकिन उससे पहले मौसमी सिस्टम बनने से 14 जून के बाद हल्के से मध्यम स्तर की बरसात हो सकती है। भारत मौसम विभाग ने वर्तमान में अधिकतम व न्यूनतम तापमान बढ़ने के साथ-साथ धूलभरी आंधी के लिए भी चेताया है।

    मानसून की गति धीमी होने से बढ़ी गर्मी | Haryana Monsoon

    मानसून ने इस साल समय से पहले और मजबूत दस्तक दी थी, लेकिन अब सुस्त पड़ गया है। निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक सामान्य रूप से कमजोर मानसूनी धारा पूर्वोत्तर भारत में बारिश बढ़ाती है, जिससे असम घाटी में बाढ़ की स्थिति बन जाती है। इसी क्रम में असम में तेज बारिश हुई और बाढ़ की स्थिति बनी। अब पूर्वोत्तर में बारिश में कमी आई है, जिससे कुछ क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति में सुधार हो रहा है। हालांकि, इस क्षेत्र की विशेषता है कि बारिश रुकने के बाद भी नदियों और जलधाराओं में बहाव कुछ दिनों तक जारी रहता है।मानसून की उत्तरी सीमा 26 मई से मुंबई और पश्चिमी तर पर स्थिर बनी हुई है। इसकी पूर्वी शाखा भी सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल से आगे बढ़ने में असमर्थ है। कोलकाता अब तक अपनी पहली मानसूनी वर्षा का इंतजार कर रहा है।

    14 जून से राहत की उम्मीद

    11 जून को पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है, जो 12 जून तक और सक्रिय होकर दक्षिण प्रायद्वीप की ओर बढ़ सकता है। इस सिस्टम के प्रभाव से 11 जून को आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और कर्नाटक में हल्की से मध्यम वर की शुरूआत होगी। इसके बाद अगले 2-3 दिनों में कर्नाटक और महाराष्ट्र के आंतरिक क्षेत्रों में वर्षा की तीव्रता और क्षेत्रफल दोनों में बढ़ोत्तरी होगी। केरल, तटीय कर्नाटक, गोवा और कोंकण क्षेत्र में भारी से बहुत भारी बारि संभव है। Haryana Monsoon

    पर हरियाणा, पंजाब,राजस्थान, दिल्ली एनसीआर में इसका असर 14 जून के बाद ही देखने को मिल सकता है। वहीं मानसून का प्रवेश हवा की दिशा पर निर्भर करता है। मौसम विभाग की मानें को इस साल दक्षिण पश्चिमी मानसून अपने समय पर यानी कि 28 जून से 3 जुलाई के बीच में दिल्ली, राजस्थान या उत्तराखंड के रास्ते से होकर हरियाणा में आ सकता है।

    8 जून को दर्ज मुख्य अधिकतम तापमान (डिग्री सेल्सियस) | Haryana Monsoon

    • श्रीगंगानगर : 47.4
    • बीकानेर : 46.0
    • बाड़मेर : 45.9
    • सरसा: 45.8
    • चूरू : 45.6
    • फलोदी : 45.4
    • रोहतक: 45.3
    • जैसलमेर : 45.2
    • कोटा : 45.0

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