
प्रदेश सरकार किसान हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है, मिल प्रशासन पूरी पारदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है- सीईओं एवं एसडीएम शिवजीत भारती
- किसान और मिल एक-दूसरे के है पूरक, यदि किसान अपना पूरा गन्ना मिल में सप्लाई करेंगे तो उत्पादन में निरंतरता बनी रहेगी एवं भुगतान प्रक्रिया और अधिक मजबूत होगी- यूनिट हैड वी.के. सिंह
नारायणगढ (सचकहूंँ /सुरजीत कुराली)। Naraingarh Sugar Mills: नारायणगढ़ चीनी मिल लिमिटेड बनौन्दी द्वारा पेराई सत्र 2025-26 के अंतर्गत 14 जनवरी 2026 तक का गन्ना भुगतान किसानों को कर दिया गया है। मिल प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि आगे भी गन्ना भुगतान सुचारू रूप से जारी रहेगा और चीनी मिल सारा गन्ना भुगतान करने में सक्षम रहेगी। इस बारे में जानकारी देते हुए शुगर मिल की सीईओं एवं एसडीएम शिवजीत भारती तथा यूनिट हैड वी.के. सिंह ने नारायणगढ़ चीनी मिल से जुड़े सभी किसान भाईयों से अनुरोध किया है कि वे अपना गन्ना कोलहू क्रैशरों एवं अन्य चीनी मिलों में ना डाले, किसान अपना सारा गन्ना नारायणगढ़ चीनी मिल में ही सप्लाई करे। ताकि चीनी मिल अधिक दिन लम्बे समय तक सुचारू रूप से चलती रहे जिसके चलने से चीनी एवं बिजली का उत्पादन अधिक होगा और पेराई सत्र 2025-26 का पूर्ण गन्ना भुगतान करना सम्भव हो पाएगा। Naraingarh News
एसडीएम एवं मिल की सीईओ शिवजीत भारती ने कहा कि प्रदेश सरकार किसान हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है तथा मिल प्रशासन पूरी पारदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।
उन्होंने किसान भाइयों से अनुरोध करते हुए कहा कि वे अपना गन्ना कोहलू क्रैशरों अथवा अन्य चीनी मिलों में न डालें, बल्कि अपनी नारायणगढ़ चीनी मिल में ही सप्लाई करें। इससे मिल लंबे समय तक संचालित रहेगी, जिससे चीनी एवं बिजली उत्पादन में वृद्धि होगी और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि किसानों के सहयोग से पेराई सत्र 2025-26 का संपूर्ण गन्ना भुगतान समयबद्ध रूप से पूर्ण कर दिया जाएगा।
मिल के यूनिट हेड वी.के. सिंह ने कहा कि मिल की उत्पादन क्षमता पूरी तरह सक्षम है और गन्ने की पर्याप्त उपलब्धता होने पर पेराई कार्य लंबे समय तक निरंतर चलाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि गन्ना तौल, पर्ची वितरण एवं भुगतान प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने कहा कि किसान और मिल एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि किसान अपना पूरा गन्ना मिल में सप्लाई करेंगे तो उत्पादन में निरंतरता बनी रहेगी और भुगतान प्रक्रिया और अधिक मजबूत होगी। मिल प्रशासन किसान हित में पूरी तरह प्रतिबद्ध है और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। Naraingarh News
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