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    रणकौशल के गुर साझा करेंगी भारत और रूस की नौसेना

    India and Russia Navy

    दोनों पक्षों ने रक्षा सहयोग को बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की

    नयी दिल्ली (एजेंसी)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मास्को यात्रा के बीच रूस और भारत की नौसेना शुक्रवार से बंगाल की खाड़ी में दो दिन तक नौसैनिक अभ्यास ‘इन्द्र नेवी’ में एक दूसरे के साथ रण कौशल संबंधी गुर साझा करेंगी। सिंह अभी तीन दिन की यात्रा पर रूस गये हुए हैं। उन्होंने गुरूवार को ही अपने रूसी समकक्ष जनरल सर्गेई शोइगू के साथ द्विपक्षीय बातचीत की जिसमें दोनों पक्षों ने विभिन्न क्षेत्रों में रक्षा सहयोग को बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। वर्ष 2003 के बाद से हर दो वर्ष में होने वाला यह अभ्यास दोनों नौसेनाओं के बीच दीर्घकालिक सामरिक संबंधों का प्रतीक है।

    समय के साथ साथ इस अभ्यास में परिपक्वता आयी है और इसका दायरा तथा विभिन्न अभियानों की जटिलता के साथ साथ इसमें शामिल किये जाने वाले प्लेटफार्म की हिस्सेदारी भी बढ़ी है। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच चले आ रहे परस्पर तालमेल तथा विभिन्न अभियानों के लिए आपसी समझ को और बढ़ाना है। इस अभ्यास के दौरान कुछ अन्य समुद्री अभियानों को भी शामिल किया गया है हालाकि कोरोना महामारी के कारण इस बार यह अभ्यास केवल समुद्र तक ही सीमित रखा गया है और दोनों पक्षों के नौसैनिक समुद्र के बाहर जमीन पर मिलकर अभ्यास नहीं करेंगे।

    पिछला अभ्यास वर्ष 2018 में विशाखापतनम में हुआ था

    भारतीय नौसेना की ओर से अभ्यास में मिसाइल विध्वंसक रणविजय , स्वदेशी फ्रिगेट सहयाद्री और फ्लीट टेंकर शक्ति अपने हेलिकॉप्टर के साथ हिस्सा लेंगे। इस बीच सहयाद्री को श्रीलंका के निकट आग की चपेट में आये व्यापारिक जहाज एमटी न्यू डायमंड को सहायता पहुंचाने के लिए भेजा गया है। रूस की ओर से विध्वंसक एडमिरल विनोग्रेडोव , एडमिरल ट्रिबूट और फ्लीट टैंकर बोरिस बुटोमा अभ्यास में हिस्सा ले रहे हैं। दोनों नौसेनाओं के बीच पिछला अभ्यास वर्ष 2018 में विशाखापतनम में हुआ था।

     

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