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    नए कृषि कानून का विरोध: राहुल गांधी ने फिर प्रधानमंत्री पर साधा निशाना

    rahul gandhi

    कोरोना के डर से घर में छिपकर बैठने के बजाय काले कानूनों को रद्द करवाकर दम लेंगे : राहुल

    संगरूर (सच कहूँ न्यूज)। कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने केन्द्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुये कहा है कि नये कृषि कानूनों की आड़ में खरीद सिस्टम को दुरूस्त करने के बजाय इसे नष्ट किया जा रहा है जिसका बुरा असर किसानों पर ही नहीं बल्कि पूरे देश पर पड़ेगा। तीन दिन की खेती बचाओ यात्रा के दूसरे दिन गांधी ने सोमवार को बरनाला चौक पर रैली को संबोधित करते हुये कहा कि मोदी सरकार को सत्ता पर काबिज हुये छह साल हो गये और यह सरकार गरीब ,किसान और मजदूर विरोधी नीतियां बनाकर इन पर लगातार हमले कर रही है। अब नीतियां इनकी मदद के लिये नहीं बल्कि कुछ गिने चुने औद्योगिक घरानों के लिये बनायी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि नोटबंदी में बैंकों में जमा पैसा पांच -छह मित्र घरानों का कर्जा माफ करने में लगा दिया तथा काला धन का मामला जस की तस रहा ।  जीएसटी ने छोटे दुकानदारों को खत्म कर दिया । उसके बाद कोरोना संकट में कितने किसान भूखों पैदल चले लेकिन उनकी मदद को सरकार के हाथ नहीं बढ़े ।

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    सभी मोदी सरकार को छोटे उद्योगों को बचाने की अपील करते रहे लेकिन कोई आवाज नहीं सुनी गई । अब भविष्य में नौजवानों को रोजगार के अवसर नहीं मिल सकेंगे। गांधी ने कहा कि कोरोना संकट में नये कानून लाने की इतनी जल्दी क्या थी। सरकार को गलतफहमी थी कि इसके विरोध में लोग बाहर नहीं निकलेंगे। यह सब अंबानी तथा अडानी के लिये किया गया। पीडीएस सिस्टम की कमियों को दूर करने तथा एमएसपी की गारंटी की जरूरत है। अब इन कानूनों से किसानों का गला काटने की तैयारी है। अनाज खरीद से लेकर मंडियों तक पूरी चेन तबाह होकर लाखों करोड़ों लोग बेरोजगार हो जायेंगे। कालू कानूनों के जरिये केन्द्र सरकार का लक्ष्य आजादी छीनने का है। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने काले कानूनों के खिलाफ लड़ रहे किसानों को अपनी सरकार तथा पार्टी का पूरा समर्थन देने की प्रतिबद्धता जताते हुये कहा कि नये कृषि कानूनों के जरिये आढ़ती तथा किसान का रिश्ता खत्म कराने की कोशिशें की जा रही हैं ।

    राज्य में 70 फीसदी किसान पांच एकड़ जमीन वाले तथा इनमें से आधे दो एकड़ से भी कम के हैं । मक्की का एमएसपी साढ़े 1800 रुपए प्रति क्विंटल है लेकिन 600 रुपए क्विंटल खरीद की जा रही है । यही हाल गेहूं तथा धान का होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान के बुरे समय में आढ़ती ही काम आता है । इसके बाद किसान अंबानी अडानी के पास जायेंगे । इसके अलावा मंडी बोर्ड को सालाना चार हजार करोड़ की आमदनी होती है लेकिन अब लिंक रोड कैसे बनेंगे । गांधी जब अगले प्रधानमंत्री बनेंगे तब ही इन कानूनों को रद्द करायेंगे। इस यात्रा में गांधी के साथ पंजाब कांग्रेस मामलों के प्रभारी हरीश रावत ,राजिंदर कौर भट्ठल , विजय इंदर सिंगला , दीपेंन्द्र हुड्डा भी मौजूद थे। यह यात्रा भवानीगढ़ होते हुये फतहगढ़ छन्ना ,बहमना होते हुये पटियाला जिले के समाना में ग्रेन मार्केट में होने वाली रैली के बाद समाप्त होगी ।

     

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