UP News: लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे और हाईवे का जाल बिछाने के बाद अब बारी है रेलवे नेटवर्क को आधुनिक बनाने की। सड़कों के बाद रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को ग्लोबल स्टैंडर्ड पर ले जाने के लिए प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इसी दिशा में जर्मनी की अग्रणी रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी RAILONE GmbH के साथ ₹200 करोड़ के निवेश का समझौता (MoU) किया गया है।
जर्मनी दौरे पर हुआ बड़ा करार | UP News:
जर्मनी यात्रा के दौरान यूपी के डिप्टी सीएम Keshav Prasad Maurya ने कंपनी की फैक्ट्री का दौरा किया और आधुनिक रेलवे ट्रैक निर्माण तकनीकों का निरीक्षण किया। इस दौरान नई मशीनों, कंक्रीट स्लीपर निर्माण की उन्नत प्रक्रियाओं और गुणवत्ता नियंत्रण के अंतरराष्ट्रीय मानकों को करीब से देखा गया। बताया जा रहा है कि यह समझौता प्रदेश में एडवांस रेलवे ट्रैक तकनीक लाने की दिशा में अहम कदम साबित होगा।
क्या बदलेगा यूपी का रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर?
सरकार का लक्ष्य सिर्फ ट्रैक बिछाना नहीं, बल्कि रेलवे को सुरक्षित, तेज और टिकाऊ बनाना है। इस निवेश से:
- हाईटेक कंक्रीट स्लीपर और मॉडर्न ट्रैक तकनीक आएगी
- ट्रेनों की रफ्तार में सुधार होगा
- रखरखाव (मेंटेनेंस) लागत कम हो सकती है
- सुरक्षा मानकों में मजबूती आएगी
- माल ढुलाई और यात्री परिवहन दोनों को फायदा मिलेगा
सीएम योगी के विजन से जुड़ी पहल
यह पहल मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के उस विजन का हिस्सा मानी जा रही है, जिसके तहत उत्तर प्रदेश को मजबूत और आधुनिक बुनियादी ढांचे से लैस करना लक्ष्य है। एक ओर जहां एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी को नई पहचान दे रहे हैं, वहीं अब रेलवे नेटवर्क को भी ग्लोबल स्टैंडर्ड पर लाने की तैयारी है। इससे प्रदेश में निवेश, उद्योग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी गति मिलने की उम्मीद है।
आम जनता को क्या होगा फायदा?
- बेहतर और स्मूद रेल यात्रा
- समय की बचत
- सुरक्षित ट्रैक सिस्टम
- रोजगार के नए अवसर
- औद्योगिक विकास को बढ़ावा
सरकार का दावा है कि यह समझौता प्रदेश की कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा और यूपी को ट्रांसपोर्ट हब के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा। उत्तर प्रदेश में सड़क के बाद अब रेल क्रांति की तैयारी है। जर्मन तकनीक के सहयोग से रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने की यह पहल आने वाले वर्षों में प्रदेश की तस्वीर बदल सकती है।















