हमसे जुड़े

Follow us

12 C
Chandigarh
Sunday, February 8, 2026
More
    Home राज्य दिल्ली/यूपी निर्भया: नाबा...

    निर्भया: नाबालिग होने के दावे संबंधी पवन की क्यूरेटिव याचिका खारिज

    Nirbhaya case

     सरकारी वकील बोले- किसी दोषी के पास अब कोई विकल्प नहीं

    नई दिल्ली (एजेंसी)। देश को दहला देने वाले निर्भया दुराचार एवं हत्या मामले के गुनाहगार पवन का एक और पैंतरा गुरुवार को उस वक्त नाकाम हो गया, जब उच्चतम न्यायालय ने उसके नाबालिग होने के दावे को ठुकरा दिया। शीर्ष अदालत ने चैंबर में सकुर्लेशन के जरिए यह कहते हुए पवन की क्यूरेटिव पिटीशन खारिज कर दी और कहां कि इसमें कोई नया आधार नजर नहीं आ रहा है। इसलिए मृत्यदंड पर रोक की अर्जी खारिज की जाती है। पवन ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में एक और कयूरेटिव पिटीशन दायर की थी जिसमें कहा गया था कि वारदात के समय वह नाबालिग था इसलिए उसकी फाँसी की सजा खारिज की जाए।

    चारों दोषियों को कल सुबह फांसी लगभग तय

    यह याचिका पवन ने सुप्रीम कोर्ट में उसकी पुनर्विचार याचिका खारिज होने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर की। इस कयूरेटिव याचिका खारिज होना तय था कयोकिं पवन की नाबालिग होने की दलील को सुप्रीम कोर्ट पहले ही खारिज कर चुका है, यह याचिका जजों ने अपने चेंबर में सुनी थी जिसमें किसी तरफ का वकील जिरह के लिए मौजूद नहीं होता है, जज अपने पुराने फैसले के संदर्भ में यह देखते हैं कि दोषी कोई बहुत अहम कानूनी पहलू तो नहीं ले आया है जो कि कोर्ट में पहले जजों के सामने न रखा गया हो, इस मामले में सभी दोषी अपनी अपनी दलीलों को कई कई बार कोर्ट में रख चुके हैं जिन्हें सुप्रीम कोर्ट खारिज कर चुका है।

    ट्रायल कोर्ट ने चारों दोषियों को फाँसी पर लटकाने के लिए 20 मार्च की सुबह का डेथ वारंट जारी किया हुआ है। सरकारी वकील ने दिल्ली की दिल्ली की सेशंस कोर्ट में बताया कि चारों दोषियों के पास अदालत में अब कोई विकल्प बाकी नहीं है।

    अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।